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    06 जुलाई / जन्मदिवस – नारी जागरण की अग्रदूत वन्दनीय मौसीजी (लक्ष्मीबाई केलकर)

    नई दिल्ली. बंगाल विभाजन के विरुद्ध हो रहे आन्दोलन के दिनों में छह जुलाई, 1905 को नागपुर में कमल नामक बालिका का जन्म हुआ. तब किसे पता था कि भविष्य में यह बालिका नारी जागरण के एक महान संगठन का निर्माण करेगी. कमल के घर में देशभक्ति का वातावरण था. उसकी मां जब लोकमान्य तिलक का अखबार ‘केसरी’ पढ़ती थीं, तो कमल भी गौर से उसे सुनती थी. केसरी के तेजस्वी विचारों से प्रभावित होकर उसने निश्चय किया कि वह दहेज रहित विवाह ...

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    05 जुलाई / पुण्यतिथि – हंसकर मृत्यु को अपनाने वाले अधीश जी

    नई दिल्ली. किसी ने लिखा है - तेरे मन कुछ और है, दाता के कुछ और. संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख अधीश जी के साथ भी ऐसा ही हुआ. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लिए उन्होंने जीवन अर्पण किया, पर विधाता ने 52 वर्ष की अल्पायु में ही उन्हें अपने पास बुला लिया. अधीश जी का जन्म 17 अगस्त, 1955 को आगरा के एक अध्यापक जगदीश भटनागर तथा उषा देवी के घर में हुआ. बालपन से ही उन्हें पढ़ने और भाषण देने का शौक था. वर्ष 1968 में विद ...

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    04 जुलाई – तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा का उद्घोष गूंजा

    नई दिल्ली. सामान्य धारणा यह है कि आजाद हिन्द फौज और आजाद हिन्द सरकार की स्थापना नेताजी सुभाषचन्द्र बोस ने जापान में की थी. पर, इससे पहले प्रथम विश्व युद्ध के बाद अफगानिस्तान में महान क्रान्तिकारी राजा महेन्द्र प्रताप ने आजाद हिन्द सरकार और फौज बनायी थी, इसमें 6,000 सैनिक थे. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद इटली में क्रान्तिकारी सरदार अजीत सिंह ने ‘आजाद हिन्द लश्कर’ की स्थापना की तथा ‘आजाद हिन्द रेडियो’ का संचालन ...

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    03 जुलाई / पुण्यतिथि – विरक्त सन्त : स्वामी रामसुखदास जी

    नई दिल्ली. धर्मप्रयाण भारत में एक से बढ़कर एक विरक्त सन्त एवं महात्माओं ने जन्म लिया है. ऐसे ही सन्तों में शिरोमणि थे परम वीतरागी स्वामी रामसुखदेव जी महाराज. स्वामी जी के जन्म आदि की ठीक तिथि एवं स्थान का प्रायः पता नहीं लगता, क्योंकि इस बारे में उन्होंने पूछने पर भी कभी चर्चा नहीं की. फिर भी जिला बीकानेर (राजस्थान) के किसी गाँव में उनका जन्म 1902 ई. में हुआ था, ऐसा कहा जाता है. उनका बचपन का नाम क्या था, यह ...

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    02 जुलाई / जन्मदिवस – स्वदेशी अर्थचेतना की संवाहक : डॉ. कुसुमलता केडिया

    नई दिल्ली. स्वदेशी अर्थचेतना की संवाहक डॉ. कुसुमलता केडिया का जन्म दो जुलाई, 1954 को पडरौना (उ.प्र.) में हुआ. इनके पिता श्री राधेश्याम जी संघ के स्वयंसेवक थे. उन्होंने नानाजी देशमुख के साथ गोरखपुर में पहले 'सरस्वती शिशु मंदिर' की स्थापना में सहयोग किया था. द्वितीय सरसंघचालक श्री गुरुजी इनके ननिहाल में प्रायः आते थे. घर में संघ विचार की पत्र-पत्रिकायें भी आतीं थीं. अतः इनके मन पर देशप्रेम के संस्कार बचपन से ...

