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    10 अगस्त / जन्मदिवस – आधुनिक भामाशाह जी. पुल्लारेड्डी

    नई दिल्ली. पैसा तो बहुत लोग कमाते हैं, पर उसे समाज हित में खुले हाथ से बांटने वाले कम ही होते हैं. लम्बे समय तक विश्व हिन्दू परिषद के कोषाध्यक्ष रहे भाग्यनगर (हैदराबाद) निवासी गुड़मपल्ली पुल्ला रेड्डी ऐसे ही आधुनिक भामाशाह थे, जिन्होंने दो हाथों से धन कमाकर उसे हजार हाथों से बांटा. पुल्लारेड्डी जी का जन्म एक जनवरी, 1921 को आंध्रप्रदेश के करनूल जिले के गोकवरम नामक गांव के एक निर्धन परिवार में हुआ था. इनके पित ...

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    08 अगस्त / राज्याभिषेक दिवस – राजा कृष्णदेव राय

    नई दिल्ली. एक के बाद एक लगातार हमले कर विदेशी मुस्लिम आक्रांताओं ने भारत के उत्तर में अपनी जड़ें जमा ली थीं. अलाउद्दीन खिलजी ने मलिक काफूर को एक बड़ी सेना देकर दक्षिण भारत जीतने के लिए भेजा. वर्ष 1306 से 1315 ई. तक उसने दक्षिण में भारी विनाश किया. ऐसी विकट परिस्थिति में हरिहर और बुक्का राय नामक दो वीर भाइयों ने वर्ष 1336 में विजयनगर साम्राज्य की स्थापना की. इन दोनों को बलात् मुसलमान बना लिया गया था, पर माधवा ...

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    07 अगस्त / जन्मदिवस – ग्राम विकास के पुरोधा सुरेन्द्र सिंह चौहान

    नई दिल्ली. गांव का विकास केवल सरकारी योजनाओं से नहीं हो सकता. इसके लिए ग्रामवासियों की सुप्त शक्ति को जगाना होगा. मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में स्थित मोहद ग्राम के निवासी सुरेन्द्र सिंह चौहान ने इस विचार को व्यवहार रूप में परिणत कर अपने गांव को आदर्श बनाकर दिखाया. ‘भैयाजी’ के नाम से प्रसिद्ध सुरेन्द्र सिंह जी का जन्म सात अगस्त, 1933 को ग्राम मोहद में हुआ था. वर्ष 1950 से 54 तक जबलपुर में पढ़ते समय वे सं ...

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    05 अगस्त / जन्मदिवस – ओजस्वी कवि डॉ. शिवमंगल सिंह ‘सुमन’

    नई दिल्ली. इन दिनों कविता के नाम पर प्रायः चुटकुले और फूहड़ता को ही मंचों पर अधिक स्थान मिल रहा है. यद्यपि श्रेष्ठ काव्य के श्रोताओं की कमी नहीं है, पर फिल्मों और दूरदर्शन के स्तरहीन कार्यक्रमों ने काव्य जैसी दैवी विधा को भी बाजार की वस्तु बना दिया है. वरिष्ठ कवि डॉ. शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ अपने ओजस्वी स्वर से आजीवन इस प्रवृत्ति के विरुद्ध गरजते रहे. पांच अगस्त, 1916 को ग्राम झगरपुर (जिला उन्नाव, उ.प्र.) में जन ...

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    04 अगस्त / जन्मदिवस – साहस एवं मनोबल के धनी राधेश्याम जी

    नई दिल्ली. संघ के वरिष्ठ प्रचारक राधेश्याम जी का जन्म चार अगस्त, 1949 को उत्तर प्रदेश के हाथरस नगर में राजबहादुर जी एवं द्रौपदी देवी जी के घर में हुआ था. उनके घर में पहले हलवाई का कारोबार था, पर फिर उनके पिताजी ने डेरी के व्यवसाय को अपना लिया. इस कारण तीन भाई और एक बहन वाले परिवार के खानपान में सदा दूध, घी आदि की प्रचुरता रही. राधेश्याम जी वर्ष 1961 में हाथरस में स्वयंसेवक बने. अपने एक कक्षा मित्र सतीश के स ...

