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    16 सितम्बर / जन्मदिवस – जन्मजात संघचालक बबुआ जी

    नई दिल्ली. बिहार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की बहुविध गतिविधियों के पर्याय बने कृष्णवल्लभ प्रसाद नारायण सिंह जी (बबुआ जी) का जन्म 16 सितम्बर, 1914 को नालन्दा जिले के रामी बिगहा ग्राम में रायबहादुर ऐदल सिंह जी के घर में हुआ था. बाल्यकाल में परिवार के सभी सदस्यों के नालन्दा से गया आ जाने के कारण उनका अधिकांश समय गया में ही बीता. संघ की स्थापना के बाद डॉ. हेडगेवार जब बिहार गये, तो वहाँ उनका सम्पर्क बबुआ जी से ...

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    15 सितम्बर / जन्मदिवस – आधुनिक विश्वकर्मा विश्वेश्वरैया जी

    नई दिल्ली. आधुनिक भारत के विश्वकर्मा मोक्षगुण्डम विश्वेश्वरैया जी का जन्म 15 सितम्बर, 1861 को कर्नाटक के मैसूर जिले में मुदेनाहल्ली ग्राम में पण्डित श्रीनिवास शास्त्री जी के घर हुआ था. निर्धनता के कारण विश्वेश्वरैया ने घर पर रहकर ही अपने परिश्रम से प्राथमिक स्तर की पढ़ाई की. जब वे 15 वर्ष के थे, तब इनके पिता का देहान्त हो गया. इस पर ये अपने एक सम्बन्धी के घर बंगलौर आ गये. घर छोटा होने के कारण ये रात को मन्द ...

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    14 सितम्बर / बलिदान दिवस – लाला जयदयाल जी का बलिदान

    नई दिल्ली. सन् 1857 में जहाँ एक ओर स्वतन्त्रता के दीवाने सिर हाथ पर लिये घूम रहे थे, वहीं कुछ लोग अंग्रेजों की चमचागीरी और भारत माता से गद्दारी को ही अपना धर्म मानते थे. कोटा (राजस्थान) के शासक महाराव अंग्रेजों के समर्थक थे. पूरे देश में क्रान्ति की चिनगारियाँ 10 मई के बाद फैल गयीं थी, पर कोटा में यह आग अक्तूबर में भड़की. महाराव ने एक ओर तो देशप्रेमियों को बहकाया कि वे स्वयं कोटा से अंग्रेजों को भगा देंगे,  ...

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    13 सितम्बर / बलिदान दिवस – अनशनव्रती यतीन्द्रनाथ दास

    नई दिल्ली.  यतीन्द्रनाथ दास का जन्म 27 अक्तूबर, 1904 को कोलकाता में हुआ था. 16 वर्ष की अवस्था में ही वे असहयोग आंदोलन में दो बार जेल गये थे. इसके बाद वे क्रांतिकारी दल में शामिल हो गये. शचीन्द्रनाथ सान्याल से उन्होंने बम बनाना सीखा. वर्ष 1928 में वे फिर पकड़ लिये गये. वहां जेल अधिकारी द्वारा दुर्व्यवहार करने पर ये उससे भिड़ गये. इस पर इन्हें बहुत निर्ममता से पीटा गया. इसके विरोध में इन्होंने 23 दिन तक भूख ह ...

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    12 सितम्बर / पुण्य तिथि – तमिल काव्य में राष्ट्रवादी स्वर : सुब्रह्मण्य भारती

    नई दिल्ली. भारतीय स्वातंत्र्य संग्राम से देश का हर क्षेत्र और हर वर्ग अनुप्राणित था. ऐसे में कवि भला कैसे पीछे रह सकते थे. तमिलनाडु में इसका नेतृत्व कर रहे थे सुब्रह्मण्य भारती. यद्यपि उन्हें अनेक संकटों का सामना करना पड़ा, पर उनका स्वर मन्द नहीं हुआ. सुब्रह्मण्य भारती का जन्म एट्टयपुरम् (तमिलनाडु) में 11 दिसम्बर, 1882 को हुआ था. पाँच वर्ष की अवस्था में ही वे मातृविहीन हो गये. इस दुःख को भारती ने अपने काव्य ...

