You Are Here: Home » व्यक्तित्व (Page 5)

    आचार्य गिरिराज किशोर – श्रीराम के कार्य को समर्पित व्यक्तित्व

    विश्व हिन्दू परिषद के मार्गदर्शक आचार्य गिरिराज किशोर का जीवन बहुआयामी था. उनका जन्म 04 फरवरी, 1920 को एटा, उ.प्र. के मिसौली गांव में श्री श्यामलाल एवं श्रीमती अयोध्यादेवी के घर में मंझले पुत्र के रूप में हुआ. हाथरस और अलीगढ़ के बाद उन्होंने आगरा से इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की. आगरा में श्री दीनदयाल जी और श्री भव जुगादे के माध्यम से वे स्वयंसेवक बने और फिर उन्होंने संघ के लिये ही जीवन समर्पित कर दिया. प्रचा ...

    Read more

    13 जुलाई / बलिदान दिवस – बाजीप्रभु देशपाण्डे का बलिदान

    नई दिल्ली. छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा हिन्दू पद-पादशाही की स्थापना में जिन वीरों ने नींव के पत्थर की भांति स्वयं को विसर्जित किया, उनमें बाजीप्रभु देशपाण्डे का नाम प्रमुखता से लिया जाता है. एक बार शिवाजी 6,000 सैनिकों के साथ पन्हालगढ़ में घिर गये. किले के बाहर सिद्दी जौहर के साथ एक लाख सेना डटी थी. बीजापुर के सुल्तान आदिलशाह ने अफजलखां के पुत्र फाजल खां के शिवाजी को पराजित करने में विफल होने पर उसे भेजा थ ...

    Read more

    12 जुलाई / पुण्यतिथि – जुगल किशोर जी – घड़ी बेच, उधार लेकर भी जारी रखा संघकार्य

    नई दिल्ली. मध्यभारत प्रांत की प्रथम पीढ़ी के प्रचारकों में से एक जुगल किशोर जी का जन्म इंदौर के एक सामान्य परिवार में वर्ष 1919 में हुआ था. भाई-बहिनों में सबसे बड़े होने के कारण घर वालों को उनसे कुछ अधिक ही अपेक्षाएं थीं, पर उन्होंने संघकार्य का व्रत अपनाकर आजीवन उसका पालन किया. जुगल जी किशोरावस्था में संघ के सम्पर्क में आकर शाखा जाने लगे. उन्होंने इंदौर के होल्कर महाविद्यालय से इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की ...

    Read more

    11 जुलाई / जन्मदिवस – पहाड़ी गांधी बाबा कांशीराम

    नई दिल्ली. बाबा कांशीराम का नाम हिमाचल प्रदेश के स्वतन्त्रता सेनानियों की सूची में शीर्ष पर लिया जाता है. उनका जन्म ग्राम पद्धयाली गुर्नाड़ (जिला कांगड़ा) में 11 जुलाई, 1888 को हुआ था. इनके पिता लखनु शाह जी तथा माता रेवती जी थीं. लखनु शाह जी और उनके परिवार की सम्पूर्ण क्षेत्र में बहुत प्रतिष्ठा थी. स्वतन्त्रता आन्दोलन में अनेक लोकगीतों और कविताओं ने राष्ट्रभक्ति की ज्वाला को प्रज्वलित करने में घी का काम किय ...

    Read more

    10 जुलाई / जन्मदिवस – संकल्प के धनी जयगोपाल जी

    नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की परम्परा में अनेक कार्यकर्ता प्रचारक जीवन स्वीकार करते हैं, पर ऐसे लोग कम ही होते हैं, जो बड़ी से बड़ी व्यक्तिगत या पारिवारिक बाधा आने पर भी अपने संकल्प पर दृढ़ रहते हैं. जयगोपाल जी उनमें से ही एक थे. उनका जन्म अविभाजित भारत के पश्चिमोत्तर सीमा प्रान्त स्थित डेरा इस्माइल खां नगर के एक प्रतिष्ठित एवं सम्पन्न परिवार में 10 जुलाई, 1923 को हुआ था. अब यह क्षेत्र पाकिस्तान में ...