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    03 अगस्त / जन्मदिवस – भारत भारती के अमर गायक राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त

    नई दिल्ली. यूं तो दुनिया की हर भाषा और बोली में काव्य रचने वाले कवि होते हैं. भारत भी इसका अपवाद नहीं हैं, पर अपनी रचनाओं से राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति पाने वाले कवि कम ही होते हैं. मैथिलीशरण गुप्त हिन्दी भाषा के एक ऐसे ही महान कवि थे, जिन्हें राष्ट्रकवि का गौरव प्रदान किया गया. मैथिलीशरण गुप्त का जन्म चिरगांव (झांसी, उत्तर प्रदेश) में तीन अगस्त, 1886 को सेठ रामचरणदास कनकने के घर में हुआ था. घर में जमींदारी औ ...

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    02 अगस्त / जन्मदिवस – गौभक्त प्रचारक राजाराम जी

    नई दिल्ली. राजाराम जी का जन्म दो अगस्त, 1960 को राजस्थान के बारां जिले के ग्राम टांचा (तहसील छीपाबड़ौद) में हुआ था. उनके पिता श्री रामेश्वर प्रसाद यादव एक किसान थे. इस कारण खेती और गाय के प्रति उनके मन में बचपन से ही प्रेम और आदर का भाव था. आगे चलकर संघ के प्रचारक बनने के बाद भी उनका यह भाव बना रहा और वह कार्यरूप में परिणत भी हुआ. राजाराम जी की लौकिक शिक्षा केवल कक्षा 11 तक ही हुई थी. वर्ष 1977 में आपातकाल ...

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    01 अगस्त / पुण्यतिथि – उपन्यासकार बाबू देवकीनन्दन खत्री

    नई दिल्ली. हिन्दी में ग्रामीण पृष्ठभूमि पर सामाजिक समस्याओं को जाग्रत करने वाले उपन्यास लिखने के लिए प्रेमचन्द को याद किया जाता है, तो जासूसी उपन्यास विधा को लोकप्रिय करने का श्रेय बाबू देवकीनन्दन खत्री को है. बीसवीं सदी के प्रारम्भ में एक समय ऐसा भी आया था, जब खत्री जी के उपन्यासों को पढ़ने के लिए ही लाखों लोगों ने हिन्दी सीखी थी. बाबू देवकीनन्दन खत्री जी का जन्म अपने ननिहाल पूसा (मुजफ्फरपुर, बिहार) में 18 ...

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    29 जुलाई / पुण्यतिथि – साहसी व दिलेर सूर्यप्रकाश जी

    नई दिल्ली. सूर्यप्रकाश जी मूलतः पंजाब के स्वयंसेवक थे. विभाजन के बाद उनके परिजन दिल्ली आ गये. वर्ष 1949 में वे राजस्थान में प्रचारक के रूप में आये. वर्ष 1949 से 1959 तक वे बीकानेर विभाग तथा फिर वर्ष 1971 तक कोटा विभाग में प्रचारक रहे. सब लोग उन्हें ‘सूरज जी भाई साहब’ कहते थे. जब वे कोटा में प्रचारक होकर आये, तो वहां केवल 25 शाखाएं थीं, पर उनके परिश्रम से कोटा देश में सर्वाधिक 300 शाखाओं वाला जिला हो गया. उन ...

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    28 जुलाई / जन्मदिवस – विश्व हिन्दू परिषद और केशवराम शास्त्री

    गुजरात में 'विश्व हिन्दू परिषद' के पर्याय बने श्री केशवराम शास्त्री का जन्म 28 जुलाई, 1905 को हुआ था. उनके पिता का नाम श्री काशीराम था. धार्मिक परिवार में जन्म लेने के कारण शास्त्री जी को बालपन से ही हिन्दू धर्म ग्रन्थों के अध्ययन में विशेष आनन्द मिलता था. वे अद्भुत मेधा के धनी थे. उन्होंने सैकड़ों ग्रन्थों की रचना की. संयमित जीवन, सन्तुलित भोजन और नियमित दिनचर्या के बल पर वे 102 वर्ष तक सक्रिय रह सके. 1964 ...

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