करंट टॉपिक्स

अंग्रेजों का भारत में प्रवेश

प्रशांत पोळ ईस्ट इंडिया कंपनी - २४ सितंबर, १५९९ को शुक्रवार था. इस दिन, लंदन के फाउंडर्स हॉल में, इंग्लैंड के ८० व्यापारी इकट्ठा हुए...

23 जनवरी – ब्रिटिश साम्राज्य पर अंतिम निर्णायक प्रहार करने वाले नेता जी सुभाष चंद्र बोस

यह एक ऐतिहासिक सच्चाई है कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस के नेतृत्व में आजाद हिन्द फौज ने ब्रिटिश साम्राज्यवाद पर अंतिम निर्णायक प्रहार किया था. 21...

मेरे पिताजी श्री मा.गो. (बाबूराव) वैद्य – कुटुंबवत्सल, ध्येयनिष्ठ और साधन शुचिता को समर्पित आदर्श व्यक्तित्व

डॉ. मनमोहन वैद्य श्री मा. गो. (बाबूराव) वैद्य नाम से सुपरिचित श्री माधव गोविंद वैद्य, मेरे पिताजी 97 वर्ष का सक्रिय, कृतार्थ और प्रेरणादायी जीवन पूर्ण कर...

आखिर इस्लाम के कट्टर स्वरूप से विश्व कैसे निपटे..?

बलबीर पुंज फ्रांस पुन: सुर्खियों में है. इस बार कारण उसका वह प्रस्तावित अलगाववाद विरोधी विधेयक है, जो आगामी दिनों में कानून का रूप लेगा. इस...

अंग्रेज़ भारत से क्यों भागे…? / 3

हां, इसलिए अंग्रेज भारत छोड़कर भागे..! प्रशांत पोळ हमें यह पढ़ाया गया कि हमारी स्वतंत्रता हमने अहिंसक पद्धति से प्राप्त की. ‘दे दी हमें आजादी...

अमेरिका में दोहरे मापदंडों की मार

बलबीर पुंज अमेरिका में 6 जनवरी को जो कुछ हुआ, उससे शेष विश्व स्वाभाविक रूप से भौचक है. परंतु क्या यह सत्य नहीं है कि...

अंग्रेज़ भारत से क्यों भागे…? / 2

जबलपुर में सेना का आंदोलन प्रशांत पोळ मुंबई के नौसैनिकों के आंदोलन से अंग्रेजी शासन दहल गया था. नौसेना में इतना असंतोष होगा और नेताजी...

अंग्रेज़ भारत से क्यों भागे…? / 1

मुंबई का नौसेना आंदोलन - प्रशांत पोळ द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद की परिस्थिति सभी के लिए कठिन थी. ब्रिटेन के तत्कालीन प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल भारत...

जितनी गहरी जड़ें तुम्हारी उतने ही तुम हरियाओगे

डॉ. मनमोहन वैद्य सह सरकार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ झारखंड की राज्य सरकार ने बहुमत से विधेयक पारित कर घोषित किया कि सरना धर्म को मानने वाले...

विज्ञान और प्रकृति से कोसों दूर, ग्रेगरियन कैलेंडर (ईस्वी सन्)

नरेंद्र सहगल अनेक मित्रों ने नए ईस्वी सन् के आगमन पर शुभकामनाएं और बधाई भेजी है. सब का हार्दिक धन्यवाद. 31 दिसम्बर की रात को मौजमस्ती...