You Are Here: Home » विचार (Page 2)

    अज्ञात स्वतंत्रता सेनानी : डॉक्टर हेडगेवार – 12

    नरेंद्र सहगल 14 फरवरी 1930 को अपने दूसरे कारावास से मुक्त होकर डॉक्टर हेडगेवार ने पुनः सरसंघचालक का दायित्व सम्भाला और संघ कार्य को देशव्यापी स्वरूप देने के लिए दिन-रात जुट गए.अब डॉक्टर जी की शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक शक्तियां संघ-स्वयंसेवकों के शारीरिक, मानसिक तथा बौद्धिक विकास में लगने लगीं.स्वभाव से परिश्रमी, मन से दृढ़ निश्चयी और बुद्धि से चतुर इस महापुरुष ने अपने स्वास्थ्य की तनिक भी चिंता न करते हुए  ...

    Read more

    वे पन्द्रह दिन… / 12 अगस्त, 1947

    आज मंगलवार, 12 अगस्त. आज परमा एकादशी है. चूंकि इस वर्ष पुरषोत्तम मास श्रावण महीने में आया है, इसलिए इस पुरषोत्तम मास में आने वाली एकादशी को परमा एकादशी कहते हैं. कलकत्ता के नजदीक स्थित सोडेपुर आश्रम में गांधी जी के साथ ठहरे हुए लोगों में से दो-तीन लोगों का परमा एकादशी का व्रत है. उनके लिए विशेष फलाहार की व्यवस्था की गई. लेकिन गांधी जी के दिमाग में कल रात को सुहरावर्दी के साथ हुई भेंट घूम रही है. शहीद सुहराव ...

    Read more

    अज्ञात  स्वतंत्रता सेनानी : डॉक्टर हेडगेवार – 11

    नरेंद्र सहगल पूर्व में हुए असहयोग आंदोलन की विफलता से शिक्षा लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने अब एक और देशव्यापी आंदोलन करने की योजना बनाई. महात्मा गांधीजी को इस नए, ‘सविनय अवज्ञा आंदोलन’ का नेतृत्व सौंप दिया गया. अतः गांधी जी ने 6 अप्रैल 1920 को सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत अपनी ऐतिहासिक दांडी यात्रा के माध्यम से कर दी. गांधी जी ने सरकार द्वारा बनाए गए नमक कानून को तोड़ा और देशवासियों से अंग्रेजों के बनाए ...

    Read more

    भारतीय ज्ञान का खजाना – 7

    भारतीय संस्कृति के वैश्विक पदचिन्ह – 2 पिछले लेख में हमने भारत के पश्चिमी दिशा में भारतीय संस्कृति के पदचिन्ह खोजने का प्रयास किया था. ‘बेरेनाईक परियोजना’’ जैसे पुरातात्विक उत्खनन के माध्यम से, केल्टिक एवं यजीदी संस्कृति के प्रदर्शन एवं पश्चिम के अनेक संग्रहालयों में रखी हुई भारतीय वस्तुओं, अवशेषों इत्यादि के माध्यम से भारतीयों के पदचिन्ह बिलकुल स्पष्ट और मजबूती से दिखाई देते हैं. परन्तु भारत के पूर्वी भाग ...

    Read more

    वे पंद्रह दिन… / 11 अगस्त, 1947

    आज सोमवार होने के बावजूद कलकत्ता शहर से थोड़ा बाहर स्थित सोडेपुर आश्रम में गांधी जी की सुबह वाली प्रार्थना में अच्छी खासी भीड़ है. पिछले दो-तीन दिनों से कलकत्ता शहर में शान्ति बनी हुई है. गांधी जी की प्रार्थना का प्रभाव यहां के हिन्दू नेताओं पर दिखाई दे रहा था. ठीक एक वर्ष पहले,  मुस्लिम लीग ने कलकत्ता शहर में हिंदुओं का जैसा रक्तपात किया था, क्रूरता और नृशंसता का जैसा नंगा नाच दिखाया था, उसका बदला लेने के लि ...

