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    07 अक्तूबर / राज्यारोहण दिवस – दिल्ली के अंतिम हिन्दू सम्राट हेमचन्द्र विक्रमादित्य

    नई दिल्ली. सम्राट हेमचंद्र विक्रमादित्य सोलहवीं सदी के उन राष्ट्रीय महापुरुषों में से एक थे, जिनकी वीरता ने विदेशी आक्रांताओं और मुगल साम्राज्य के छक्के छुड़ा दिए. मात्र 29 दिनों के शासन काल में उन्होंने हिंदवी स्वराज की ओर अनेक कदम उठाये. 24 युद्धों में से 22 में सफ़ल रहे भारत माता के वीर सपूत का 07 अक्टूबर 1556 ई के दिन दिल्ली के पुराने किले में सम्राट विक्रमादित्य की उपाधि के साथ उनका राज्यारोहण हुआ. अपने ...

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    06 अक्तूबर / पुण्यतिथि – गीत के विनम्र स्वर दत्ता जी उनगांवकर

    नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा में देशप्रेम से परिपूर्ण अनेक गीत गाये जाते हैं. उनका उद्देश्य होता है, स्वयंसेवकों को देश एवं समाज के साथ एकात्म करना. इनमें से अधिकांश के लेखक कौन होते हैं, प्रायः इसका पता नहीं लगता. ऐसा ही एक लोकप्रिय गीत है, ‘‘पूज्य माँ की अर्चना का, एक छोटा उपकरण हूँ’’ इसके लेखक थे मध्य भारत के वरिष्ठ प्रचारक दत्ताजी उनगाँवकर, जिन्होंने अन्तिम साँस तक संघ-कार्य करने का व्रत न ...

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    05 अक्तूबर / जन्मदिवस – केरल में हिन्दू शक्ति के सर्जक भास्कर राव कलम्बी

    क्षेत्रफल में बहुत छोटा होने पर भी संघ की सर्वाधिक शाखाएं केरल में ही हैं. इसका बहुतांश श्रेय 05 अक्तूबर, 1919 को रंगून (बर्मा) के पास टिनसा नगर में जन्मे श्री भास्कर राव कलंबी को है. उनके पिता श्री शिवराम कलंबी वहां चिकित्सक थे. रंगून में प्राथमिक शिक्षा पाकर वे मुंबई आ गये. मुंबई के प्रथम प्रचारक श्री गोपालराव येरकुंटवार के माध्यम से वे 1935 में शिवाजी उद्यान शाखा में जाने लगे. डॉ. हेडगेवार जी के मुंबई आन ...

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    05 अक्तूबर / जन्मदिवस – महारानी दुर्गावती

    नई दिल्ली. महारानी दुर्गावती कालिंजर के राजा कीर्तिसिंह चंदेल की एकमात्र संतान थीं. महोबा के राठ गांव में 1524 ई. की दुर्गाष्टमी पर जन्म के कारण उनका नाम दुर्गावती रखा गया. नाम के अनुरूप ही तेज, साहस और शौर्य के कारण इनकी प्रसिद्धि सब ओर फैल गयी. उनका विवाह गढ़ मंडला के प्रतापी राजा संग्राम शाह के पुत्र दलपतशाह से हुआ. 52 गढ़ तथा 35,000 गांवों वाले गोंड साम्राज्य का क्षेत्रफल 67,500 वर्गमील था. यद्यपि दुर्ग ...

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    भारत और विदेश में क्रांतिकारियों को प्रेरित करने वाले श्यामजी कृष्ण वर्मा

    सच्चे देशभक्त, भारत और विदेश में क्रांतिकारियों को प्रेरित करने वाले, लंदन में 'इंडिया हाउस' की स्थापना कर उसे क्रांतिकारियों का केंद्र बनाने वाले स्वतंत्रता सेनानी श्यामजी कृष्ण वर्मा का जन्म 4 अक्तूबर 1857 को माण्डवी कस्बे (गुजरात) में हुआ था. बीस वर्ष की आयु से ही वे क्रान्तिकारी गतिविधियों में हिस्सा लेने लगे थे. पुणे में दिये गये उनके संस्कृत के भाषण से प्रभावित होकर मोनियर विलियम्स ने वर्मा जी को ऑक्स ...

