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    अमेरिका भी मानता है कि भारत वामपंथी हिंसा से पीड़ित है

    देर से ही सही, पर अब विश्व के कई देश जान गए हैं और मान भी रहे हैं कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी), जिसे भाकपा (माओवादी) के नाम से जाना जाता है, भारत के लिए सबसे गंभीर खतरा है. अमेरिकी विदेश विभाग की आतंकवाद पर हाल ही में जारी रपट में कहा गया है कि भाकपा (माओवादी) दुनिया का चौथा सबसे खतरनाक संगठन है. वह भारत में हिंसा के ज्यादातर मामलों के लिए जिम्मेदार है. इस कारण यह भारत का सबसे बड़ा हिंसक विद्रोही स ...

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    शाश्वत मूल्यों के प्रकाश में चलने वाली परम्परा के लिए ग्लास्नोस्त शब्द अप्रासंगिक है

    सरसंघचालक डॉ. मोहन जी भागवत की तीन दिवसीय व्याख्यानमाला के पश्चात अपेक्षित बहस जनमाध्यमों में चल पड़ी है. अनेक लोगों ने इसका स्वागत किया है. कुछ लोगों ने जो कहा गया उसकी प्रामाणिकता पर संदेह जताया है. कुछ ने यह सब नीचे ज़मीनी स्तर तक कैसे पहुँच पाएगा, इस की चर्चा की है या चिंता व्यक्त की है. विभिन्न विषयों पर संघ के जिस दृष्टिकोण को सरसंघचालक ने रखा, वह कई लोगों को एकदम नया, क्रांतिकारी विचार लगा होगा. परंत ...

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    विरोध, दुष्प्रचार, कुठाराघात के बावजूद संघ कार्य व विचार सर्वव्यापी, सर्वस्पर्शी बन रहा

    दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी की तीन दिवसीय व्याख्यानमाला, भविष्य का भारत : संघ का दृष्टिकोण, पूर्णतया सफल रही. इस व्याख्यानमाला में प्रतिपादित विषयों की कुछ चर्चा अभी भी चल रही है. श्रोताओं में ज्यादातर नए लोग थे, इसलिए उन्हें संघ की जानकारी या तो नहीं थी, या बहुत कम थी या भ्रामक थी. इसलिए अनेकों को यह अच्छा तो लगा पर साथ साथ अचरज भी हुआ कि क्या संघ सही में ऐसा है? संघ के, रा ...

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    संघ जीने वाला स्वयंसेवक

    भय्याजी जोशी अटल जी एक संवेदनशील व्यक्ति के रूप में सदैव हमारे स्मरण में रहेंगे. ऐसे व्यक्ति सैकड़ों वर्षों के बाद जन्म लेते हैं. इस शतक में उनके समान और कोई नहीं है. अटल जी अटल जी थे. संघ को वाकई जीने वाले स्वयंसेवक थे. अटल जी संघ के स्वयंसेवक थे. हम उनके जीवन के प्रारंभिक कालखंड को देखते हैं तो यह ध्यान में आता है कि वे युवावस्था में कार्ल मार्क्स के विचारों से प्रभावित थे. लेकिन संघ के स्वयंसेवक बनने के ब ...

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    हिन्दुत्व अर्थात् भारतीयता

    राष्ट्र की सनातन पहचान से परहेज कैसा? हिन्दुस्थान में हिन्दुत्व का विरोध हो, तो हिन्दुस्थानियों के लिए इससे दुर्भाग्यपूर्ण और क्या हो सकता है? इसके लिए वर्तमान राजनीतिक वातावरण जिम्मेदार है और इस वातावरण को बनाया है उन लोगों ने जिन्हें राष्ट्र और समाज की भारतीय अवधारणा से कुछ भी लेना-देना नहीं है. इस प्रकार के दलों, संगठनों और संस्थाओं के अज्ञान और सीमित मानसिकता ने हिन्दुत्व की विशालता को टुकड़ों में बांटकर ...

