हम थकेंगे नहीं — रुकेंगे नहीं — झुकेंगे नहीं — जूझते रहेंगे — बढ़ते रहेंगे Reviewed by Momizat on . डॉ. हेडगेवार जी की पुण्यतिथि पर संकल्पयुक्त श्रद्धांजलि पूर्ण करेंगे हम सब केशव, वह साधना तुम्हारी आत्म-हवन से राष्ट्र देव की, आराधना तुम्हारी कोटि-कोटि हम तेरे डॉ. हेडगेवार जी की पुण्यतिथि पर संकल्पयुक्त श्रद्धांजलि पूर्ण करेंगे हम सब केशव, वह साधना तुम्हारी आत्म-हवन से राष्ट्र देव की, आराधना तुम्हारी कोटि-कोटि हम तेरे Rating: 0
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    हम थकेंगे नहीं — रुकेंगे नहीं — झुकेंगे नहीं — जूझते रहेंगे — बढ़ते रहेंगे

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    डॉ. हेडगेवार जी की पुण्यतिथि पर संकल्पयुक्त श्रद्धांजलि

    पूर्ण करेंगे हम सब केशव, वह साधना तुम्हारी

    आत्म-हवन से राष्ट्र देव की, आराधना तुम्हारी

    कोटि-कोटि हम तेरे अनुचर, ध्येय मार्ग पर हुए अग्रसर

    होगी पूर्ण सशक्त राष्ट्र की, वह कल्पना तुम्हारी

    ‘परम वैभवशाली राष्ट्र’ – इस सर्वोच्च/सर्वोत्तम ध्येय के लिए कटिबद्ध राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक युगपुरुष डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार द्वारा 1925 को विजयदशमी के दिन नागपुर में अपने घर पर लगाई गई. एक नन्हीं सी संघ-शाखा आज विश्व का सबसे बड़ा शक्तिशाली, अनुशासित एवं ध्येयनिष्ठ संगठन बन गया है. अपने बाल्यकाल से लेकर जीवन की अंतिम श्वास तक भारतवर्ष की स्वतंत्रता के लिए संघर्षरत रहने वाले डॉ. हेडगेवार ने 21 जून 1940 को पूर्ण स्वतंत्रता और अखंड भारत कहते कहते अपने प्राण छोड़े थे.

    एक शक्तिशाली राष्ट्रव्यापी हिन्दू संगठन के निर्माण के लिए स्वयं को तिल-तिल कर जलाने वाले डॉ. हेडगेवार वास्तव में युगपुरुष थे. डॉक्टर जी द्वारा 1925 में स्थापित संघ आज 50 से भी ज्यादा राष्ट्रीय स्तर के अनुशांगिक संगठनों के साथ भारत की सर्वांग स्वतंत्रता और सर्वांगीण विकास के लिए परिश्रमपूर्वक जुटा हुआ है. आज चारों ओर दृष्टिगोचर हो रहा सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राजनीतिक परिवर्तन इसी परिश्रम का परिणाम है.

    आज (21 जून) डॉक्टर जी की पुण्य तिथि पर देश विदेश में अनेकों विविध क्षेत्रों और प्रत्यक्ष शाखा कार्य में सक्रिय हम स्वयंसेवक संकल्प करते हैं कि संघ संस्थापक द्वारा निर्धारित ध्येय भारतवर्ष की सर्वांग स्वतंत्रता, सर्वांग सुरक्षा तथा सर्वांग विकास को प्राप्त करने के लिए जीवनभर तप और साधना करते रहेंगे. हम थकेंगे नहीं — रुकेंगे नहीं — झुकेंगे नहीं — जूझते रहेंगे — बढ़ते रहेंगे. विश्व देखेगा कि जब 02 अक्तूबर 2025 को संघ स्थापना के सौ वर्ष पूर्ण होंगे, हम अपने ध्येय के बहुत निकट पहुंच जाएंगे. ध्येयनिष्ठ राष्ट्रभक्त, भविष्यदृष्टा स्वतंत्रता सेनानी और आजातशत्रु संगठक डॉ. हेडगेवार को हमारी संकल्पयुक्त श्रद्धांजलि.

    नरेंद्र सहगल

    पूर्व प्रचारक, वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार

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