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विनाशपर्व – अंग्रेजों का ‘न्यायपूर्ण’ शासन..? / २

प्रशांत पोळ १८५७ के क्रांति युद्ध में अंग्रेजों की निर्दयता एक ब्रिटिश आर्मी ऑफिसर ने ‘द टाइम्स’ में लिखा, “We have the power of life...

विनाशपर्व – अंग्रेजों का ‘न्यायपूर्ण’ शासन..? /१

प्रशांत पोळ ज्ञात इतिहास में भारत पर आक्रांताओं के रूप में आने वालों में शक, हूण, कुषाण, मुसलमान, डच, पोर्तुगीज़, फ्रेंच, अंग्रेज़ आदि प्रमुख हैं....

अब तो आर्यों को बाहर का बताने वाली किताबों को जला दिया जाए

अब जब ऑस्ट्रेलिया के पीटर केवुड शोध टीम की अगुआई करने वाले वैज्ञानिक, जिन्‍होंने तीन देशों के आठ रिसर्चर्स के साथ मिलकर सात साल तक...

वैराग्य – भारतीय दर्शन संस्कृति का अभिन्न अंग

भगवद् गीता अध्याय 6 श्लोक 35 श्री भगवानुवाच असंशयं महाबाहो मनो दुर्निग्रहं चलं. अभ्यासेन तु कौन्तेय वैराग्येण च गृह्यते.. अर्थात श्रीभगवान् कहते हैं – हे,...

संविधान दिवस : 26 नवंबर – गंगा अवतरण से लेकर नौआखली दंगा पीड़ितों की चित्र यात्रा है संविधान

डॉ. सुरेंद्र कुमार जाखड़ 26 नवम्बर संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है. भारत में 26 नवंबर, 1949 को संविधान सभा द्वारा संविधान को अपनाया गया. स्वतंत्रता मिलते ही...

दोहरे चरित्र वाला ‘पश्चिमी मीडिया’ वामपंथी और इस्लामी ताकतों की कठपुतली है

महिला अधिकार, सौहार्द, मानवाधिकार, अल्पसंख्यकों के हित, नस्लभेद और सबसे अहम तथाकथित चुनिंदा धर्मनिरपेक्षता का स्वघोषित 'ठेकेदार' पश्चिमी मीडिया यूं तो अपनी परिसीमाओं के उल्लंघन...

हिन्दू-हिन्दुत्व को बदनाम करने का षड्यंत्र

बलबीर पुंज कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद द्वारा ‘हिन्दुत्व’ की इस्लामी आतंकवाद से तुलना, राहुल गांधी द्वारा ‘हिन्दुत्व’ का दानवीकरण, प्राचीन राम मंदिर का विध्वंस कराने...

संपूर्ण विश्व की विभीषिकाओं का आध्यात्मिक समाधान भारत का मूल सांस्कृतिक उद्देश्य है

स्वामी अवधेशानंद गिरि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भारत की आध्यात्मिक चेतना के केंद्र बिंदु हिमालय पर्वत में अवस्थित श्री केदारनाथ धाम में भगवान आदि शंकराचार्य...

“कथनी नहीं, व्यवहार से स्वयं को समाज के समक्ष प्रस्तुत करो”

  लोकेंद्र सिंह डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार ने 1925 में विजयादशमी के दिन शुभ संकल्प के साथ एक छोटा बीज बोया था, जो आज विशाल...

हाइफा युद्ध – भारतीयों के पराक्रम का स्वर्णिम पृष्ठ

लोकेन्द्र सिंह पराजय का इतिहास लिखने वाले इतिहासकारों ने बड़ी सफाई से भारतीय योद्धाओं की अकल्पनीय विजयों को इतिहास के पन्नों पर दर्ज नहीं होने दिया....