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समान नागरिक संहिता का विरोध करेगी कांग्रेस

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नई दिल्ली. कांग्रेस के प्रवक्ता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने समान नागरिक संहिता का पुरजोर विरोध करने की घोषणा करते हुए कहा है कि ऐसा कोई कदम उठाने पर देश में तबाही मच जायेगी. उन्होंने केन्द्र सरकार द्वारा समान नागरिक संहिता पर विचार किए जाने के संकेत मात्र दिये जाने के बाद उक्त टिप्पणी की.

कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने केंद्र सरकार को आगाह किया है कि वह समान नागरिक संहिता के मसले पर कोई कदम उठाने की ना सोचे और पर्सनल लॉ के साथ भी कोई छेड़छाड़ न करे. श्री तिवारी ने कहा, ‘समान नागरिक संहिता शुरुआत से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का एजेंडा रहा है. हमें यह नहीं भूलना चाहिये कि भारत एक विविधतापूर्ण देश है, यहां लोग अपने पर्सनल लॉ का भी अनुसरण करते हैं. ये सामाजिक और पर्सनल लॉ हजारों, हजार साल की परंपरा से बनते हैं. इनके साथ छेड़छाड़ हुई तो देश में तबाही मच जायेगी.’

कानून मंत्री श्री रवि शंकर प्रसाद ने बीजेपी सांसद योगी आदित्यनाथ के सवाल पर संसद में समान नागरिक संहिता पर पहली बार सरकार का पक्ष रखते हुए कहा था कि सरकार इसे लागू करने से पहले सभी पक्षों की राय लेगी. सांसद योगी आदित्यनाथ ने पूछा था कि क्या समान नागरिक संहिता लागू करने के लिये सरकार के पास कोई प्रस्ताव है. योगी आदित्यनाथ ने कहा, समान नागरिक संहिता देश की एकता और अखंडता के लिये जरूरी है. यही वजह है कि इसे लागू करने की जरूरत है.

योगी आदित्यनाथ के सवाल पर कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘समान नागरिका संहिता के लिये हमारे संविधान में भी प्रावधान है. संविधान के अनुच्छेद 44 में समान नागरिक संहिता का प्रावधान है. समान नागरिक संहिता को लागू कराने के लिये सभी पक्षों की राय ली जायेगी।’

देश के सभी नागरिकों पर एक सा कानून लागू न होने और उससे उपजी परिस्थितियों के दृष्टिगत सर्वोच्च न्यायालय ने समान नागरिक संहिता लागू किये जाने का निर्णय सुनाया था . इसी निर्णय के तहत तथा अपनी वर्षों पुरानी माँग को लागू करने के लिये जब भाजपा सरकार ने इस पर विचार करने का मन बनाया तो सबसे पहले कांग्रेस ने इसका विरोध शुरू कर दिया.

जबलपुर. कांग्रेस के प्रवक्ता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने समान नागरिक संहिता का पुरजोर विरोध करने की घोषणा करते हुए कहा है कि ऐसा कोई कदम उठाने पर देश में तबाही मच जायेगी. उन्होंने केन्द्र सरकार द्वारा समान नागरिक संहिता पर विचार किए जाने के संकेत मात्र दिये जाने के बाद उक्त टिप्पणी की.

कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने केंद्र सरकार को आगाह किया है कि वह समान नागरिक संहिता के मसले पर कोई कदम उठाने की ना सोचे और पर्सनल लॉ के साथ भी कोई छेड़छाड़ न करे. श्री तिवारी ने कहा, ‘समान नागरिक संहिता शुरुआत से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का एजेंडा रहा है. हमें यह नहीं भूलना चाहिये कि भारत एक विविधतापूर्ण देश है, यहां लोग अपने पर्सनल लॉ का भी अनुसरण करते हैं. ये सामाजिक और पर्सनल लॉ हजारों, हजार साल की परंपरा से बनते हैं. इनके साथ छेड़छाड़ हुई तो देश में तबाही मच जायेगी.’

कानून मंत्री श्री रवि शंकर प्रसाद ने बीजेपी सांसद योगी आदित्यनाथ के सवाल पर संसद में समान नागरिक संहिता पर पहली बार सरकार का पक्ष रखते हुए कहा था कि सरकार इसे लागू करने से पहले सभी पक्षों की राय लेगी. सांसद योगी आदित्यनाथ ने पूछा था कि क्या समान नागरिक संहिता लागू करने के लिये सरकार के पास कोई प्रस्ताव है. योगी आदित्यनाथ ने कहा, समान नागरिक संहिता देश की एकता और अखंडता के लिये जरूरी है. यही वजह है कि इसे लागू करने की जरूरत है.

योगी आदित्यनाथ के सवाल पर कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘समान नागरिका संहिता के लिये हमारे संविधान में भी प्रावधान है. संविधान के अनुच्छेद 44 में समान नागरिक संहिता का प्रावधान है. समान नागरिक संहिता को लागू कराने के लिये सभी पक्षों की राय ली जायेगी।’

देश के सभी नागरिकों पर एक सा कानून लागू न होने और उससे उपजी परिस्थितियों के दृष्टिगत सर्वोच्च न्यायालय ने समान नागरिक संहिता लागू किये जाने का निर्णय सुनाया था . इसी निर्णय के तहत तथा अपनी वर्षों पुरानी माँग को लागू करने के लिये जब भाजपा सरकार ने इस पर विचार करने का मन बनाया तो सबसे पहले कांग्रेस ने इसका विरोध शुरू कर दिया.

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