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    23 सितम्बर / जन्मदिवस – नवदधीचि अनंत रामचंद्र गोखले जी

    नई दिल्ली. अनुशासन के प्रति अत्यन्त कठोर श्री अनंत रामचंद्र गोखले जी का जन्म 23 सितम्बर, 1918 (अनंत चतुर्दशी) को म.प्र. के खंडवा नगर में एक सम्पन्न परिवार में हुआ था. ‘’ संघ के द्वितीय सरसंघचालक श्री गुरुजी के पिता श्री सदाशिव गोलवलकर जब खंडवा में अध्यापक थे, तब वे उनके घर में ही रहते थे. नागपुर से इंटर करते समय गोखले जी धंतोली सायं शाखा में जाने लगे. एक सितम्बर, 1938 को वहीं उन्होंने प्रतिज्ञा ली. इंटर की ...

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    22 सितम्बर / जन्मदिवस – मधुर वाणी के धनी देबव्रत सिंह जी

    नई दिल्ली. ‘देबू दा’ के नाम से प्रसिद्ध देबव्रत सिंह जी का जन्म 22 सितम्बर, 1929 को बंगाल के दीनाजपुर में हुआ था. आजकल यह क्षेत्र बांग्लादेश में है. मुर्शिदाबाद जिले के बहरामपुर में उनका पैतृक निवास था. भवानी चरण सिंह जी उनके पिता तथा वीणापाणि देवी जी उनकी माता थीं. चार भाई और तीन बहनों वाले परिवार में देबू दा सबसे बड़े थे. उनकी शिक्षा अपने पैतृक गांव बहरामपुर में ही हुई. पढ़ने में वे बहुत अच्छे थे. मैट्रिक ...

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    20 सितम्बर / पुण्यतिथि – संस्कृति के संवाहक डॉ. हरवंशलाल ओबराय जी

    नई दिल्ली. भारत में अनेक मनीषी ऐसे हुये हैं, जिन्होंने दुनिया के अन्य देशों में जाकर भारतीय धर्म एवं संस्कृति का प्रचार किया. बहुमुखी प्रतिभा के धनी डॉ. हरवंशलाल ओबराय जी ऐसे ही एक विद्वान् थे, जो एक दुर्घटना के कारण असमय ही दुनिया छोड़ गये. डॉ. हरवंशलाल जी का जन्म 1926 में वर्तमान पाकिस्तान के एक गाँव में हुआ था. प्रारम्भ से ही उनकी रुचि हिन्दू धर्म के अध्ययन के प्रति अत्यधिक थी. सन् 1947 में देश विभाजन के ...

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    19 सितम्बर / जन्मदिवस – वेदमूर्ति : पंडित श्रीपाद सालवलेकर

    वेदों के सुप्रसिद्ध भाष्यकार पंडित श्रीपाद दामोदर सातवलेकर का जन्म 19 सितम्बर, 1867 को महाराष्ट्र के सावंतवाड़ी रियासत के कोलगाव में हुआ था. जन्मपत्री के अनुसार 16 वें वर्ष में उनकी मृत्यु का योग था; पर ईश्वर की कृपा से उन्होंने 102 की आयु पाई. वेदपाठी परिवार होने से उनके कानों में सदा वेदमंत्र गूंजते रहते थे. मामा श्री पेंढारकर के घर सावंतवाड़ी में रहकर उन्होंने प्राथमिक शिक्षा ली. 1887 में एक अंग्रेज वेस् ...

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    18 सितम्बर / जन्मदिवस – सतनामी पन्थ के संस्थापक गुरु घासीदास जी

    नई दिल्ली. छत्तीसगढ़ वन, पर्वत व नदियों से घिरा प्रदेश है. यहाँ प्राचीनकाल से ही ऋषि मुनि आश्रम बनाकर तप करते रहे हैं. ऐसी पवित्र भूमि पर 18 सितम्बर, 1756 (माघ पूर्णिमा) को ग्राम गिरोदपुरी में एक सम्पन्न कृषक परिवार में विलक्षण प्रतिभा के धनी एक बालक ने जन्म लिया. माँ अमरौतिन बाई तथा पिता महँगूदास जी ने प्यार से उसका नाम घसिया रखा. वही आगे चलकर गुरु घासीदास के नाम से प्रसिद्ध हुये. घासीदास जी प्रायः सोनाखान ...