    Read more

    09 जुलाई / जन्मदिवस – राजनीतिक क्षेत्र में संघ के दूत रामभाऊ म्हालगी

    नई दिल्ली. भारत ने ब्रिटेन समरूप लोकतंत्रीय संसदीय प्रणाली को स्वीकार किया है. इसमें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निर्वाचित प्रतिनिधियों की है, पर दुर्भाग्यवश वे अपनी भूमिका ठीक से नहीं निभा पाते हैं. उनकी भूमिका को लेकर शोध एवं प्रशिक्षण देने वाले संस्थान का नाम है - रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी, मुंबई. रामचंद्र म्हालगी जी का जन्म नौ जुलाई, 1921 को ग्राम कडूस (पुणे, महाराष्ट्र) में काशीनाथ जी पंत एवं सरस्वतीबाई के घ ...

    Read more

    09 जुलाई / जन्मदिवस – दुर्लभ चित्रों के संग्रहक : सत्यनारायण गोयल

    नई दिल्ली. प्रसिद्ध फोटो चित्रकार सत्यनारायण गोयल जी का जन्म नौ जुलाई, 1930 को आगरा में हुआ था. वर्ष 1943 में वे संघ के स्वयंसेवक बने. वर्ष 1948 के प्रतिबन्ध के समय वे कक्षा 12 में पढ़ रहे थे. जेल जाने से उनकी पढ़ाई छूट गयी. अतः उन्होंने फोटो मढ़ने का कार्य प्रारम्भ कर दिया. कला में रुचि होने के कारण उन्होंने वर्ष 1956 में ‘कलाकुंज’ की स्थापना की. वे पुस्तक, पत्र-पत्रिकाओं आदि के मुखपृष्ठों के डिजाइन बनाते ...

    Read more

    वीर सावरकर की ऐतिहासिक छलांग

    भारत के स्वाधीनता संग्राम में वीर विनायक दामोदर सावरकर का अद्वितीय योगदान है. उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर देश ही नहीं, तो विदेश में भी क्रांतिकारियों को तैयार किया. इससे अंग्रेजों की नाक में दम हो गया. अतः ब्रिटिश शासन ने उन्हें लंदन में गिरफ्तार कर मोरिया नामक पानी के जहाज से मुंबई भेजा, जिससे उन पर भारत में मुकदमा चलाकर दंड दिया जा सके. पर, सावरकर बहुत जीवट के व्यक्ति थे. उन्होंने ब्रिटेन में ही अंत ...

    Read more

    08 जुलाई / इतिहास स्मृति – टाइगर हिल पर फहराया तिरंगा

    नई दिल्ली. पाकिस्तान अपनी मजहबी मान्यताओं के कारण जन्म के पहले दिन से ही भारत विरोध का मार्ग अपनाया है. जब भी उसने भारत पर हमला किया, उसे मुंह की खानी पड़ी. ऐसा ही एक प्रयास उसने 1999 में किया, जिसे ‘कारगिल युद्ध’ कहा जाता है. भारतीय सेना ने पाक सेना को बुरी तरह से धूल चटाई थी, टाइगर हिल की जीत युद्ध का एक महत्वपूर्ण अध्याय है. सियाचिन भारत की सर्वाधिक ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं में से एक है. चारों ओर बर्फ ही बर ...

    Read more

    07 जुलाई / जन्मदिवस – शौर्यपूर्ण व्यक्तित्व राव हमीर

    नई दिल्ली. भारत के इतिहास में राव हमीर को वीरता के साथ ही उनके हठ के लिए भी याद किया जाता है. उनके हठ के बारे में कहावत प्रसिद्ध है - सिंह सुवन, सत्पुरुष वचन, कदली फलै इक बार, तिरिया तेल हमीर हठ, चढ़ै न दूजी बार.. अर्थात सिंह एक ही बार संतान को जन्म देता है. सज्जन लोग बात को एक ही बार कहते हैं. केला एक ही बार फलता है. स्त्री को एक ही बार तेल एवं उबटन लगाया जाता है अर्थात उसका विवाह एक ही बार होता है. ऐसे ही ...

    Read more

    हमारे न्यूज़लेटर के लिए साइन अप करें

    VSK Bharat नवीनतम समाचार के बारे में सूचित करने के लिए अभी सदस्यता लें

    Scroll to top