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    13 अक्तूबर / पुण्यतिथि – क्रांति और भक्ति के साधक राधा बाबा

    नई दिल्ली. राधा बाबा के नाम से विख्यात श्री चक्रधर मिश्र जी का जन्म ग्राम फखरपुर (गया, बिहार) में 1913 ई. की पौष शुक्ल नवमी को एक राजपुरोहित परिवार में हुआ था. सन् 1928 में गांधी जी के आह्वान पर गया के सरकारी विद्यालय में उन्होंने यूनियन जैक उतार कर तिरंगा फहरा दिया था. शासन विरोधी भाषण के आरोप में उन्हें छह माह के लिये कारावास में रहना पड़ा. गया में जेल अधीक्षक एक अंग्रेज था. सब उसे झुककर ‘सलाम साहब’ कहते ...

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    11 अक्तूबर / जन्मदिवस – आधुनिक चाणक्य नानाजी देशमुख

    ग्राम कडोली (जिला परभणी, महाराष्ट्र) में 11 अक्तूबर, 1916 (शरद पूर्णिमा) को श्रीमती राजाबाई की गोद में जन्मे चंडिकादास अमृतराव (नानाजी) देशमुख ने भारतीय राजनीति पर अमिट छाप छोड़ी. 1967 में उन्होंने विभिन्न विचार और स्वभाव वाले नेताओं को साथ लाकर उ.प्र. में सत्तारूढ़ कांग्रेस का घमंड तोड़ दिया. इस कारण कांग्रेस वाले उन्हें नाना फड़नवीस कहते थे. छात्र जीवन में निर्धनता के कारण किताबों के लिए वे सब्जी बेचकर पै ...

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    10 अक्तूबर / जन्मदिवस – राष्ट्रयोगी दत्तोपंत ठेंगड़ी

    श्री दत्तोपन्त ठेंगड़ी का जन्म दीपावली वाले दिन (10 अक्तूबर, 1920)  को ग्राम आर्वी, जिला वर्धा, महाराष्ट्र में हुआ था. वे बाल्यकाल से ही स्वतन्त्रता संग्राम में सक्रिय रहे. 1935 में वे ‘वानरसेना’ के आर्वी तालुका के अध्यक्ष थे. जब उनका सम्पर्क डॉ. हेडगेवार से हुआ, तो संघ के विचार उनके मन में गहराई से बैठ गये. उनके पिता उन्हें वकील बनाना चाहते थे; पर दत्तोपन्त जी एम.ए. तथा कानून की शिक्षा पूर्णकर 1941 में प्र ...

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    09 अक्तूबर / जन्मदिवस – गृहस्थ प्रचारक भैया जी दाणी

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की परम्परा में प्रचारक अविवाहित रहकर काम करते हैं; पर कुछ अपवाद भी होते हैं. ऐसे गृहस्थ प्रचारकों की परम्परा के जनक प्रभाकर बलवन्त दाणी का जन्म नौ अक्तूबर, 1907 को उमरेड, नागपुर में हुआ था. आगे चलकर ये भैया जी दाणी के नाम से प्रसिद्ध हुए. ये अत्यन्त सम्पन्न पिता के इकलौते पुत्र थे. उनके पिता श्री बापू जी लोकमान्य तिलक के भक्त थे. अतः घर से ही देशप्रेम के बीज उनके मन में पड़ गये थे, ज ...

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    08 अक्तूबर / पुण्यतिथि – लोकनायक जयप्रकाश नारायण

    लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने जहां एक ओर स्वाधीनता संग्राम में योगदान दिया, वहां 1947 के बाद भूदान आंदोलन और खूंखार डकैतों के आत्मसमर्पण में भी प्रमुख भूमिका निभाई. 1970 के दशक में तानाशाही के विरुद्ध हुए आंदोलन का उन्होंने नेतृत्व किया. इन विशिष्ट कार्यों के लिए शासन ने 1998 में उन्हें मरणोपरांत ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया. जयप्रकाश जी का जन्म 11 अक्तूबर, 1902 को उ.प्र. के बलिया जिले में हुआ था. पटना में पढ़ ...

