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    29 जुलाई / पुण्यतिथि – साहसी व दिलेर सूर्यप्रकाश जी

    नई दिल्ली. सूर्यप्रकाश जी मूलतः पंजाब के स्वयंसेवक थे. विभाजन के बाद उनके परिजन दिल्ली आ गये. वर्ष 1949 में वे राजस्थान में प्रचारक के रूप में आये. वर्ष 1949 से 1959 तक वे बीकानेर विभाग तथा फिर वर्ष 1971 तक कोटा विभाग में प्रचारक रहे. सब लोग उन्हें ‘सूरज जी भाई साहब’ कहते थे. जब वे कोटा में प्रचारक होकर आये, तो वहां केवल 25 शाखाएं थीं, पर उनके परिश्रम से कोटा देश में सर्वाधिक 300 शाखाओं वाला जिला हो गया. उन ...

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    28 जुलाई / जन्मदिवस – विश्व हिन्दू परिषद और केशवराम शास्त्री

    गुजरात में 'विश्व हिन्दू परिषद' के पर्याय बने श्री केशवराम शास्त्री का जन्म 28 जुलाई, 1905 को हुआ था. उनके पिता का नाम श्री काशीराम था. धार्मिक परिवार में जन्म लेने के कारण शास्त्री जी को बालपन से ही हिन्दू धर्म ग्रन्थों के अध्ययन में विशेष आनन्द मिलता था. वे अद्भुत मेधा के धनी थे. उन्होंने सैकड़ों ग्रन्थों की रचना की. संयमित जीवन, सन्तुलित भोजन और नियमित दिनचर्या के बल पर वे 102 वर्ष तक सक्रिय रह सके. 1964 ...

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    28 जुलाई / इतिहास स्मृति – त्रिपुरा के बलिदानी स्वयंसेवक

    नई दिल्ली. विश्व भर में फैले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के करोड़ों स्वयंसेवकों के लिए 28 जुलाई, 2001 एक काला दिन सिद्ध हुआ. इस दिन भारत सरकार ने संघ के चार वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की मृत्यु की विधिवत घोषणा कर दी, जिनका अपहरण छह अगस्त, 1999 को त्रिपुरा राज्य में कंचनपुर स्थित ‘वनवासी कल्याण आश्रम’ के एक छात्रावास से चर्च प्रेरित आतंकियों ने किया था. इनमें सबसे वरिष्ठ थे, 68 वर्षीय श्यामलकांति सेनगुप्ता. उनका जन्म ग ...

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    27 जुलाई / जन्मदिवस – सरसंघचालकों के पत्रलेखक बाबूराव चौथाइवाले

    नई दिल्ली. श्री कृष्णराव एवं श्रीमती इंदिरा के सबसे बड़े पुत्र मुरलीधर कृष्णराव (बाबूराव) चौथाइवाले का जन्म 27 जुलाई,  1922 को बारसी (जिला सोलापुर, महाराष्ट्र) में हुआ था. यह परिवार मूलतः यहीं का निवासी था, पर बाबूराव के पिता पहले कलमेश्वर और फिर नागपुर में अध्यापक रहे. बाबूराव के छह में से तीन भाई (शरदराव, शशिकांत तथा अरविन्द चौथाइवाले) प्रचारक बने. जिन दिनों वे कक्षा नवमी में पढ़ते थे, तब कलमेश्वर में डॉ. ...

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    26 जुलाई / जन्मदिवस – निष्ठावान कार्यकर्ता : ओंकार भावे

    विश्व हिन्दू परिषद का काम यूं तो 1964 में प्रारम्भ हुआ; पर उसके प्रभाव में उल्लेखनीय वृद्धि 1984 में प्रारम्भ हुए श्रीराम जन्मभूमि मंदिर आंदोलन से हुई. इस दौरान जिन्होंने हर संघर्ष और संकट को अपने सीने पर झेला, उनमें श्री ओंकार भावे प्रमुख हैं. श्री भावे का जन्म 26 जुलाई, 1924 को आजमगढ़ (उ.प्र.) में श्रीमती लक्ष्मीबाई की गोद में हुआ था. उन दिनों उनके पिता श्री नरसिंह भावे वहां सरकारी सेवा में थे. 14 वर्ष की ...

