You Are Here: Home » व्यक्तित्व (Page 7)

    भारत और विदेश में क्रांतिकारियों को प्रेरित करने वाले श्यामजी कृष्ण वर्मा

    सच्चे देशभक्त, भारत और विदेश में क्रांतिकारियों को प्रेरित करने वाले, लंदन में 'इंडिया हाउस' की स्थापना कर उसे क्रांतिकारियों का केंद्र बनाने वाले स्वतंत्रता सेनानी श्यामजी कृष्ण वर्मा का जन्म 4 अक्तूबर 1857 को माण्डवी कस्बे (गुजरात) में हुआ था. बीस वर्ष की आयु से ही वे क्रान्तिकारी गतिविधियों में हिस्सा लेने लगे थे. पुणे में दिये गये उनके संस्कृत के भाषण से प्रभावित होकर मोनियर विलियम्स ने वर्मा जी को ऑक्स ...

    Read more

    04 अक्तूबर / बलिदान दिवस – जयमंगल पांडे और नादिर अली का बलिदान

    1857 के स्वाधीनता संग्राम की ज्योति को अपने बलिदान से जलाने वाले मंगल पाण्डे को तो सब जानते हैं; पर उनके नाम से मिलते-जुलते बिहार निवासी जयमंगल पाण्डे का नाम कम लोग जानते हैं. बैरकपुर छावनी में हुए विद्रोह के बाद देश की अन्य छावनियों में भी क्रान्ति-ज्वाल सुलगने लगी थी. बिहार में सैनिक क्रोध से जल रहे थे. 13 जुलाई को दानापुर छावनी में सैनिकों ने क्रान्ति का बिगुल बजाया, तो 30 जुलाई को रामगढ़ बटालियन की आठवी ...

    Read more

    01 अक्तूबर / जन्मदिवस – भारत भक्त विदेशी महिला डॉ. एनी बेसेंट

    डॉ. एनी वुड बेसेंट का जन्म एक अक्तूबर, 1847 को लंदन में हुआ था. इनके पिता अंग्रेज तथा माता आयरिश थीं. जब ये पांच वर्ष की थीं, तब इनके पिता का देहांत हो गया. अतः इनकी मां ने इन्हें मिस मेरियट के संरक्षण में हैरो भेज दिया. उनके साथ वे जर्मनी और फ्रांस गयीं और वहां की भाषाएं सीखीं. 17 वर्ष की अवस्था में वे फिर से मां के पास आ गयीं. 1867 में इनका विवाह एक पादरी रेवरेण्ड फ्रेंक से हुआ. वह संकुचित विचारों का था. ...

    Read more

    30 सितम्बर / जन्मदिवस – कर्नाटक में हिन्दी के सेवक : विद्याधर गुरुजी

    यूं तो भारत में देववाणी संस्कृत के गर्भ से जन्मी सभी भाषाएं राष्ट्रभाषाएं हैं, फिर भी सबसे अधिक बोली और समझी जाने के कारण हिन्दी को भारत की सम्पर्क भाषा कहा जाता है. भारत की एकता में हिन्दी के इस महत्व को अहिन्दी भाषी प्रान्तों में भी अनेक मनीषियों ने पहचाना और विरोध के बावजूद इसकी सेवा, शिक्षण व संवर्धन में अपना जीवन खपा दिया. ऐसे ही एक मनीषी रहे श्री विद्याधर गुरुजी. उनका जन्म ग्राम गुरमिठकल (गुलबर्गा, कर ...

    Read more

    29 सितम्बर / बलिदान दिवस – स्वतन्त्रता सेनानी : मातंगिनी हाजरा

    भारत के स्वाधीनता आन्दोलन में पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं ने भी कदम से कदम मिलाकर संघर्ष किया था. मातंगिनी हाजरा एक ऐसी ही बलिदानी माँ थीं, जिन्होंने अपनी अशिक्षा, वृद्धावस्था तथा निर्धनता को इस संघर्ष में आड़े नहीं आने दिया. मातंगिनी का जन्म 1870 में ग्राम होगला, जिला मिदनापुर, पूर्वी बंगाल (वर्तमान बांग्लादेश) में एक अत्यन्त निर्धन परिवार में हुआ था. गरीबी के कारण 12 वर्ष की अवस्था में ही उनका विवाह ग्राम ...