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    11 सितम्बर / जन्मदिवस – भूदान यज्ञ के प्रणेता : विनोबा भावे

    नई दिल्ली. स्वतन्त्रता प्राप्ति के बाद निर्धन भूमिहीनों को भूमि दिलाने के लिये हुए ‘भूदान यज्ञ’ के प्रणेता विनायक नरहरि (विनोबा) भावे का जन्म 11 सितम्बर, 1895 को महाराष्ट्र के कोलाबा जिले के गागोदा ग्राम में हुआ था. इनके पिता नरहरि पन्त जी तथा माता रघुमाई जी थीं. विनायक बहुत ही विलक्षण बालक था. वह एक बार जो पढ़ लेता, उसे सदा के लिये कण्ठस्थ हो जाता. उनकी प्रारम्भिक शिक्षा बड़ौदा में हुई. वहाँ के पुस्तकालय म ...

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    10 सितम्बर / पुण्य तिथि – प्रेमावतार नीम करौली बाबा

    नई दिल्ली. बात बहुत पुरानी है. अपनी मस्ती में एक युवा योगी लक्ष्मण दास हाथ में चिमटा और कमण्डल लिये फरुर्खाबाद (उत्तर प्रदेश) से टूण्डला जा रही रेल के प्रथम श्रेणी के डिब्बे में चढ़ गया. गाड़ी कुछ दूर ही चली थी कि एक एंग्लो इण्डियन टिकट निरीक्षक वहाँ आया. उसने बहुत कम कपड़े पहने, अस्त-व्यस्त बाल वाले बिना टिकट योगी को देखा, तो क्रोधित होकर अंट-शंट बकने लगा. योगी अपनी मस्ती में चूर था. अतः वह चुप रहा. कुछ दे ...

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    09 सितम्बर / जन्मदिवस- भारती पत्रिका के संस्थापक – दादा भाई

    नई दिल्ली. आज सब ओर अंग्रेजीकरण का वातावरण है. संस्कृत को मृत भाषा माना जाता है. ऐसे में गिरिराज शास्त्री जी (दादा भाई) ने संस्कृत की मासिक पत्रिका ‘भारती’ का कुशल संचालन कर लोगों को एक नयी राह दिखाई है. दादा भाई का जन्म नौ सितम्बर, 1919 (अनंत चतुर्दशी) को राजस्थान के भरतपुर जिले के कामां नगर में आचार्य आनंदीलाल जी और चंद्राबाई जी के घर में हुआ था. इनके पूर्वज राजवैद्य थे. कक्षा छह के बाद दादा भाई ने संस्कृ ...

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    08 सितम्बर / जन्मदिवस – उदासीन सम्प्रदाय के प्रवर्तक : बाबा श्रीचंद

    नई दिल्ली. हिन्दू धर्म एक खुला धर्म है. इसमें हजारों मत, पंथ और सम्प्रदाय हैं. इस कारण समय-समय पर अनेक नये पंथ और सम्प्रदायों का उदय हुआ है. ये सब मिलकर हिन्दू धर्म की बहुआयामी धारा को सबल बनाते हैं. उदासीन सम्प्रदाय भी ऐसा ही एक मत है. इसके प्रवर्तक बाबा श्रीचंद सिख पंथ के प्रवर्तक गुरु नानकदेव के बड़े पुत्र थे. उनका जन्म आठ सितम्बर, 1449 (भादों शुक्ल 9, वि.संवत् 1551) को सुल्तानपुर (पंजाब) में हुआ था. जन् ...

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    06 सितम्बर / जन्मदिवस – क्रांतिवीर दिनेश गुप्त जी

    नई दिल्ली. क्रांतिवीर दिनेश गुप्त जी का जन्म छह सितम्बर, 1911 को पूर्वी सिमलिया (वर्तमान बांग्लादेश) में हुआ था. आगे चलकर वह भारत की स्वतंत्रता के समर में कूद गए. उनके साथियों में सुधीर गुप्त एवं विनय बोस प्रमुख थे. उन दिनों जेल में क्रांतिकारियों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से तोड़ने के लिये बहुत यातनाएं दी जाती थीं. कोलकाता जेल भी इसकी अपवाद नहीं थी. वहां का जेल महानिरीक्षक कर्नल एनएस सिम्पसन बहुत क्रूर व्य ...

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