सुविधाएं मिलें तो खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं – चेतन चौहान Reviewed by Momizat on . क्रीड़ा भारती का प्रदेश स्तरीय सम्मान समारोह, खिलाड़ियों की माताओं का सम्मान जयपुर. क्रीड़ा भारती द्वारा रविवार को नारायणसिंह सर्किल स्थित इंद्रलोक सभागार में वीर क्रीड़ा भारती का प्रदेश स्तरीय सम्मान समारोह, खिलाड़ियों की माताओं का सम्मान जयपुर. क्रीड़ा भारती द्वारा रविवार को नारायणसिंह सर्किल स्थित इंद्रलोक सभागार में वीर Rating: 0
    You Are Here: Home » सुविधाएं मिलें तो खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं – चेतन चौहान

    सुविधाएं मिलें तो खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं – चेतन चौहान

    क्रीड़ा भारती का प्रदेश स्तरीय सम्मान समारोह, खिलाड़ियों की माताओं का सम्मान

    जयपुर. क्रीड़ा भारती द्वारा रविवार को नारायणसिंह सर्किल स्थित इंद्रलोक सभागार में वीर जीजामाता पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में प्रदेश के खिलाड़ियों तथा उनकी माताओं ने भाग लिया.

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व क्रिकेटर, उत्तरप्रदेश के खेल व युवा मंत्री व क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष चेतन चौहान ने कहा कि क्रीड़ा भारती वर्ष 2009 से खेल से चरित्र व चरित्र से देश निर्माण का लक्ष्य लेकर काम कर रही है. मुख्य उद्देश्य खेलों को गांव-ढाणियों तक ले जाना है. देश के 500 जिलों में संगठन सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है. उन्होंने कहा कि देश में प्रतिभाओ की कोई कमी नहीं है, लेकिन उन्हें आगे आने का सही मौका व सुविधाएं नहीं मिलती. लेकिन अब समय बदल गया है. खेलों को सरकार भी बढ़ावा दे रही है.

    उन्होंने कहा कि सभी राज्य सरकारों को अपने खिलाड़ियों को अच्छी सुविधाएं देनी चाहिए. खेल एक साधना होती है, खेल में अच्छे प्रदर्शन के लिए मेहनत करनी चाहिए. खिलाड़ी स्वाभिमानी होते हैं, उन्हें सम्मान मिलना चाहिए. क्रीड़ा भारती यही सम्मान खिलाड़ियों को दे रहा है. खिलाड़ियों को हर स्तर पर सम्मान मिलना चाहिए. केंद्र सरकार ने खेल को बढ़ावा देने के लिए 1 हजार करोड़ से ज्यादा का प्रावधान किया है.

    क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष चेतन कश्यप ने कहा कि क्रीड़ा भारती ने वीर जीजामाता पुरस्कार की शुरुआत इसी साल पहली बार की है. सभी बच्चे खेलें, आगे बढ़ें. यही क्रीड़ा भारती का मुख्य काम है. खिलाड़ी को राष्ट्रप्रेम, देशभक्ति व भारतीय संस्कार मिलें तो वह देश का नाम रोशन करेगा. राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत खेल नीति व नियोजन बने, ऐसा प्रयास कीड़ा भारती कर रही है.

    क्रीड़ा भारती के अखिल भारतीय महामंत्री राज चौधरी ने कहा कि क्रीड़ा भारती खेलों का सामाजिक संगठन है. खेल नियमो में सुधार व खेलों को बढ़ावा देना क्रीड़ा भारती का मुख्य उद्देश्य है. खिलाड़ियों की माताओं का सम्मान करने का क्रम सिर्फ क्रीड़ा भारती ने ही शुरू किया है. माताएं जो संस्कार देती हैं, वही बालक के भविष्य की दिशा तय करती है.

    जयपुर के सांसद रामचरण बोहरा ने कहा कि क्रीड़ा भारती का यह बहुत सराहनीय प्रयास है. ऐसे कार्यक्रमों से खिलाड़ियों व उनके परिजनों का उत्साह बढ़ता है.

    इससे पूर्व 1956 के अर्जुन अवार्डी झुंझुनूं के श्रीचंद, 1970 के दशक के बास्केटबॉल के राष्ट्रीय खिलाड़ी सुरेंद्र कटारिया, 1979 के अर्जुन अवार्डी वॉलीबाल टीम के कप्तान रहे सुरेश मिश्रा, धावक दीनाराम, अर्जुन अवार्डी तीरंदाज रजत चौहान, अर्जुन अवार्डी गोपाल सैनी, अभिजीत गुप्ता व भानु सचदेव सहित 7 अर्जुन अवार्डियों को भी सम्मानित किया गया. इनके साथ ही अपूर्वी चंदेला, रजत चौहान, अभिजीत गुप्ता, स्वाति दूधवाल व अजय सिंह शेखावत सहित 14 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की माताओं को वीर जीजामाता पुरस्कार से सम्मानित किया गया. मनीष व अनामिका कोठारी ने योग की आकर्षक प्रस्तुति देकर प्रशंसा बटोरी.

    राजस्थान में क्रीड़ा भारती के तत्वाधान में वर्ष 2009 में सूर्य नमस्कार यज्ञ में करीब 2 लाख व 2019 में 5 लाख लोगों ने भाग लिया. समारोह को क्रीड़ा भारती के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल सैनी ने भी सम्बोधित किया.

    About The Author

    Number of Entries : 5690

    Leave a Comment

    हमारे न्यूज़लेटर के लिए साइन अप करें

    VSK Bharat नवीनतम समाचार के बारे में सूचित करने के लिए अभी सदस्यता लें

    Scroll to top