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देश में फैल रहा बर्ड फ्लू का संक्रमण, मध्यप्रदेश में पक्षियों की मौत

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भोपाल (विसंकें).देश में कोरोना महामारी के बीच अब बर्ड फ्लू ने दस्तक देकर प्रशासन व जनता की चिंता बढ़ा दी है. अब तक देश के अलग-अलग प्रदेशों में फ्लू के कारण 84 हजार से ज्यादा पक्षियों की मौत हो चुकी है. मध्यप्रदेश के भी दो जिलों में बर्ड फ्लू से 200 से ज्यादा कौए और बगुले मृत पाए गए है और इंदौर तथा मंदसौर में मृत पक्षियों की रिपोर्ट भी बर्ड फ्लू पॉजिटिव मिली है.

पिछले वर्ष कोरोना वायरस की तबाही के घाव अब तक भरे नहीं थे कि देश में बर्ड फ्लू ने फिर एक बार दस्तक दे दी है. देश के अलग-अलग राज्यों से लगातार हुए बगुले और बत्तखों के बर्ड फ्लू से मरने की खबरें सामने आ रहीं हैं. अब तक हिमाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान और केरल में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो चुकी है. जबकि हरियाणा और गुजरात के सैंपल की रिपोर्ट आना बाकी है. केरल की सरकार ने बर्ड फ्लू से बचाव के लिए अनोखा फैसला लिया है. केरल सरकार ने आदेश दिए हैं कि जिस भी जगह पर बर्ड फ्लू से संक्रमित पंक्षी मिलेंगे, उसके एक किमी के दायरे के सभी पंक्षियों को मार दिया जाएगा.

पहले जहां पीपीई किट पहनकर कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज करते थे तो वहीं अब यही पीपीई किट पहन कर कौवा और पक्षियों को दफनाने का कार्य किया जा रहा है. भोपाल में स्थित लैब में अब कोरोना वायरस पॉजिटिव मरीज और बर्ड फ्लू से संक्रमित पक्षियों की एक साथ जांच की जा रही है, ऐसा पहली बार हुआ है – जब पक्षियों और इंसानों के सैंपल एक ही लैब में जांचे जा रहे हैं.

बर्ड फ्लू से इंसानों को भी काफी खतरा बताया जा रहा है एबीएन इनफ्लुएंजा या एवियन फ्लू को बर्ड फ्लू कहा जाता है, यह मृत एवं जिंदा पक्षियों से इंसान में फैल सकता है. संक्रमित पक्षी को खाने या संक्रमित पानी पीने से यह रोग जनसामान्य में फैलने की संभावना ज्यादा रहती है आमतौर पर यह संक्रमण कौवे के माध्यम से आसानी से इंसानी रहवासी क्षेत्रों में पहुंच जाता है.

क्या है बर्ड फ्लू के लक्षण

बर्ड फ्लू के संक्रमण के लक्षण कुछ दिन में दिखाई देते हैं. इससे इस वयारस का प्रभाव कोविड की अपेक्षा जल्दी दिखने लगता है. अगर आपमें ये लक्षण दिखाई दें तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए एवं अपने नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें –

– पूरी तरह से सांस न ले पाना.

– खांसी की दिक्कत होना.

– कफ का बनना और जमा होना.

– सिर में दर्द बने रहना.

– उल्टी का एहसास होना.

– बुखार आने के साथ शरीर अकड़ना.

– शरीर में दर्द बने रहना.

– थोड़ा काम करने पर थकान आ जाना.

– पेट में दर्द होना.

बचाव के लिए सावधानियां

– घर में पालतू पक्षियों को न रखें

– मौजूदा समय में खुले बाजार या छोटी जगहों से मांस की खरीदारी न करें.

– संक्रमण से बचने के लिए हाथों को लगातार धोते और सेनेटाइज करते रहें.

– पक्षियों के संपर्क में आने से बचें.

– बर्ड फ्लू वायरस का प्रभाव दिखने पर 48 घंटे के अंदर चिकित्सकीय सलाह पर तुरंत दवा लें.

केंद्र ने जारी की एडवाइजरी

देश में गहराते बर्ड फ्लू या एवियन इन्फ्लूएंजा के संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने बुधवार को सभी राज्यों के लिए एडवाइजरी जारी कर पक्षियों की संदिग्ध मौत पर नजर रखने को कहा है.

– केरल (अधिकतर पोल्ट्री), हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में हजारों की संख्या में पक्षियों की मौत हुई. इसकी शुरुआत दिसंबर महीने के आखिर में हुई थी.

सरकार ने स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए नई दिल्ली में एक कंट्रोल रूम बनाया है.

अकेले हरियाणा के पंचकूला में ही बीते 20 दिनों में 4 लाख के करीब पक्षी मर चुके हैं.

उत्तराखंड के देहरादून में भी 3 कौओं के इसी फ्लू के कारण मरने की आशंका है. हालांकि, अभी इनकी रिपोर्ट आनी बाकी है.

झारखंड, गुजरात में भी अलर्ट जारी.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने केरल के दो एपिकसेंटरों के अलावा हरियाणा के पंचकूला में भी विशेष टीमों को तैनात किया है.

सरकार ने बर्ड फ्लू के 12 एपिकसेंटर की पहचान की है. ये हैं – राजस्थान के बारन, कोटा, झालावाड़, मध्य प्रदेश के मंदसौर, इंदौर और मालवा, हिमाचल प्रदेश का कांगड़ा और केरल का कोट्टायम-अलेप्पी.

बुधवार को केरल के कोट्टायम और अलेप्पी में 69 हजार से ज्यादा पक्षियों (बत्तख और मुर्गा-मुर्गी सहित) को नष्ट किया गया.

केरल ने बर्ड फ्लू को राज्य आपदा घोषित कर दिया है और पक्षियों को नष्ट करने के साथ ही स्थिति पर नजर रखने के लिए रैपिड रिस्पॉन्स टीमों को तैनात किया है.

मध्य प्रदेश ने दूसरे राज्यों से पोल्ट्री उत्पाद की आवाजाही पर रोक लगा दी है.

हिमाचल प्रदेश ने देहरा, फतेहपुर, जवाली और इंदौरा इलाकों में पोल्ट्री उत्पादों की बिक्री और निर्यात को प्रतिबंधित कर दिया है.

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