You Are Here: Home » व्यक्तित्व

    25 अगस्त / जन्मदिवस – शिक्षानुरागी सुशीला देवी

    नई दिल्ली. सुशीला देवी का जन्म 25 अगस्त, 1914 को जम्मू-कश्मीर राज्य के दीवान बद्रीनाथ जी, विद्यावती जी के घर में ज्येष्ठ पुत्री के रूप में हुआ था. उन्हें अपने पिताजी से प्रशासनिक क्षमता तथा माताजी से धर्मप्रेम विरासत में मिला था. जब वे कानपुर के प्रख्यात समाजसेवी रायबहादुर विक्रमाजीत सिंह की पुत्रवधू बन कर आयीं, तो ससुराल पक्ष से उन्हें शिक्षा संस्थाओं के प्रति प्रेम भी प्राप्त हुआ. इन गुणों को विकसित करते ...

    Read more

    24 अगस्त / जन्मदिवस – बलिदान को उत्सुक शहीद राजगुरु

    नई दिल्ली. सामान्यतः लोग धन, पद या प्रतिष्ठा प्राप्ति के लिए एक-दूसरे से होड़ करते हैं, पर क्रांतिवीर राजगुरु सदा इस होड़ में रहते थे कि किसी भी खतरनाक काम का मौका भगत सिंह से पहले उन्हें मिलना चाहिए. हरि नारायण जी और पार्वतीबाई के पुत्र शिवराम हरि राजगुरु का जन्म 24 अगस्त, 1908 को पुणे के पास खेड़ा (वर्तमान राजगुरु नगर) में हुआ था. उनके एक पूर्वज पंडित कचेश्वर को छत्रपति शिवाजी के प्रपौत्र साहू जी ने राजगु ...

    Read more

    23 अगस्त / बलिदान दिवस – उड़ीसा में हिन्दू जागरण के अग्रदूत : स्वामी लक्ष्मणानंद

    नई दिल्ली. कंधमाल उड़ीसा का वनवासी बहुल पिछड़ा क्षेत्र है. पूरे देश की तरह वहां भी 23 अगस्त, 2008 को जन्माष्टमी पर्व मनाया जा रहा था. रात में लगभग 30-40 क्रूर चर्चवादियों ने फुलबनी जिले के तुमुडिबंध से तीन कि.मी. दूर स्थित जलेसपट्टा कन्याश्रम में हमला बोल दिया. 84 वर्षीय देवतातुल्य स्वामी लक्ष्मणानंद उस समय शौचालय में थे. हत्यारों ने दरवाजा तोड़कर पहले उन्हें गोली मारी और फिर कुल्हाड़ी से उनके शरीर के टुकड़ ...

    Read more

    विवेकानंद शिला स्मारक के शिल्पी – एकनाथ रानाडे

    एकनाथ रानाडे का जन्म 19 नवम्बर, 1914 को ग्राम टिलटिला (जिला अमरावती, महाराष्ट्र) में हुआ था. पढ़ने के लिए वे अपने बड़े भाई के पास नागपुर आ गए. वहीं उनका सम्पर्क डॉ. हेडगेवार से हुआ. बचपन से ही प्रतिभावान एवं शरारती थे. कई बार शरारतों के कारण उन्हें शाखा से निकाला गया; पर वे फिर जिदपूर्वक शाखा में शामिल हो जाते थे. इस स्वभाव के कारण वे जिस काम में हाथ डालते, उसे पूरा करके ही दम लेते थे. मैट्रिक की परीक्षा उत ...

    Read more

    22 अगस्त / जन्मदिवस – संकल्प के धनी डॉ. जगमोहन गर्ग

    नई दिल्ली. भारत की उन्नति स्वदेशी उद्योगों के बल पर ही हो सकती है. इसलिए हमें विदेशों का मुंह देखने की बजाय स्वयं ही आगे आना होगा. संघ के द्वितीय सरसंघचालक श्री गुरुजी ने जब ये शब्द युवा वैज्ञानिक जगमोहन को कहे, तो उन्होंने तत्काल अमरीका की चमकदार नौकरी और वैभव को लात मारकर मातृभूमि की सेवा के लिए देश लौटने का निश्चय कर लिया. डॉ. जगमोहन गर्ग का जन्म गाजियाबाद में 22 अगस्त, 1933 को हुआ था. एक मध्यमवर्गीय परि ...

