You Are Here: Home » विचार

    क्या मुस्लिम महिलाएं और बच्चे अब विपक्ष का नया हथियार हैं….?

    सीएए को कानून बने एक माह से ऊपर हो चुका है, लेकिन विपक्ष द्वारा इसका विरोध अनवरत जारी है. बल्कि बीतते समय के साथ विपक्ष का यह विरोध "विरोध" की सीमाओं को लांघ कर हताशा और निराशा से होता हुआ, अब विद्रोह का रूप अख्तियार कर चुका है. शाहीन बाग का धरना इसी बात का उदाहरण है. अपने राजनैतिक स्वार्थ के लिए ये दल किस हद तक जा सकते हैं, यह धरना इस बात का भी प्रमाण है. दरअसल नोएडा और दिल्ली को जोड़ने वाली सड़क पर लगभग एक ...

    Read more

    शाहीन बाग – #CAA के विरोध के नाम पर मासूमों के दिमाग में कौन घोल रहा जहर….???

    दिल्ली के शाहीन बाग में पिछले कई दिनों से #CAA के विरोध के नाम पर प्रदर्शन चल रहा है. पर, यह विरोध प्रदर्शन कम साजिश अधिक दिख रहा है. सोची समझी रणनीति के तहत प्रदर्शन में महिलाओं व बच्चों को आगे रखा गया है. नन्हें मुन्हों से लगवाए जा रहे नारे हैरान कर देंगे, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देख अंदाजा हो जाएगा कि किस प्रकार मासूमों के मन में जहर घोला जा रहा है, उनका उपयोग कर अपना स्वार्थ साधा जा रहा है....... सी ...

    Read more

    12 जनवरी जयंती पर विशेष – राष्ट्र भक्त सन्यासी स्वामी विवेकानंद की भविष्यवाणियां

    भविष्यदृष्टा स्वामी विवेकानंद एक ऐसे युवा सन्यासी हुए, जिन्होंने सारे संसार में भारतीय संस्कृति और हिन्दू धर्म की विजय पताका फहरा कर भारत को गौरवान्वित किया था. उन्होंने भारतवासियों में राष्ट्रीय चेतना और स्वाभिमान जागृत करके परतंत्रता, अंधविश्वास और गरीबी के विरुद्ध एकजुट होने का आह्वान किया था. स्वामी विवेकानंद ने अपना आध्यात्मिक अभियान इन शब्दों से प्रारंभ किया था - “राष्ट्र ही हमारा देवता है, यह सब मनुष ...

    Read more

    आखिर कब जानेंगे भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी की मौत का सच !

    11 जनवरी आते ही छोटे से कद-काठी वाला एक ऐसा चेहरा स्मृति में कौंधने लगता है जो अपने जीवन की असंख्य कठिनाइयों से लड़ते हुए देश को तो विजय दिला गया, किन्तु स्वयं अपनी जिंदगी को नहीं बचा पाया. उनकी जीवन यात्रा का वृत्तांत तो सबको पता है, किन्तु जीवन के अंतिम कुछ घंटों में उनके साथ क्या हुआ, यह गोपनीयता के पिटारे में अभी तक बंद है. दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के करोड़ों नागरिकों द्वारा चुने गए यशस्वी प्रधानमंत्री ...

    Read more

    राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में वर्तमान मकर संक्रांति

    तमसो मा ज्योतिर्गमय - धारा 370 का अंधकार समाप्त असतो मा सद्गमय - श्रीराम मंदिर का मार्ग प्रशस्त मृत्योर्मामृतम् गमय - नागरिकता संशोधन अधिनियम, मौत का साया समाप्त पर्व/त्यौहार भारत की सांस्कृतिक पहचान हैं. अखंड भारत के विस्तृत भू-भाग में प्रायः वर्ष भर संपन्न होने वाले इन उत्सवों का संबंध किसी व्यक्ति विशेष से नहीं होता. देश के कोने-कोने में मनाए जाने वाले यह पर्व प्रकृति, पर्यावरण, राष्ट्र की विजय, सुरक्षा ...

