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अग्निपथ – विरोध के नाम पर हिंसा में शामिल उपद्रवियों पर सख्ती, 20 जिलों में 64 एफआईआर दर्ज

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लखनऊ. अग्निपथ योजना को लेकर देशभर में हिंसात्मक विरोध का क्रम देखने को मिला. वहीं, अब उत्तर प्रदेश में हिंसा के बाद पुलिस सख्ती के साथ हिंसा करने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई में जुटी है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मंगलवार तक 20 जिलों में 64 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं. साथ ही कुल 1120 लोगों को पकड़ा गया है. इसमें 502 आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए गिरफ्तार किया गया है. वहीं 618 के खिलाफ धारा 151 के तहत चालान किया गया है.

चंदौली से 53 लोगों की हुई गिरफ्तारी

उत्तर प्रदेश पुलिस ने फिरोजाबाद, नोएडा, गोरखपुर, संतकबीरनगर, फिरोजाबाद, मैनपुरी, अयोध्या, सुल्तानपुर, मऊ, और फतेहगढ़ में एक-एक एफआईआर, बलिया, आगरा, हरदोई, गाजीपुर में 2-2 एफआईआर, देवरिया में 3 एफआईआर, मिर्ज़ापुर में 4 एफआईआर, मथुरा में 5 एफआईआर, अलीगढ़ में 6 एफआईआर, चंदौली में 7 एफआईआर, वाराणसी कमिश्नरेट में 9 एफआईआर, जौनपुर में 11 एफआईआर दर्ज की हैं. चंदौली से सबसे ज्यादा 53 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया गया है.

विरोध के नाम पर हिंसा में शामिल उपद्रवियों को पुलिस चिह्नित कर रही है. प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है. पुलविस की कार्रवाई के पश्चात स्पष्ट है कि इन प्रदर्शनकारियों का अग्निवीर बनने का सपना अब कभी पूरा नहीं हो पाएगा. पुलिस ने सख्ती के साथ हत्या की कोशिश, लूट, आगजनी, बलवा जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है. अधिकांश जिलों में IPC की धारा 151 और 144 में एफआईआर दर्ज कर उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई की है. ऐसे में सेना की भर्ती में अब प्रदर्शनकारियों का जाना संभव नहीं है क्योंकि पुलिस वेरिफिकेशन में इन्हें बाहर का रास्ता देखना होगा.

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