सारे भेदों को भुलाकर संगठित रहेंगे तो ही शक्तिशाली बनेंगे – भय्याजी जोशी Reviewed by Momizat on . आगरा (विसंकें). आगरा कॉलेज के खेल मैदान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आगरा के चयनित स्वयंसेवकों का एकत्रीकरण हुआ. प्रत्येक शाखा से 10 स्वयंसेवक सूचीबद्ध किए गए थे आगरा (विसंकें). आगरा कॉलेज के खेल मैदान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आगरा के चयनित स्वयंसेवकों का एकत्रीकरण हुआ. प्रत्येक शाखा से 10 स्वयंसेवक सूचीबद्ध किए गए थे Rating: 0
    You Are Here: Home » सारे भेदों को भुलाकर संगठित रहेंगे तो ही शक्तिशाली बनेंगे – भय्याजी जोशी

    सारे भेदों को भुलाकर संगठित रहेंगे तो ही शक्तिशाली बनेंगे – भय्याजी जोशी

    आगरा (विसंकें). आगरा कॉलेज के खेल मैदान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आगरा के चयनित स्वयंसेवकों का एकत्रीकरण हुआ. प्रत्येक शाखा से 10 स्वयंसेवक सूचीबद्ध किए गए थे. कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह सुरेश भय्याजी जोशी का मार्गदर्शन स्वयंसेवकों को प्राप्त हुआ. उन्होंने कहा कि संघ कार्य की अलग-अलग पहचान है. दैनिक शाखा देखकर स्पोर्ट्स क्लब जैसा, पथ संचलन को देख कर अर्धसैनिक बल जैसा, मैदान के सार्वजनिक कार्यक्रम को देख कर आध्यात्मिक सामाजिक संगठन जैसा दिखता है तो कुछ लोगों को राजनैतिक संगठन दिखता है. संघ की स्थापना के समय डॉ. हेडगेवार ने कहा था – यदि वामपंथी या मुस्लिम नहीं भी होते तो भी संघ की स्थापना, मैं अवश्य करता.

    उन्होंने कहा कि हिन्दू का शक्तिशाली होना किसी की प्रतिक्रिया स्वरुप नहीं है, वरन् इसलिए है कि हम सशक्त रहेंगे तो हिम्मत के साथ खड़े रहेंगे और हिन्दू समाज को सामर्थ्यवान बनाने में जो बाधाएं आएंगी, उन्हें दूर कर सकेंगे. जातिभेद, भाषा या प्रांत भेद ऐसी बाधाएं हैं, जिन्हें दूर करना है. जब हम नदी में स्नान करते हैं, धार्मिक ग्रंथ पढ़ते हैं तो क्या वह किसी जाति के हैं. यदि हम अपने को जाति-भाषा भेद में विभाजित करेंगे तो हम 100 करोड़ नहीं हैं. हमारा सभी कुछ एक है तो जातीय संकुचिता कहां से आई. इस सब से ऊपर उठकर यदि एक बनेंगे, संगठित रहेंगे तो ही शक्तिशाली बनेंगे.

    सरकार्यवाह जी ने कहा कि जीवन में संस्कारों की आवश्यकता है, जैसे वाणी में मधुरता. संगठित होने के बाद संस्कार और केवल संस्कार ही नहीं, इसके लिए सज्जन बनना और उसके बाद विवेकशील बनना आवश्यक है और विवेकशील बनने के बाद सही गलत के बारे में समाज को बताना. क्योंकि आज सज्जन शक्ति बड़ी मात्रा में निष्क्रिय है, ऐसी सज्जन शक्ति को मूक साक्षी बनकर नहीं रहना, तो ही समाज ठीक रहेगा. हम भारत माता की जय बोलते हैं तो वह आसेतु हिमालय है. गंगा नदी उत्तराखंड से बंगाल तक जाती है, परंतु उसे स्वच्छ रखना सभी की जिम्मेदारी है. गौ माता हमारे राष्ट्र जीवन का आधार है, सारी भूमि केमिकल फर्टिलाइजर से प्रदूषित हो रही है. गाय के गोबर से ही खेती सुरक्षित रहेगी, परंतु उसे किसी धर्म से नहीं जोड़ सकते. इसी प्रकार श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण होना चाहिए, यह मुस्लिमों के विरोध में नहीं है. अपने लिए सोचना पशुता तथा समाज के लिए सोचना मनुष्यता है. इन विचारों के साथ गत 93 वर्षों से संघ कार्य कर रहा है और संघ की भौगोलिक व्याप्ति हुई है. संघ में समाज के सभी प्रकार के लोग हैं. संघ का उद्देश्य सभी हिन्दू समाज को जागृत करना है और इस कार्य में हम सभी को और अधिक गति से आगे बढ़ना होगा.

    कार्यक्रम में प्रांत संघचालक जगदीश जी, क्षेत्र कार्यवाह शशिकांत जी सहित अन्य उपस्थित थे.

    About The Author

    Number of Entries : 5602

    Leave a Comment

    हमारे न्यूज़लेटर के लिए साइन अप करें

    VSK Bharat नवीनतम समाचार के बारे में सूचित करने के लिए अभी सदस्यता लें

    Scroll to top