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    07 अक्तूबर / राज्यारोहण दिवस – दिल्ली के अंतिम हिन्दू सम्राट हेमचन्द्र विक्रमादित्य

    नई दिल्ली. सम्राट हेमचंद्र विक्रमादित्य सोलहवीं सदी के उन राष्ट्रीय महापुरुषों में से एक थे, जिनकी वीरता ने विदेशी आक्रांताओं और मुगल साम्राज्य के छक्के छुड़ा दिए. मात्र 29 दिनों के शासन काल में उन्होंने हिंदवी स्वराज की ओर अनेक कदम उठाये. 24 युद्धों में से 22 में सफ़ल रहे भारत माता के वीर सपूत का 07 अक्टूबर 1556 ई के दिन दिल्ली के पुराने किले में सम्राट विक्रमादित्य की उपाधि के साथ उनका राज्यारोहण हुआ. अपने ...

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    06 अक्तूबर / पुण्यतिथि – गीत के विनम्र स्वर दत्ता जी उनगांवकर

    नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा में देशप्रेम से परिपूर्ण अनेक गीत गाये जाते हैं. उनका उद्देश्य होता है, स्वयंसेवकों को देश एवं समाज के साथ एकात्म करना. इनमें से अधिकांश के लेखक कौन होते हैं, प्रायः इसका पता नहीं लगता. ऐसा ही एक लोकप्रिय गीत है, ‘‘पूज्य माँ की अर्चना का, एक छोटा उपकरण हूँ’’ इसके लेखक थे मध्य भारत के वरिष्ठ प्रचारक दत्ताजी उनगाँवकर, जिन्होंने अन्तिम साँस तक संघ-कार्य करने का व्रत न ...

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    05 अक्तूबर / जन्मदिवस – केरल में हिन्दू शक्ति के सर्जक भास्कर राव कलम्बी

    क्षेत्रफल में बहुत छोटा होने पर भी संघ की सर्वाधिक शाखाएं केरल में ही हैं. इसका बहुतांश श्रेय 05 अक्तूबर, 1919 को रंगून (बर्मा) के पास टिनसा नगर में जन्मे श्री भास्कर राव कलंबी को है. उनके पिता श्री शिवराम कलंबी वहां चिकित्सक थे. रंगून में प्राथमिक शिक्षा पाकर वे मुंबई आ गये. मुंबई के प्रथम प्रचारक श्री गोपालराव येरकुंटवार के माध्यम से वे 1935 में शिवाजी उद्यान शाखा में जाने लगे. डॉ. हेडगेवार जी के मुंबई आन ...

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    05 अक्तूबर / जन्मदिवस – महारानी दुर्गावती

    नई दिल्ली. महारानी दुर्गावती कालिंजर के राजा कीर्तिसिंह चंदेल की एकमात्र संतान थीं. महोबा के राठ गांव में 1524 ई. की दुर्गाष्टमी पर जन्म के कारण उनका नाम दुर्गावती रखा गया. नाम के अनुरूप ही तेज, साहस और शौर्य के कारण इनकी प्रसिद्धि सब ओर फैल गयी. उनका विवाह गढ़ मंडला के प्रतापी राजा संग्राम शाह के पुत्र दलपतशाह से हुआ. 52 गढ़ तथा 35,000 गांवों वाले गोंड साम्राज्य का क्षेत्रफल 67,500 वर्गमील था. यद्यपि दुर्ग ...

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    भारत और विदेश में क्रांतिकारियों को प्रेरित करने वाले श्यामजी कृष्ण वर्मा

    सच्चे देशभक्त, भारत और विदेश में क्रांतिकारियों को प्रेरित करने वाले, लंदन में 'इंडिया हाउस' की स्थापना कर उसे क्रांतिकारियों का केंद्र बनाने वाले स्वतंत्रता सेनानी श्यामजी कृष्ण वर्मा का जन्म 4 अक्तूबर 1857 को माण्डवी कस्बे (गुजरात) में हुआ था. बीस वर्ष की आयु से ही वे क्रान्तिकारी गतिविधियों में हिस्सा लेने लगे थे. पुणे में दिये गये उनके संस्कृत के भाषण से प्रभावित होकर मोनियर विलियम्स ने वर्मा जी को ऑक्स ...

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