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    14 अगस्त / बलिदान दिवस – देश पर बलिदान होने की खुशी में 4.5 किग्रा बढ़ गया वजन

    नई दिल्ली. अपनी मृत्यु की बात सुनते ही अच्छे से अच्छे व्यक्ति का दिल बैठ जाता है. उसे कुछ खाना-पीना अच्छा नहीं लगता, पर भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम में ऐसे क्रान्तिकारी भी हुए हैं, जिनकी फांसी की तिथि निश्चित होते ही प्रसन्नता में वजन बढ़ना शुरू हो गया. ऐसे ही एक वीर थे सरदार बन्ता सिंह. बन्ता सिंह का जन्म वर्ष 1890 में ग्राम सागवाल (जालन्धर, पंजाब) में हुआ था. वर्ष 1904-05 में कांगड़ा में भूकम्प के समय अपने म ...

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    13 अगस्त / जन्मदिवस – मारवाड़ का रक्षक वीर दुर्गादास राठौड़

    नई दिल्ली. अपनी जन्मभूमि मारवाड़ को मुगलों के आधिपत्य से मुक्त कराने वाले वीर दुर्गादास राठौड़ का जन्म 13 अगस्त, 1638 को ग्राम सालवा में हुआ था. उनके पिता जोधपुर राज्य के दीवान आसकरण तथा माता नेतकंवर थीं. आसकरण की अन्य पत्नियां नेतकंवर से जलती थीं. अतः मजबूर होकर आसकरण ने उसे सालवा के पास लूणवा गांव में रखवा दिया. छत्रपति शिवाजी की तरह दुर्गादास का लालन-पालन उनकी माता ने ही किया. उन्होंने दुर्गादास को वीरता क ...

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    12 अगस्त / जन्म दिवस – महान वैज्ञानिक डॉ. विक्रम साराभाई

    नई दिल्ली. जिस समय देश अंग्रेजों के चंगुल से स्वतन्त्र हुआ, तब भारत में विज्ञान सम्बन्धी शोध प्रायः नहीं होते थे. गुलामी के कारण लोगों के मानस में यह धारणा बनी हुई थी कि भारतीय लोग प्रतिभाशाली नहीं है. शोध करना या नयी खोज करना इंग्लैण्ड, अमरीका, रूस, जर्मनी, फ्रान्स आदि देशों का काम है. इसलिए मेधावी होने पर भी भारतीय वैज्ञानिक कुछ विशेष नहीं कर पा रहे थे. पर, स्वतन्त्रता प्राप्ति के बाद देश का वातावरण बदला. ...

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    11 अगस्त / बलिदान दिवस – अमर बलिदानी खुदीराम बोस

    नई दिल्ली. भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के इतिहास में अनेक कम आयु के वीरों ने भी अपने प्राणों की आहुति दी. उनमें खुदीराम बोस का नाम स्वर्णाक्षरों में लिखा जाता है. अनेक अंग्रेज अधिकारी भारतीयों से बहुत दुर्व्यवहार करते थे. ऐसा ही एक मजिस्ट्रेट किंग्सफोर्ड उन दिनों मुज्जफरपुर, बिहार में तैनात था. वह छोटी-छोटी बात पर भारतीयों को कड़ी सजा देता था. अतः क्रान्तिकारियों ने उससे बदला लेने का निश्चय किया. कोलकाता में ...

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    10 अगस्त / जन्मदिवस – आधुनिक भामाशाह जी. पुल्लारेड्डी

    नई दिल्ली. पैसा तो बहुत लोग कमाते हैं, पर उसे समाज हित में खुले हाथ से बांटने वाले कम ही होते हैं. लम्बे समय तक विश्व हिन्दू परिषद के कोषाध्यक्ष रहे भाग्यनगर (हैदराबाद) निवासी गुड़मपल्ली पुल्ला रेड्डी ऐसे ही आधुनिक भामाशाह थे, जिन्होंने दो हाथों से धन कमाकर उसे हजार हाथों से बांटा. पुल्लारेड्डी जी का जन्म एक जनवरी, 1921 को आंध्रप्रदेश के करनूल जिले के गोकवरम नामक गांव के एक निर्धन परिवार में हुआ था. इनके पित ...