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    02 जुलाई / जन्मदिवस – सत्रावसान की तिथि याद रही

    नई दिल्ली. सरस्वती शिशु मंदिर योजना का जैसा विस्तार आज देश भर में हुआ है, उसके पीछे जिन महानुभावों की तपस्या छिपी है. उनमें से ही एक थे ..... दो जुलाई, 1929 को मैनपुरी (उत्तर प्रदेश) के जागीर गांव में जन्मे राणा प्रताप सिंह जी. उनके पिता रामगुलाम सक्सेना जी मैनपुरी जिला न्यायालय में प्रतिष्ठित वकील थे. उन्होंने अपने चारों पुत्रों और एक पुत्री को अच्छी शिक्षा दिलाई. राणा जी ने भी 1947 में आगरा से बीएससी की श ...

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    01 जुलाई / जन्मदिवस – श्रमिक हित को समर्पित राजेश्वर दयाल जी

    नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की यह विशेषता ही है कि उसके कार्यकर्त्ता को जिस काम में लगाया जाता है, वह उसमें ही विशेषज्ञता प्राप्त कर लेता है. राजेश्वर जी भी ऐसे ही एक प्रचारक थे, जिन्हें भारतीय मजदूर संघ के काम में लगाया गया, तो उसी में रम गये. कार्यकर्त्ताओं में वे ‘दाऊ जी’ के नाम से प्रसिद्ध थे. राजेश्वर जी का जन्म एक जुलाई, 1933 को ताजगंज (आगरा) में पण्डित नत्थीलाल शर्मा जी तथा चमेली देवी के घर मे ...

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    30 जून / इतिहास स्मृति – संथाल परगना में 20 हजार वीरों ने दी प्राणाहुति

    नई दिल्ली. स्वाधीनता संग्राम में वर्ष 1857 एक मील का पत्थर है, लेकिन वास्तव में अंग्रेजों के भारत आने के कुछ समय बाद से ही विद्रोह का क्रम शुरू हो गया था. कुछ हिस्सों में रवैये से परेशान होकर विरोध करना शुरू कर दिया था. वर्तमान झारखंड के संथाल परगना क्षेत्र में हुआ ‘संथाल हूल’ या ‘संथाल विद्रोह’ इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है. संथाल परगना उपजाऊ भूमि वाला वनवासी क्षेत्र है. वनवासी बंधु स्वभाव से धर्म और प्रकृति के ...

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    29 जून / पुण्यतिथि – देहदानी : शिवराम जोगलेकर जी

    नई दिल्ली. वर्ष 1943 की बात है. द्वितीय सरसंघचालक श्री गुरुजी ने युवा प्रचारक शिवराम जोगलेकर से पूछा - क्यों शिवराम, तुम्हें रोटी अच्छी लगती है या चावल ? उत्तर में शिवराम जी ने कुछ संकोच से कहा - गुरुजी, मैं संघ का प्रचारक हूं. रोटी या चावल, जो मिल जाए, वह खा लेता हूं. तब, श्री गुरुजी ने कहा - अच्छा, तो तुम चेन्नई चले जाओ, अब तुम्हें वहां संघ का काम करना है. इस प्रकार शिवराम जी संघ कार्य के लिए तमिलनाडु में ...

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    कारगिल युद्ध के अमर बलिदानी – कैप्टन विजयंत थापर, मेजर पद्मपाणि आचार्य, कैप्टन नेइकझुको केंगरुस, मेजर अजय सिंह जसरोटिया

    अमर बलिदानी कैप्टन विजयंत थापर कैप्टन विजयंत थापर की बटालियन ने जब 13 जून 1999 को तोलोलिंग जीता, तब वो कारगिल में भारतीय सेना की पहली बड़ी विजय थी. 22 साल की उम्र में अमर बलिदानी विजयंत थापर ने जी भर के ज़िन्दगी जी. खेले, प्यार किया, अपनी पसंद के पेशे को चुना और जब मौका आया, वतन के लिए जान देने से पीछे नहीं हटे. 26 दिसंबर 1976 को जन्मे विजयंत सैनिक परिवार से थे. परदादा डॉ. कैप्टन कर्ता राम थापर, दादा जेएस था ...

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