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    04 अक्तूबर / बलिदान दिवस – जयमंगल पांडे और नादिर अली का बलिदान

    1857 के स्वाधीनता संग्राम की ज्योति को अपने बलिदान से जलाने वाले मंगल पाण्डे को तो सब जानते हैं; पर उनके नाम से मिलते-जुलते बिहार निवासी जयमंगल पाण्डे का नाम कम लोग जानते हैं. बैरकपुर छावनी में हुए विद्रोह के बाद देश की अन्य छावनियों में भी क्रान्ति-ज्वाल सुलगने लगी थी. बिहार में सैनिक क्रोध से जल रहे थे. 13 जुलाई को दानापुर छावनी में सैनिकों ने क्रान्ति का बिगुल बजाया, तो 30 जुलाई को रामगढ़ बटालियन की आठवी ...

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    01 अक्तूबर / जन्मदिवस – भारत भक्त विदेशी महिला डॉ. एनी बेसेंट

    डॉ. एनी वुड बेसेंट का जन्म एक अक्तूबर, 1847 को लंदन में हुआ था. इनके पिता अंग्रेज तथा माता आयरिश थीं. जब ये पांच वर्ष की थीं, तब इनके पिता का देहांत हो गया. अतः इनकी मां ने इन्हें मिस मेरियट के संरक्षण में हैरो भेज दिया. उनके साथ वे जर्मनी और फ्रांस गयीं और वहां की भाषाएं सीखीं. 17 वर्ष की अवस्था में वे फिर से मां के पास आ गयीं. 1867 में इनका विवाह एक पादरी रेवरेण्ड फ्रेंक से हुआ. वह संकुचित विचारों का था. ...

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    30 सितम्बर / जन्मदिवस – कर्नाटक में हिन्दी के सेवक : विद्याधर गुरुजी

    यूं तो भारत में देववाणी संस्कृत के गर्भ से जन्मी सभी भाषाएं राष्ट्रभाषाएं हैं, फिर भी सबसे अधिक बोली और समझी जाने के कारण हिन्दी को भारत की सम्पर्क भाषा कहा जाता है. भारत की एकता में हिन्दी के इस महत्व को अहिन्दी भाषी प्रान्तों में भी अनेक मनीषियों ने पहचाना और विरोध के बावजूद इसकी सेवा, शिक्षण व संवर्धन में अपना जीवन खपा दिया. ऐसे ही एक मनीषी रहे श्री विद्याधर गुरुजी. उनका जन्म ग्राम गुरमिठकल (गुलबर्गा, कर ...

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    29 सितम्बर / बलिदान दिवस – स्वतन्त्रता सेनानी : मातंगिनी हाजरा

    भारत के स्वाधीनता आन्दोलन में पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं ने भी कदम से कदम मिलाकर संघर्ष किया था. मातंगिनी हाजरा एक ऐसी ही बलिदानी माँ थीं, जिन्होंने अपनी अशिक्षा, वृद्धावस्था तथा निर्धनता को इस संघर्ष में आड़े नहीं आने दिया. मातंगिनी का जन्म 1870 में ग्राम होगला, जिला मिदनापुर, पूर्वी बंगाल (वर्तमान बांग्लादेश) में एक अत्यन्त निर्धन परिवार में हुआ था. गरीबी के कारण 12 वर्ष की अवस्था में ही उनका विवाह ग्राम ...

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    28 सितम्बर / जन्मदिवस – क्रांति का दूसरा नाम शहीद भगत सिंह

    भारत जब भी अपने आजाद होने पर गर्व महसूस करता है तो उसका सर उन महापुरुषों के लिए हमेशा झुकता है, जिन्होंने देश प्रेम की राह में अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया. देश के स्वतंत्रता संग्राम में हजारों ऐसे नौजवान भी थे, जिन्होंने ताकत के बल पर आजादी दिलाने की ठानी और क्रांतिकारी कहलाए. भारत में जब भी क्रांतिकारियों का नाम लिया जाता है तो सबसे पहला नाम शहीद भगत सिंह का आता है. शहीद भगत सिंह ने ही देश के नौजवानों में ...

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