करंट टॉपिक्स


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“कथनी नहीं, व्यवहार से स्वयं को समाज के समक्ष प्रस्तुत करो”

  लोकेंद्र सिंह डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार ने 1925 में विजयादशमी के दिन शुभ संकल्प के साथ एक छोटा बीज बोया था, जो आज विशाल...

हाइफा युद्ध – भारतीयों के पराक्रम का स्वर्णिम पृष्ठ

लोकेन्द्र सिंह पराजय का इतिहास लिखने वाले इतिहासकारों ने बड़ी सफाई से भारतीय योद्धाओं की अकल्पनीय विजयों को इतिहास के पन्नों पर दर्ज नहीं होने दिया....

देश-दुनिया में हिन्दी का विस्तार

लोकेन्द्र सिंह वैश्वीकरण के दौर में हिन्दी का विस्तार और प्रभाव पूरे विश्व में देखने को मिल रहा है. हिन्दी भारत की सीमाओं से बाहर...

हिन्दू धर्म की श्रेष्ठता का सबसे प्रखर स्वर

नरेन्द्र जैन शिकागो विश्व धर्म सम्मलेन में अपने प्रखर उद्बोधनों एवं विचारों के कारण स्वामी विवेकानंद ने सबका ध्यान आकर्षित कर लिया. सब ओर उनकी...

इतिहास को न तो भुलाया जा सकता है और न ही छिपाया

इतिहास को न तो भुलाया जा सकता है और न ही छिपाया जा सकता है. जब-जब इस तरह का प्रयास होता है, उसके परिणाम बुरे...

अमृत महोत्सव – भारतीय स्वातंत्र्य समर का पुनरावलोकन

दत्तात्रेय होसबाले आज भारत औपनिवेशिक दासता से मुक्ति का पर्व मना रहा है. समारोहों की इस श्रृंखला के बीच जहां स्वतंत्र भारत की 75 वर्षों...

पं. दीनदयाल जी की दृष्टि में ; अखंड भारत इसलिए.. !!

पंडित जी लिखते हैं कि - अखंड भारत के आदर्श की ओर सबका रुझान होने के बाद भी अनेक लोग इसे अव्यवहारिक मानते हैं. उनकी...

दशगुरु परम्परा को सच्ची श्रद्धांजलि ‘अखंड भारत’

दशकों से गुरुद्वारों में सामूहिक रूप से प्रतिदिन यह अरदास भी की जाती है कि ‘श्री ननकाना साहिब सहित अन्य गुरुद्वारे एवं गुरुधाम जिनसे पंथ...

पूर्वोत्तर की समृद्ध साहित्य परंपरा

प्रशांत पोळ हमारे देश के पूर्वोत्तर का क्षेत्र यानि देवी अष्टभुजा के आठ शक्तिशाली हाथ. आठ राज्य. आसाम, मणिपुर, नागालैंड, मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा, सिक्किम और...

गुरु पूजन एवं श्रीगुरु दक्षिणा

एक स्वयंसेवक ने कहा - संघ कार्य हिन्दू समाज का कार्य है. इसलिए जो आर्थिक मदद दे सकते हैं, ऐसे संघ से सहानुभूति रखने वाले...