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जशपुर में 400 परिवारों के 1200 सदस्यों ने सनातन धर्म में वापसी की

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रायपुर. जशपुर में 400 परिवारों के 1200 सदस्यों ने सनातन धर्म में वापसी की है. सनातन धर्म में पुनः वापसी करने वाले अधिकांश परिवार छत्तीसगढ़ के बसना सरायपाली क्षेत्र के थे. स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के पुत्र और भाजपा के वर्तमान प्रदेश मंत्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने 400 परिवारों के 1200 लोगों को पुनः सनातन धर्म में वापसी करवाई. प्रबल प्रताप सिंह जूदेव में इन 1200 लोगों के पांव धोकर स्वागत किया. इस दौरान हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ जुटी थी.

बसना से शुक्रवार (19 नवंबर) को 20 बसों में ईसाई बन चुके परिवार पहुंचे थे, जिसके बाद जशपुर में कार्यक्रम स्थल में दोबारा मूल धर्म में उनकी वापसी की. प्राप्त जानकारी के अनुसार, घर वापसी करने वाले 400 परिवारों में से लगभग 100 परिवार स्थानीय है और 300 परिवार बसना सरायपाली क्षेत्र से हैं.

हिन्दू धर्म में वापस लौटे लोगों ने बताया कि तकरीबन तीन पीढ़ी पहले उनके पूर्वजों का मतांतरण करवाया गया था, जिस वक्त वे लोग बेहद गरीब थे. उन्होंने बताया कि खेती में कुछ मदद और बीमारियों में इलाज की सहायता मिलने के कारण पूर्वजों ने परिवर्तन किया था, लेकिन अब वे सभी जागरूक हो चुके हैं.

जशपुर के पत्थलगांव के खूंटापनी क्षेत्र में हिन्दू समाज की ओर से दो दिवसीय महायज्ञ का आयोजन किया गया था, जिसके दौरान शुक्रवार को हिन्दू स्वाभिमान ही सूर्य की उपाधि प्राप्त जशपुर राजपरिवार के प्रबल प्रताप सिंह जूदेव मुख्य अतिथि थे.

इन सबके बीच आर्य समाज की भी कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका रही. आर्य समाज के अंशुल देव महाराज ने कहा कि प्रबल प्रताप अपने पिता स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के अधूरे काम को पूरे जी-जान से आगे बढ़ा रहे हैं.

प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने कहा कि हिन्दुत्व की रक्षा उनके जीवन का एकमात्र संकल्प है और आज इतनी अधिक संख्या में लोगों की अपने मूल धर्म में वापसी हुई है जो एक अच्छा संकेत है. किसी की मजबूरी का फायदा उठा कर किया गया कार्य कभी भी टिकाऊ नहीं होता है. उन्होंने ईसाई मिशनरी पर वार करते हुए कहा कि मिशनरियों ने गरीबों की मजबूरी का फायदा उठा कर उनका मतांतरण करवाया था. ईसाई मिशनरी के लोगों ने शिक्षा एवं स्वास्थ्य के नाम पर धर्म का सौदा किया था. हम लगातार उनके इन षड्यंत्र को बेनकाब करते रहेंगे.

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