    Read more

    वे पंद्रह दिन… / 10 अगस्त, 1947

    दस अगस्त.... रविवार की एक अलसाई हुई सुबह. सरदार वल्लभभाई पटेल के बंगले अर्थात 01, औरंगजेब रोड पर काफी हलचल शुरू हो गयी है. सरदार पटेल वैसे भी सुबह जल्दी सोकर उठते हैं. उनका दिन जल्दी प्रारम्भ होता है. बंगले में रहने वाले सभी लोगों को इसकी आदत हो गयी है. इसलिए जब सुबह सवेरे जोधपुर के महाराज की आलीशान चमकदार गाड़ी पोर्च में आकर खड़ी हुई, तब वहां के कर्मचारियों के लिए यह एक साधारण सी बात थी. जोधपुर नरेश, हनुमंत ...

    Read more

    अज्ञात  स्वतंत्रता सेनानी : डॉक्टर हेडगेवार– 10

    नरेंद्र सहगल संघ संस्थापक डॉक्टर हेडगेवार तथा उनके अंतरंग सहयोगी अप्पाजी जोशी 1928 तक मध्य प्रांत कांग्रेस की प्रांतीय समिति के वरिष्ठ सदस्य के नाते सक्रिय रहे.कांग्रेस की इन बैठकों एवं कार्यक्रमों के आयोजन में डॉक्टर जी का पूरा साथ रहता था.सभी महत्वपूर्ण प्रस्ताव इन्हीं के द्वारा तैयार किए जाते थे.इसी समय अंग्रेज सरकार ने भारतीय फौज की कुछ टुकड़ियों को चीन में भेजने का फैसला किया.नागपुर में कांग्रेस की एक ज ...

    Read more

    अज्ञात  स्वतंत्रता सेनानी : डॉक्टर हेडगेवार – 9

    नरेंद्र सहगल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, अनुशीलन समिति समेत कई क्रांतिकारी दलों, विभिन्न संस्थाओं, लगभग 30 छोटी बड़ी परिषदों/मंडलों, समाचार पत्रों, आंदोलनों, सत्याग्रहों और व्यायाम शालाओं की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने तथा एक वर्ष की सश्रम जेल यात्रा करने के पश्चात डॉक्टर हेडगेवार ने एक ऐतिहासिक शक्ति सम्पन्न और आत्मनिर्भर हिन्दू संगठन बनाने के निश्चय को व्यवहार में परिणत करने का निर्णय ले लिया.विदेशि ...

    Read more

    वे पन्द्रह दिन… / 09 अगस्त, 1947

    सोडेपुर आश्रम... कलकत्ता के उत्तर में स्थित यह आश्रम वैसे तो शहर के बाहर ही है. यानी कलकत्ता से लगभग आठ-नौ मील की दूरी पर. अत्यंत रमणीय, वृक्षों, पौधों-लताओं से भरापूरा यह सोडेपुर आश्रम, गांधी जी का अत्यधिक पसंदीदा है. जब पिछली बार वे यहां आए थे, तब उन्होंने कहा भी था कि, “यह आश्रम मेरे अत्यंत पसंदीदा साबरमती आश्रम की बराबरी करता है....” आज सुबह से ही इस आश्रम में बड़ी हलचल है. वैसे तो आश्रम के निवासी सुबह ज ...

    Read more

    अज्ञात  स्वतंत्रता सेनानी : डॉक्टर हेडगेवार – 8

    नरेंद्र सहगल देश की स्वतंत्रता के लिए प्रत्येक आंदोलन एवं प्रयास का गहराई से अध्ययन करने के लिए डॉक्टर हेडगेवार कोई भी अवसर नहीं छोड़ते थे. कांग्रेस के गर्म धड़े के नेता डॉक्टर मुंजे ने एक ‘रायफल एसोसिएशन’ बनाई जो युवकों को निकटवर्ती जंगलों में ले जाकर निशानेबाजी तथा सामने खड़े शत्रु का प्रतिकार करने का प्रशिक्षण देती थी. डॉक्टर हेडगेवार ने भी डॉ. मुंजे के साथ कई दिनों तक जंगलों में रहकर यह प्रशिक्षण प्राप्त क ...

    Read more

    हमारे न्यूज़लेटर के लिए साइन अप करें

    VSK Bharat नवीनतम समाचार के बारे में सूचित करने के लिए अभी सदस्यता लें

    Scroll to top