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इंदौर में प्रशासन का एंटी-माफिया अभियान, सरकारी भूमि से हटाया माफिया का कब्जा

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इंदौर. सरकार के निर्देशों के पश्चात प्रदेश को माफिया मुक्त बनाने को लेकर इंदौर में कार्रवाई शुरू हो गई है. माफिया के खिलाफ इंदौर में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई बताई जा रही है. एंटी माफिया अभियान के तहत भू माफिया की संपत्तियों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई. और जमीनों को कब्जा मुक्त करा रही है. शुक्रवार सुबह इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह, भारी पुलिस बल और नगर निगम अधिकारियों के साथ कनाडिया क्षेत्र में सुबह पांच बजे डेढ़ दर्जन जेसीबी मशीनों के साथ सरकारी जमीन पर माफियाओं के कब्जे को हटाया गया. कनाडिया रोड स्थित रिवाज गार्डन और प्रेम बंधन गार्डन पर कार्रवाई के दौरान नगर निगम और पुलिस दलबल के साथ नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे.

अतिक्रमण ध्वस्त करने की करवाई पर ड्रोन कैमरों के माध्यम से नजर रखी जा रही है. दोनों गार्डन सरकारी सीलिंग की जमीन पर कब्जा कर चलाए जा रहे थे. मैरिज गार्डन के साथ दोनों दबंगों द्वारा बनाई करीब 70 दुकानों को भी प्रशासन ने जेसीबी की मदद से तोड़ा. नगर निगम ने गुरुवार रात को ही ध्वस्तीकरण की सभी तैयारियां पूरी कर लीं थी.

जानकारी अनुसार, यह सभी अवैध कब्जे युनूस पटेल और उनके परिवार के लोगों के बताए जा रहे हैं. नगर निगम ने प्रेमबंधन गार्डन के सामने बनी दुकानों के साथ गार्डन के बाहर स्थित दुकानों और ठेलों को भी हटा दिया. प्रदेश में इंदौर के अलावा अन्य बड़े शहरों में माफिया के खिलाफ इसी तरह का अभियान चलाए जाने की तैयारी की जा चुकी है.

अपर आयुक्त संदीप सोनी ने बताया कि कार्रवाई के दौरान 80 पुलिस के सिपाही, दो एएसपी, चार थाना प्रभारी, नगर निगम के अपर आयुक्त और 100 से अधिक कर्मचारियों के साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे. पूरी कार्रवाई की ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है. रिवाज गार्डन पूरी तरह से अवैध रूप से बनाया गया है. वहीं, प्रेमबंधन गार्डन 1998 में धांधली करके पंचायत से अनुमति लेकर बनाया गया था. इसको लेकर माफियाओं और तत्कालीन सरपंच के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा.

प्रेमबंधन गार्डन में लगभग 5 हजार वर्गफीट अवैध निर्माण और रिवाज गार्डन लगभग 4 हजार वर्गफीट अवैध निर्माण किया गया है. वहीं, कई अवैध दुकानों का निर्माण भी सीलिंग की जमीन पर किया गया था.

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