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    पाकिस्तान की रिंकल कुमारी के आंसू क्यों नहीं दिखते…!!!!!

    पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से भागकर भारत आने वाले हिन्दुओं, पारसी, सिक्खों आदि के लिए नागरिकता संशोधन विधेयक की आवश्यकता क्यों है, इसे समझने के लिए लाखों पीड़ितों की व्यथित करने वाली आपबीतियां हैं. इनमें से एक कहानी है - इस्लामी रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान की नागरिक, एक हिन्दू युवती रिंकल कुमारी की. रिंकल की कहानी पाकिस्तान के इस्लामी शासन में सात दशकों से पीसे जा रहे हिन्दुओं की बेबसी की कहानी है. इस कह ...

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    हिन्दू बच्चियों के लिए नरक बना पाकिस्तान…….

    क्या सेकुलर ब्रिगेड को इनके परिजनों का दर्द नहीं दिखता…? पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग ने 2010 में रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें कहा गया कि पाकिस्तान में प्रत्येक माह 25 बच्चियों-लड़कियों का अपहरण, जबरन इस्लाम में मतांतरण और बलात निकाह करवाया जा रहा था. बाद के सालों में ये आंकड़ा और बढ़ गया. नए आंकड़ों के अनुसार सिंध में प्रतिदिन एक हिन्दू लड़की अगवा हो रही है. पाकिस्तान में अब सिर्फ 26 लाख हिन्दू बचे हैं, जिनमें ...

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    अब निदान की, समाधान की राह निकली है

    राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार निरंतर देश व समाज हित में निर्णय ले रही है. तीन तलाक की बर्बरता और अनुच्छेद 370 के अन्याय का उपचार करने के बाद जिस तरह संसद के दूसरे ही सत्र में नागरिकता (संशोधन) विधेयक पर सरकार आगे बढ़ी, उससे सरकार में जनता का विश्वास निश्चित ही और गहरा हुआ है. गति, समानता और पारदर्शिता... इस सरकार को दोबारा पहले से ज्यादा शक्ति के साथ जनादेश दिलाने वाले कारक यही तो थे! केवल विरोध के लिए ...

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    06 दिसम्बर / इतिहास स्मृति – राष्ट्रीय कलंक का परिमार्जन

    नई दिल्ली. श्री राम जन्मभूमि मामले पर सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय आ चुका है. और सर्वोच्च न्यायालय ने अपने निर्णय में भूमि रामलला विराजमान को प्रदान करने के साथ ही मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया है. सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार को तीन माह की अवधि में मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट गठन करने के निर्देश दिये हैं. ट्रस्ट के गठन के पश्चात भव्य मंदिर निर्माण का कार्य शुरू होगा. सैकड़ों वर्षों का संघर्ष परिणाम त ...

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    नागरिकता संशोधन विधेयक – ‘वोट बैंक’ के सौदागरों को दर-दर भटक रहे हिन्दुओं को मिल रही राहत स्वीकार नहीं…..!

    15 अगस्त, 1947 के दिन तक पाकिस्तान में हिन्दुओं की आबादी उसकी कुल आबादी का 11 प्रतिशत थी, जो अब 2 प्रतिशत से कम है. बांग्लादेश जो उस समय पूर्वी पाकिस्तान था, वहां हिन्दुओं की आबादी कुल आबादी का 28 प्रतिशत थी, जो आज 8 प्रतिशत है. आखिर, इन दोनों देशों के ये करोड़ों हिन्दू कहां गए...? उत्तर है - मार दिए गए, भगा दिए गए, या जबरदस्ती मुसलमान बना दिए गए. सनातनी, सिक्ख, पारसी, ईसाई... किसी को नहीं छोड़ा गया. हत्या अप ...

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    भारतीय ज्ञान का खजाना  – 19, भारतीय स्थापत्य शास्त्र भाग

    भारतीय स्थापत्य शास्त्र भाग – एक एक प्रश्न मैं कई बार अलग अलग मंचों से पूछता हूँ, और दुर्भाग्य से लगभग नब्बे प्रतिशत इसका उत्तर नहीं मिलता है, या फिर गलत मिलता है. प्रश्न है – ऐसा कौनसा देश है, जिसके राष्ट्रध्वज पर हिन्दू मंदिर है...? ‘विश्व का सबसे बड़ा पूजा स्थल कौनसा है’..? ऐसा प्रश्न किया, कि उत्तर आते हैं – वेटिकन सिटी का चर्च या बेसिलिका, स्पेन का चर्च, मक्का या फिर मस्कत की नई मस्जिद.... आदि. ये सारे ...

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    मुस्लिम लेखकों ने भी लिखा, अयोध्या में मंदिर तोड़ मस्जिद बनाई गई थी

    श्रीराम जन्मभूमि पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का मुस्लिमों सहित सारे देश ने स्वागत किया है, लेकिन स्वयं को मुस्लिमों का प्रतिनिधि कहने वाले आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने घोषणा की है कि वो न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगा. दशकों से चल रहे इस मुकदमे पर अदालत का फैसला बहुत लम्बी सुनवाई और विश्लेषण के बाद आया है. सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के पहले 2010 में इलाहाबाद (अब प्रयाग) उच्च न्यायालय ...

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    भारतीय इतिहास की गलत व्याख्या के साथ ही ऐतिहासक प्रमाणों को झुठलाते वामपंथी इतिहासकार

    इसमें कोई दो राय नहीं कि सत्य के उद्घाटन के अतिरिक्त इतिहास की कोई वैचारिक अथवा सांस्कृतिक प्रतिबद्धता नहीं होनी चाहिए. इतिहास में धर्मनिरपेक्ष सोच अथवा पंथनिरपेक्ष मूल्यों का भी समावेश नहीं होना चाहिए, क्योंकि तटस्थ दृष्टिकोण से लिखा इतिहास तो होता ही धर्म अथवा पंथ निरपेक्ष है. इतिहास आस्था का आधार अथवा विश्वास का प्रतीक भी नहीं होना चाहिए, क्योंकि आस्था, विवेक और तर्क का शमन करती है. इतिहास बौद्धिक कट्टरत ...

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    राम और रामायण – भारतीय सांस्कृतिक परंपरा की अभिव्यक्ति

    अरुण आनंद राम और रामायण, भारत की सांस्कृतिक परंपरा का न केवल अभिन्न, बल्कि सबसे महत्वपूर्ण अंग हैं. अयोध्या में राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण का ओदांलन जब वर्ष 1983 में एक बार पुन: आरंभ हुआ तो बहुत से आलोचकों ने राम और रामायण को लेकर कई प्रश्न भी उठाए थे. पर, वास्तविकता तो यह है कि राम और रामायण पूरे दक्षिण एशिया को एक सांस्कृतिक परंपरा में बांधते हैं. थाईलैंड, कंबोडिया, वियतनाम, इंडोनेशिया, लाओस, म ...

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    अयोध्या – काश! बाबरी ढांचे का सच मुसलमानों को बताया होता ……

    अयोध्या मामले में सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय आ चुका है. पूरे देश को इस निर्णय का इंतजार था. सर्वोच्च न्यायालय ने रामलला के पक्ष में फैसला दिया है. अयोध्या का मामला अदालत के बाहर भी सुलझ सकता था, यदि देश के मुसलमानों को मुस्लिम नेतृत्व ने, खास तौर पर न्यायालय में मुस्लिम पक्षकारों ने, सत्य बताया होता. लेकिन वोट बैंक की राजनीति हावी होती चली गई. मुस्लिमों को बताया जाना चाहिए था कि राम जन्मभूमि पर वास्तविक प् ...

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