    Read more

    21 अगस्त / बलिदान दिवस – देशहित में शोएबुल्लाह का बलिदान

    नई दिल्ली. देशसेवा एवं सत्य की रक्षा में जिन पत्रकारों ने अपना बलिदान दिया, उनमें भाग्यनगर (हैदराबाद) के शोएबुल्लाह का नाम भी स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाता है. शोएब का जन्म 12 अक्तूबर, 1920 को आन्ध्र प्रदेश के वारंगल जिले के महबूबाबाद में हुआ था. उनके पिता रेलवे स्टेशन पर पुलिस अधिकारी थे. घर में स्वतन्त्रता आन्दोलन की चर्चाओं का प्रभाव बालक शोएब के मन पर भी पड़ा. क्रान्तिकारी अशफाक उल्लाखाँ के बलिदान के बाद ...

    Read more

    सेवा कार्य के आग्रही के. सूर्यनारायण राव

    संघ में ‘सुरुजी’ के नाम से प्रसिद्ध वरिष्ठ प्रचारक श्री के. सूर्यनारायण राव का जन्म 20 अगस्त, 1924 को कर्नाटक के मैसूर नगर में हुआ था. वैसे यह परिवार इसी राज्य के ग्राम कोरटगेरे (जिला तुमकूर) का मूल निवासी था. उनके पिता श्री कोरटगेरे कृष्णप्पा मैसूर संस्थान में सहायक सचिव थे. उन्होंने पूज्य गोंडवलेकर महाराज से तथा उनकी पत्नी श्रीमती सुंदरप्पा ने ब्रह्मानंदजी से दीक्षा ली थी. अतः धर्म के प्रति प्रेम सुरुजी क ...

    Read more

    20 अगस्त / पुण्यतिथि – इतिहासकार गंगाराम सम्राट

    श्री गंगाराम सम्राट का जन्म 1918 ई. में सिन्धु नदी के तट पर स्थित सन गाँव में हुआ था. उनके गाँव में शिक्षा की अच्छी व्यवस्था थी. पढ़ाई पूरी कर वे उसी विद्यालय में अंग्रेजी पढ़ाने लगे. इसी समय उनका सम्पर्क आर्य समाज से हुआ. आर्य संन्यासियों की अनेक पुस्तकों का अंग्रेजी में अनुवाद कर उन्होंने साहित्य की दुनिया में प्रवेश किया. इसके बाद नौकरी छोड़कर वे सिन्धी समाचार पत्र ‘संसार समाचार’ से जुड़ गये और अनेक वर्ष ...

    Read more

    19 अगस्त / बलिदान दिवस – देवनागरी के नवदेवता बिनेश्वर ब्रह्म

    पूर्वोत्तर भारत में चर्च के षड्यन्त्रों के अनेक रूप हैं. वे हिन्दू धर्म ही नहीं, तो हिन्दी भाषा और देवनागरी लिपि के भी विरोधी हैं. ‘बोडो साहित्य सभा’ के अध्यक्ष श्री बिनेश्वर ब्रह्म भी उनके इसी षड्यन्त्र के शिकार बने, चूंकि वे बोडो भाषा के लिये रोमन लिपि की बजाय देवनागरी लिपि के प्रबल समर्थक थे. श्री बिनरेश्वर ब्रह्म का जन्म 28 फरवरी, 1948 को असम में कोकराझार के पास भरतमुरी ग्राम में श्री तारामुनी एवं श्रीम ...

    Read more

    18 अगस्त / जन्म दिवस – अपराजेय नायक पेशवा बाजीराव

    नई दिल्ली. छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपने भुजबल से एक विशाल भूभाग मुगलों से मुक्त करा लिया था. उनके बाद इस ‘स्वराज्य’ को संभाले रखने में जिस वीर का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण योगदान रहा, उनका नाम था बाजीराव पेशवा. बाजीराव का जन्म 18 अगस्त, 1700 को अपने ननिहाल ग्राम डुबेर में हुआ था. उनके दादा विश्वनाथ भट्ट जी ने शिवाजी महाराज के साथ युद्धों में भाग लिया था. उनके पिता बालाजी विश्वनाथ छत्रपति साहू जी महाराज के महाम ...

    Read more

    हमारे न्यूज़लेटर के लिए साइन अप करें

    VSK Bharat नवीनतम समाचार के बारे में सूचित करने के लिए अभी सदस्यता लें

    Scroll to top