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    25 जुलाई / बलिदान दिवस – अमर बलिदानी श्रीदेव सुमन

    नई दिल्ली. वर्ष 1947 से पूर्व भारत में राजे-रजवाड़ों का बोलबाला था. कई जगह जनता को अंग्रेजों के साथ उन राजाओं के अत्याचार भी सहने पड़ते थे. श्रीदेव‘सुमन’ की जन्मभूमि उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में भी यही स्थिति थी. उनका जन्म 25 मई, 1916 को बमुण्ड पट्टी के जौल गांव में तारादेवी जी की गोद में हुआ था. इनके पिता हरिराम बडोनी क्षेत्र के प्रसिद्ध वैद्य थे. प्रारम्भिक शिक्षा चम्बा और मिडिल तक की शिक्षा उन्होंने टिह ...

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    24 जुलाई / जन्मदिवस – प्रखर ज्योतिपुंज ज्योति स्वरूप जी

    नई दिल्ली. छोटा कद, पर ऊंचे इरादों वाले ज्योति जी का जन्म 24 जुलाई, 1928 को अशोक नगर (जिला एटा, उत्तर प्रदेश) में हुआ था. इनका परिवार मूलतः इसी जिले के अवागढ़ का निवासी था, पर पिताजी नौकरी के लिए अशोक नगर आ गये थे. छात्र जीवन में ही उनका संपर्क संघ से हुआ और फिर वह उनके मन और प्राण की धड़कन बन गया. बचपन में ही माता-पिता के देहांत के बाद एक बड़ी बहन ने उनका पालन किया. एटा से कक्षा दस उत्तीर्ण कर वे बरेली आ ग ...

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    23 जुलाई / जन्मदिवस – लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक

    नई दिल्ली. भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में ऐसे कई महानायक हैं, जिन्होंने अपने महान कार्यों से देश को स्वतंत्र कराने में अहम भूमिका निभाई है. ऐसे ही एक महान नेता हैं लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक. बाल गंगाधर को आधुनिक भारत का निर्माता कहा जाता है. उन्होंने स्वतंत्रता के साथ देश को आगे बढ़ाने के लिये शिक्षा पर जोर दिया था. वह एक पारम्‍परिक सनातन धर्म को मानने वाले हिन्‍दू थे. उनका अध्‍ययन असीमित था. उनके शोध-प्रबंधों ...

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    23 जुलाई / पुण्यतिथि – आपातकाल के शिकार पांडुरंग पंत क्षीरसागर

    नई दिल्ली. पांडुरंग पंत क्षीरसागर का जन्म वर्धा (महाराष्ट्र) के हिंगणी गांव में हुआ था. बालपन में ही स्थानीय शाखा में जाने लगे. आगामी शिक्षा के लिए नागपुर आकर वे इतवारी शाखा के स्वयंसेवक बने, जो संख्या, कार्यक्रम तथा वैचारिक रूप से बहुत प्रभावी थी. बालासाहब देवरस जी उस शाखा के कार्यवाह थे. शीघ्र ही वे बालासाहब जी के विश्वस्त मित्र बन गये. उनकी प्रेरणा से पांडुरंग जी ने आजीवन संघ कार्य करने का निश्चय कर लिया ...

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    22 जुलाई / पुण्यतिथि – वीरेन्द्र मोहन जी का असमय प्रयाण

    नई दिल्ली. इसे शायद विधि का क्रूर विधान ही कहेंगे कि वीरेन्द्र मोहन जी ने एक दुर्घटना में बाल-बाल बच जाने पर प्रचारक बनने का संकल्प लिया था, पर प्रचारक बनने के बाद एक दुर्घटना में ही उनकी जीवन-यात्रा पूर्ण हुई. वीरेन्द्र जी का जन्म 1963 में ग्राम खिजराबाद (जिला यमुनानगर, हरियाणा) में ज्ञानचंद सिंगला जी एवं शीलादेवी जी के घर में हुआ था. उनके पिताजी की छोटी सी हलवाई की दुकान थी. बड़े भाई सुरेन्द्र जी ने चिकित ...

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