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    संघ को नजदीक जाकर समझने की आवश्यकता

    जफर इरशाद, वरिष्ठ पत्रकार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत का यह कथन महत्वपूर्ण है कि जिस दिन हम कहेंगे कि मुसलमान नहीं चाहिए, उस दिन हिंदुत्व भी नहीं रहेगा. इस कथन की गहराई को अगर देश का आम मुसलमान समझ जाए तो शायद उन विपक्षी दलों की राजनीतिक दुकानें बंद हो जाएं जो धर्म-मजहब के नाम पर राजनीति करते रहते हैं. नि:संदेह उन मुस्लिम नेताओं की भी राजनीति खत्म हो जाएगी जो मुसलमानों को संघ के नाम पर ड ...

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    स्वामी विवेकानंद ने विश्व बंधुत्व का विचार सबके सम्मुख रखा था – डॉ. मनमोहन वैद्य

    कांग्रेस अध्यक्ष श्री राहुल गांधी द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तुलना ‘मुस्लिम ब्रदरहुड’ के साथ करने पर संघ से परिचित और राष्ट्रीय विचार के लोगों आश्चर्य होना स्वाभाविक है. भारत के वामपंथी, माओवादी और क्षुद्र राजनीतिक स्वार्थ के लिए राष्ट्र विरोधी तत्वों के साथ खड़े तत्वों को इससे आनंद होना भी अस्वाभाविक नहीं है. वैसे, इसका अर्थ ये नहीं कि राहुल गांधी जिहादी मुस्लिम आतंकवाद की वैश्विक त्रासदी से अनजान ह ...

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    ‘सवर्ण’ और ‘दलित’ – हिन्दुओं को बांटने का षड्यंत्र है यह समाजघातक शब्दावली

    मैं अपनी बात को एक प्रश्न के साथ शुरु करता हूं. जब अनेक सड़कों, शहरों, योजनाओं, संस्थाओं और अदारों के नाम बदले जा रहे हैं तो फिर समाज को तोड़ने वाली सवर्ण और दलित जैसी खतरनाक शब्दावली को क्यों नहीं बदला जा रहा? इन दिनों दलित बनाम सवर्ण के प्रश्न पर हो रहे राजनीतिक घमासान को देखकर उन अंग्रेज शासकों की आत्माएं फूली नहीं समा रही होंगी, जिन्होंने अपने सम्राज्यवादी शिकंजे को कसने के लिए हिन्दू समाज में जाति आधारित ...

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    अर्बन नक्सलियों में अटकी माओवादियों की जान

    अगस्त 2008 में बिहार में भयानक बाढ़ आई थी. बताया गया था कि नेपाल का कुसहा बांध टूटने की वजह से यह बाढ़ आई है. यही वह साल था, जब पहली बार मेरा परिचय 'अर्बन नक्सल' यानि शहरी नक्सलवाद शब्द से हुआ था. बिहार में बाढ़ का पानी उतर चुका था. एक शाम 'बाढ़ मुक्ति अभियान' के संयोजक दिनेश कुमार मिश्र का फोन आया. टिकट भिजवा दिया है, पटना आना है. उनके आदेश के बाद पटना पहुंच गया. देश के एक दर्जन पत्रकारों के साथ बिहार की ब ...

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    स्वयंसेवक ‘अटल’

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के निष्ठावान स्वयंसेवक अटल बिहारी वाजपेयी बाल्यकाल से लेकर जीवन के अंतिम क्षण तक अपने स्वयंसेवकत्व पर अटल रहे. संघ का स्वयंसेवक अर्थात् अपने संगठन, समाज और राष्ट्र के हित में स्वयं की प्रेरणा से निःस्वार्थ भाव से निष्ठापूर्वक निरंतर काम करने वाला आदर्श नागरिक. 15 वर्ष की आयु में डी.ए.वी. कॉलेज कानपुर के छात्रावास की संघ शाखा में अपना संघ जीवन प्रारम्भ करने वाले अटल जी को वामपंथी विचा ...

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