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    08 अगस्त / राज्याभिषेक दिवस – राजा कृष्णदेव राय

    नई दिल्ली. एक के बाद एक लगातार हमले कर विदेशी मुस्लिम आक्रांताओं ने भारत के उत्तर में अपनी जड़ें जमा ली थीं. अलाउद्दीन खिलजी ने मलिक काफूर को एक बड़ी सेना देकर दक्षिण भारत जीतने के लिए भेजा. वर्ष 1306 से 1315 ई. तक उसने दक्षिण में भारी विनाश किया. ऐसी विकट परिस्थिति में हरिहर और बुक्का राय नामक दो वीर भाइयों ने वर्ष 1336 में विजयनगर साम्राज्य की स्थापना की. इन दोनों को बलात् मुसलमान बना लिया गया था, पर माधवा ...

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    07 अगस्त / जन्मदिवस – ग्राम विकास के पुरोधा सुरेन्द्र सिंह चौहान

    नई दिल्ली. गांव का विकास केवल सरकारी योजनाओं से नहीं हो सकता. इसके लिए ग्रामवासियों की सुप्त शक्ति को जगाना होगा. मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में स्थित मोहद ग्राम के निवासी सुरेन्द्र सिंह चौहान ने इस विचार को व्यवहार रूप में परिणत कर अपने गांव को आदर्श बनाकर दिखाया. ‘भैयाजी’ के नाम से प्रसिद्ध सुरेन्द्र सिंह जी का जन्म सात अगस्त, 1933 को ग्राम मोहद में हुआ था. वर्ष 1950 से 54 तक जबलपुर में पढ़ते समय वे सं ...

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    05 अगस्त / जन्मदिवस – ओजस्वी कवि डॉ. शिवमंगल सिंह ‘सुमन’

    नई दिल्ली. इन दिनों कविता के नाम पर प्रायः चुटकुले और फूहड़ता को ही मंचों पर अधिक स्थान मिल रहा है. यद्यपि श्रेष्ठ काव्य के श्रोताओं की कमी नहीं है, पर फिल्मों और दूरदर्शन के स्तरहीन कार्यक्रमों ने काव्य जैसी दैवी विधा को भी बाजार की वस्तु बना दिया है. वरिष्ठ कवि डॉ. शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ अपने ओजस्वी स्वर से आजीवन इस प्रवृत्ति के विरुद्ध गरजते रहे. पांच अगस्त, 1916 को ग्राम झगरपुर (जिला उन्नाव, उ.प्र.) में जन ...

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    04 अगस्त / जन्मदिवस – साहस एवं मनोबल के धनी राधेश्याम जी

    नई दिल्ली. संघ के वरिष्ठ प्रचारक राधेश्याम जी का जन्म चार अगस्त, 1949 को उत्तर प्रदेश के हाथरस नगर में राजबहादुर जी एवं द्रौपदी देवी जी के घर में हुआ था. उनके घर में पहले हलवाई का कारोबार था, पर फिर उनके पिताजी ने डेरी के व्यवसाय को अपना लिया. इस कारण तीन भाई और एक बहन वाले परिवार के खानपान में सदा दूध, घी आदि की प्रचुरता रही. राधेश्याम जी वर्ष 1961 में हाथरस में स्वयंसेवक बने. अपने एक कक्षा मित्र सतीश के स ...

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    03 अगस्त / जन्मदिवस – भारत भारती के अमर गायक राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त

    नई दिल्ली. यूं तो दुनिया की हर भाषा और बोली में काव्य रचने वाले कवि होते हैं. भारत भी इसका अपवाद नहीं हैं, पर अपनी रचनाओं से राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति पाने वाले कवि कम ही होते हैं. मैथिलीशरण गुप्त हिन्दी भाषा के एक ऐसे ही महान कवि थे, जिन्हें राष्ट्रकवि का गौरव प्रदान किया गया. मैथिलीशरण गुप्त का जन्म चिरगांव (झांसी, उत्तर प्रदेश) में तीन अगस्त, 1886 को सेठ रामचरणदास कनकने के घर में हुआ था. घर में जमींदारी औ ...

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