    Read more

    28 सितम्बर / जन्मदिवस – क्रांति का दूसरा नाम शहीद भगत सिंह

    भारत जब भी अपने आजाद होने पर गर्व महसूस करता है तो उसका सर उन महापुरुषों के लिए हमेशा झुकता है, जिन्होंने देश प्रेम की राह में अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया. देश के स्वतंत्रता संग्राम में हजारों ऐसे नौजवान भी थे, जिन्होंने ताकत के बल पर आजादी दिलाने की ठानी और क्रांतिकारी कहलाए. भारत में जब भी क्रांतिकारियों का नाम लिया जाता है तो सबसे पहला नाम शहीद भगत सिंह का आता है. शहीद भगत सिंह ने ही देश के नौजवानों में ...

    Read more

    27 सितम्बर / जन्मदिवस – आदर्श स्वयंसेवक : सत्यनारायण बंसल

    श्री सत्यनारायण बंसल का जन्म 27 सितम्बर, 1927 (अनंत चतुर्दशी) को हुआ था. उनके पिता श्री बिशनस्वरूप सामाजिक कायकर्ता तथा तथा कोयले के बड़े व्यापारी थे. सत्यनारायण जी ने बी.कॉम, एम.ए. (राजनीति शास्त्र) तथा कानून की उपाधियां प्रथम श्रेणी में प्राप्त कीं. छात्र-जीवन में क्रांतिवीर मास्टर अमीरचंद के संपर्क में आकर उन्होंने स्वाधीनता संग्राम में भाग लिया. सत्यनारायण जी अपने नाम के अनुरूप सदा सत्य पर अड़ जाते थे. ...

    Read more

    26 सितम्बर / जन्मदिवस – कर्मयोगी पंडित सुन्दरलाल जी

    नई दिल्ली. भारत के स्वाधीनता आंदोलन के अनेक पक्ष थे. हिंसा और अहिंसा के साथ कुछ लोग देश तथा विदेश में पत्र-पत्रिकाओं के माध्यम से भी जनजागरण कर रहे थे. अंग्रेज इन सबको अपने लिए खतरनाक मानते थे. 26 सितम्बर, 1886 को खतौली (जिला मुजफ्फरनगर, उ.प्र.) में सुंदरलाल नामक एक तेजस्वी बालक ने जन्म लिया. खतौली में गंगा नहर के किनारे बिजली और सिंचाई विभाग के कर्मचारी रहते हैं. इनके पिता तोताराम श्रीवास्तव जी उन दिनों वह ...

    Read more

    25 सितम्बर / जन्मदिवस – एकात्म मानववाद के प्रणेता : दीनदयाल उपाध्याय

    सुविधाओं में पलकर कोई भी सफलता पा सकता है; पर अभावों के बीच रहकर शिखरों को छूना बहुत कठिन है. 25 सितम्बर, 1916 को जयपुर से अजमेर मार्ग पर स्थित ग्राम धानक्या में अपने नाना पण्डित चुन्नीलाल शुक्ल के घर जन्मे दीनदयाल उपाध्याय ऐसी ही विभूति थे. दीनदयाल जी के पिता श्री भगवती प्रसाद ग्राम नगला चन्द्रभान, जिला मथुरा, उत्तर प्रदेश के निवासी थे. तीन वर्ष की अवस्था में ही उनके पिताजी का तथा आठ वर्ष की अवस्था में मात ...

    Read more

    24 सितंबर / पुण्यतिथि – अजातशत्रु श्री महीपति बालकृष्ण चिकटे

    चिकटे जी के बड़े भाई श्री गोविन्द बालकृष्ण चिकटे मध्य प्रदेश के राज्यपाल श्री चांडी के पी.ए. रहे थे. वे अनेकों मंत्रियों के भी पी.ए रहे. चिकटे जी की पूज्य माता जी का स्वर्गवास हुआ, तब वे केवल एक वर्ष के ही थे. उनके मैट्रिक करते ही पिताजी का भी स्वर्गवास हो गया. किन्तु भाई-बहनों का प्रेम उन्हें भरपूर मिला. सबसे छोटे होने के कारण सब प्यार से उन्हें बाल बुलाते थे. अतः स्वाभाविक ही अपने भाई-बहनों से उनका अथाह स ...

    Read more

    हमारे न्यूज़लेटर के लिए साइन अप करें

    VSK Bharat नवीनतम समाचार के बारे में सूचित करने के लिए अभी सदस्यता लें

    Scroll to top