    Read more

    भारत का स्वभाव धर्म है

    2019 के लोकसभा चुनाव के तुरंत बाद वामपंथी खेमे के कहे जाने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार ने मुझसे पूछा कि कांग्रेस की स्थिति ऐसी क्यों हुई? यह आकस्मिक प्रश्न था. मैंने प्रतिप्रश्न किया - कांग्रेस का पूरा नाम क्या है? वे इस प्रश्न के लिए तैयार नहीं थे. थोड़ा सोच कर उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस. मैंने कहा - भारतीय का अर्थ तो हुआ ‘सम्पूर्ण भारत व्यापी’ और भारत के लिए. फिर राष्ट्रीय का अर्थ क्या हुआ? वे क ...

    Read more

    #CAA – भारत की नैतिक जिम्मेदारी है कि विस्थापितों को सम्मान और गर्व के साथ जीवन जीने का अधिकार मिले

    नागरिकता संशोधन विधेयक संसद के दोनों सदनों से पारित होने बाद राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के पश्चात कानून बन गया है. अब पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से धार्मिक रूप से प्रताड़ित होकर आए अल्पसंख्यक भारतीय नागरिकता हासिल कर सकते हैं. हालांकि, यह सुविधा कानूनी तौर पर पहले से ही मौजूद थी, लेकिन उसमें अड़चनें अधिक थीं. अब केंद्र सरकार ने नागरिकता देने की प्रक्रिया को सरल बना दिया है. इस कानून की आवश्यकता पिछले क ...

    Read more

    नागरिकता संशोधन विधेयक – 1947 का कार्य 2019 में पूर्ण हुआ

    अंततः देश विभाजन के तुरंत बाद किया जाने वाला बहू प्रतीक्षित व प्राकृतिक न्याय वाला कार्य संसद में नागरिकता संशोधन विधेयक पारित होने के साथ अब पूर्ण हुआ. चाणक्य ने कहा था कि ऋण, शत्रु और रोग को समय रहते ही समाप्त कर देना चाहिए. जब तक शरीर स्वस्थ और आपके नियंत्रण में है, उस समय आत्म साक्षात्कार के लिए उपाय अवश्य ही कर लेना चाहिए, क्योंकि मृत्यु के पश्चात कोई कुछ भी नहीं कर सकता. नीतिशास्त्र व अर्थशास्त्र के प ...

    Read more

    भारतीय ज्ञान का खजाना – 20

    भारतीय स्थापत्य शास्त्र भाग – दो किसी भी वस्तु की वारंटी अथवा गारंटी का अनुमान, हम सामान्य लोग कितना लगा सकते हैं? एक वर्ष... दो वर्ष... पांच वर्ष या दस वर्ष..? आजकल ‘लाइफ टाइम वारंटी’ बीस वर्ष की आती है. हमारी सोच इससे अधिक नहीं जाती. है ना? परन्तु निर्माण अथवा स्थापत्य क्षेत्र के प्राचीन भारतीय इंजीनियरों द्वारा तैयार की गई ईंटों की गारंटी है – 5000 वर्ष..! जी हां... पांच हजार वर्ष. और यह ईंटें हैं मोहन ज ...

    Read more

    पाकिस्तान की रिंकल कुमारी के आंसू क्यों नहीं दिखते…!!!!!

    पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से भागकर भारत आने वाले हिन्दुओं, पारसी, सिक्खों आदि के लिए नागरिकता संशोधन विधेयक की आवश्यकता क्यों है, इसे समझने के लिए लाखों पीड़ितों की व्यथित करने वाली आपबीतियां हैं. इनमें से एक कहानी है - इस्लामी रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान की नागरिक, एक हिन्दू युवती रिंकल कुमारी की. रिंकल की कहानी पाकिस्तान के इस्लामी शासन में सात दशकों से पीसे जा रहे हिन्दुओं की बेबसी की कहानी है. इस कह ...

    Read more

    हमारे न्यूज़लेटर के लिए साइन अप करें

    VSK Bharat नवीनतम समाचार के बारे में सूचित करने के लिए अभी सदस्यता लें

    Scroll to top