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आईटी हार्डवेयर उत्पादों – लैपटॉप, टैबलेट, ऑल इन वन पर्सनल कम्प्यूटर और सर्वर के उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना को स्वीकृति

इन उत्पादों के विनिर्माण के लिए चार साल के लिए 7,350 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन उपलब्ध कराए जाएंगे

नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने मोबाइल फोन (हैंडसेट और उपकरणों) विनिर्माण में निवेश लुभाने में उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना की सफलता के बाद आईटी हार्डवेयर उत्पादों के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना को स्वीकृति प्रदान की. प्रस्तावित योजना के अंतर्गत लक्षित आईटी हार्डवेयर खंड में लैपटॉप, टैबलेट, ऑल इन वन पर्सनल कम्प्यूटर (पीसी) और सर्वर शामिल हैं.

योजना में इन आईटी हार्डवेयर उत्पादों की मूल्य श्रृंखला में घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने और बड़े निवेश लुभाने के लिए उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन का प्रस्ताव किया गया है.

मोबाइल फोन और उल्लिखित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए पीएलआई योजना भारत को एक हब के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से पिछले साल महामारी के दौरान पेश की गई थी. वैश्विक के साथ ही घरेलू मोबाइल विनिर्माता कंपनियों द्वारा दिलचस्पी दिखाने के लिहाज से यह योजना खासी सफल रही है. पीएलआई योजना के पहले चरण के अंतर्गत 16 कंपनियों को व्यापक स्तर पर मोबाइल फोन और उल्लिखित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के विनिर्माण के लिए स्वीकृति दी गई थी.

इस योजना की घोषणा अप्रैल, 2020 में किया गया था; आवेदन की अंतिम तारीख 31 जुलाई, 2020 थी और योजना 01 अगस्त, 2020 को शुरू हो गई. यह सब कोविड-19 के सबसे चुनौतीपूर्ण दौर में हुआ था, जब अर्थव्यवस्था और विनिर्माण क्षेत्र गंभीर संकट में था. योजना के संचालन के पिछले 5 महीनों में, चुनौतीपूर्ण दौर के बावजूद शीर्ष वैश्विक मोबाइल फोन कंपनियों सहित आवेदक कंपनियों ने 35,000 करोड़ रुपये लागत के सामान का उत्पादन किया और योजना के अंतर्गत 1,300 करोड़ रुपये का निवेश किया. इस अवधि के दौरान लगभग 22,000 अतिरिक्त रोजगार पैदा हुए. इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों के विनिर्माण को प्रोत्साहन देने के लिए एसपीईसीएस नाम की एक अन्य योजना को 13,500 करोड़ रुपये के निवेश से संबंधित 22 आवेदन हासिल हुए, जो एक्टिव, पैसिव और इलेक्ट्रोमेकैनिकल उपकरणों; मोबाइल फोन के लिए डिसप्ले और मेकैनिक्स के क्षेत्रों से संबंधित थे.

मोबाइल फोन और उल्लिखित इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों के लिए पीएलआई योजना की शुरुआती सफलता के आधार पर, नीति आयोग ने पीएलआई योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए विकास की अच्छी संभावनाओं वाले 10 लक्षित क्षेत्रों के साथ ही उल्लिखित उत्पाद लाइनों की पहचान की है. आईटी हार्डवेयर के लिए पीएलआई योजना इस दिशा में एक और कदम है. दूरसंचार और नेटवर्किंग उत्पादों के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, जिसे पिछले सप्ताह केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी.

आईटी हार्डवेयर के लिए पीएलआई योजना की कुल लागत 4 साल के लिए लगभग 7,350 करोड़ रुपये (सात हजार तीन सौ पचास करोड़ रुपये सिर्फ) की है. योजना में भारत में विनिर्मित और लक्षित खंड में आने वाले सामानों की बिक्री में सकल बढ़ोतरी (आधार वर्ष 2019-20) पर पात्र कंपनियों को चार (4) वर्ष की अवधि के लिए 4 प्रतिशत से 1 प्रतिशत के बीच प्रोत्साहन दिया जाएगा.

प्रस्तावित योजना से लैपटॉप, टैबलेट, ऑल इन वन पीसी और सर्वर जैसे आईटी हार्डवेयर उत्पादों की बड़ी वैश्विक के साथ ही घरेलू विनिर्माता कंपनियों को फायदा होने का अनुमान है. विनिर्माण को प्रोत्साहन देने के लिए यह एक अहम खंड है, क्योंकि वर्तमान में इन सामानों के लिए हम व्यापक रूप से आयात पर निर्भर हैं.

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