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    17 सितम्बर / जन्मदिवस – अक्षर पुरुष बापू वाकणकर जी

    नई दिल्ली. दुनिया भर में लिपि विशेषज्ञ के नाते प्रसिद्ध लक्ष्मण श्रीधर वाकणकर जी लोगों में बापू के नाम से जाने जाते थे. उनके पूर्वज बाजीराव पेशवा के समय मध्य प्रदेश के धार नगर में बस गये थे. उनके अभियन्ता पिता जब गुना में कार्यरत थे, उन दिनों 17 सितम्बर, 1912 को बापू का जन्म हुआ था. ग्वालियर, नीमच व धार में प्राथमिक शिक्षा प्राप्त कर बापू इंदौर आ गये. यहां उनका परिचय कई क्रांतिकारियों से हुआ. वे जिस अखाड़े ...

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    16 सितम्बर / जन्मदिवस – जन्मजात संघचालक बबुआ जी

    नई दिल्ली. बिहार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की बहुविध गतिविधियों के पर्याय बने कृष्णवल्लभ प्रसाद नारायण सिंह जी (बबुआ जी) का जन्म 16 सितम्बर, 1914 को नालन्दा जिले के रामी बिगहा ग्राम में रायबहादुर ऐदल सिंह जी के घर में हुआ था. बाल्यकाल में परिवार के सभी सदस्यों के नालन्दा से गया आ जाने के कारण उनका अधिकांश समय गया में ही बीता. संघ की स्थापना के बाद डॉ. हेडगेवार जब बिहार गये, तो वहाँ उनका सम्पर्क बबुआ जी से ...

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    15 सितम्बर / जन्मदिवस – आधुनिक विश्वकर्मा विश्वेश्वरैया जी

    नई दिल्ली. आधुनिक भारत के विश्वकर्मा मोक्षगुण्डम विश्वेश्वरैया जी का जन्म 15 सितम्बर, 1861 को कर्नाटक के मैसूर जिले में मुदेनाहल्ली ग्राम में पण्डित श्रीनिवास शास्त्री जी के घर हुआ था. निर्धनता के कारण विश्वेश्वरैया ने घर पर रहकर ही अपने परिश्रम से प्राथमिक स्तर की पढ़ाई की. जब वे 15 वर्ष के थे, तब इनके पिता का देहान्त हो गया. इस पर ये अपने एक सम्बन्धी के घर बंगलौर आ गये. घर छोटा होने के कारण ये रात को मन्द ...

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    14 सितम्बर / बलिदान दिवस – लाला जयदयाल जी का बलिदान

    नई दिल्ली. सन् 1857 में जहाँ एक ओर स्वतन्त्रता के दीवाने सिर हाथ पर लिये घूम रहे थे, वहीं कुछ लोग अंग्रेजों की चमचागीरी और भारत माता से गद्दारी को ही अपना धर्म मानते थे. कोटा (राजस्थान) के शासक महाराव अंग्रेजों के समर्थक थे. पूरे देश में क्रान्ति की चिनगारियाँ 10 मई के बाद फैल गयीं थी, पर कोटा में यह आग अक्तूबर में भड़की. महाराव ने एक ओर तो देशप्रेमियों को बहकाया कि वे स्वयं कोटा से अंग्रेजों को भगा देंगे,  ...

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    13 सितम्बर / बलिदान दिवस – अनशनव्रती यतीन्द्रनाथ दास

    नई दिल्ली.  यतीन्द्रनाथ दास का जन्म 27 अक्तूबर, 1904 को कोलकाता में हुआ था. 16 वर्ष की अवस्था में ही वे असहयोग आंदोलन में दो बार जेल गये थे. इसके बाद वे क्रांतिकारी दल में शामिल हो गये. शचीन्द्रनाथ सान्याल से उन्होंने बम बनाना सीखा. वर्ष 1928 में वे फिर पकड़ लिये गये. वहां जेल अधिकारी द्वारा दुर्व्यवहार करने पर ये उससे भिड़ गये. इस पर इन्हें बहुत निर्ममता से पीटा गया. इसके विरोध में इन्होंने 23 दिन तक भूख ह ...

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