करंट टॉपिक्स

बजरंग दल ने सदस्यता अभियान में 35 लाख युवाओं को जोड़ा

भोपाल (विसंकें). विहिप की केन्द्रीय प्रबन्ध समिति एवं प्रन्यासी मण्डल की बैठक में प्रथम दिवस पत्रकारों से चर्चा करते हुए बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक...

29 दिसम्बर / बलिदान दिवस – धौलाना के अमर बलिदानी

नई दिल्ली. भारत के स्वाधीनता संग्राम में मेरठ की 10 मई, 1857 की घटना का बड़ा महत्व है. इस दिन गाय और सूअर की चर्बी...

20वीं राष्ट्रीय वनवासी खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ

भोपाल (विसंकें). वनवासी कल्याण आश्रम द्वारा आयोजित 20वीं राष्ट्रीय वनवासी खेल प्रतियोगिता का शुभांरभ वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कृपाप्रसाद सिंह जी की अध्यक्षता में...

28 दिसम्बर / बलिदान दिवस – राव रामबख्श सिंह जी का बलिदान

नई दिल्ली. श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या और लक्ष्मणपुरी (लखनऊ) का निकटवर्ती क्षेत्र सदा से अवध कहलाता है. इसी अवध में उन्नाव जनपद का कुछ क्षेत्र...

विश्व का मार्गदर्शन करने के लिये समाज में परिवर्तन जरूरी – दत्तात्रेय होसबले जी

सीहोर, मध्यभारत (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले जी ने कहा कि हम आपस में लड़ेंगे तो विश्व का मार्गदर्शन क्या करेंगे....

27 दिसम्बर / जन्मदिवस – सीमाओं के जागरूक प्रहरी राकेश जी

नई दिल्ली. देश की सीमाओं की रक्षा का काम यों तो सेना का है, पर सीमावर्ती क्षेत्र के नागरिकों की भी इसमें बड़ी भूमिका होती...

सर्वपुरातन संस्कृति हजारों साल से भारत वर्ष को एक सूत्र में पिरोये हुए है – डॉ. मोहन भागवत जी

अनुगुल, भुवनेश्वर (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि भारत एक चिरंजीवी राष्ट्र है. हिन्दुत्व हमारी संस्कृति है. यह...

तर्कपूर्ण और योग्य विचारों को अपनाना ही स्वामी श्रद्धानंद को सच्ची श्रद्धांजलि – डॉ. कृष्ण गोपाल जी

नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल जी ने कहा कि भारत वैदिक दर्शन का देश है, तर्कपूर्ण योग्य बातों को...

श्रद्धानन्द जी हिन्दुत्व समर्पित क्रान्तिकारी, निर्भीक संपादक थे – जितेन्द्र अग्रवाल जी

मेरठ (विसंकें). स्वामी श्रद्धानन्द जी के बलिदान दिवस की स्मृति में 23 दिसंबर को विश्व संवाद केन्द्र द्वारा विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया. इस...

पर्यावरण के दायरे में ही अर्थशास्त्र की शाश्वत प्रगति हो सकती है – अनिल बोकिल जी

जयपुर (विसंकें). अर्थक्रांति के संस्थापक एवं अर्थशास्त्री अनिल बोकिल जी ने कहा कि पर्यावरण के अन्दर ही अर्थशास्त्र होना चाहिए, पर्यावरण के दायरे में ही...