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    सर्वेषां अविरोधेन को सदैव ध्यान में रखें – डॉ. मोहन भागवत जी

    पटना (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने 28 फरवरी को प्रातः पटना के शाखा मैदान में आयोजित बौद्धिक वर्ग को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि ‘सर्वेषां अविरोधेन’ को सदैव ध्यान में रखना चाहिए. हमारा किसी से विरोध नहीं, हम सबको साथ लेकर चलते हैं. हमारे मन में किसी के प्रति द्वेष और ईर्ष्या नहीं आनी चाहिए. बुद्धि-विवेक के साथ ज्यादा समय देकर हमें कार्य करना है. हिन्दू समाज इस देश का ...

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    समतामूलक समाज का निर्माण भी पत्रकारिता का दायित्व

    पटना (विसंकें). विश्व संवाद केंद्र में चल रहे 12 दिवसीय पत्रकारिता प्रशिक्षण वर्ग का समापन शनिवार 23 जनवरी को हो गया. समापन समारोह में वरिष्ठ पत्रकार मणिकांत ठाकुर ने बतौर मुख्य अतिथि कहा कि विश्वसनियता ही पत्रकार की पूंजी होती है. इसलिए जरूरी है कि समाचार संकलन, लेखन एवं इसके प्रकाशन या प्रसारण के समय निष्पक्षता का ध्यान रखा जाये. किसी भी पत्रकार या मीडिया संस्थान की प्रासंगकिता उसके निष्पक्ष रिपोर्टिंग मे ...

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    सिनेमा में बिहार का योगदान सराहनीय रहा है – आरके सिन्हा

    पटना (विसंकें). आरके सिन्हा ने कहा कि बिहार की सिनेमा यात्रा को सहेजने के प्रयास के रूप में यह स्मारिका प्रकाशित हुई. इसके माध्यम से सिनेमा से जुड़े कई अनछुए पहलुओं को पहली बार सिनेमा प्रेमियों के साथ साझा किया गया है. विश्व संवाद केंद्र के पाटलिपुत्र सिने सोसायटी का यह प्रयास सिनेमा के साथ-साथ बिहार के संदर्भ में भी प्रशंसनीय है. आरके सिन्हा विश्व संवाद केंद्र द्वारा प्रकाशित स्मारिका ‘बिहार, सिनेमा और.... ...

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    स्वाधीन देश को स्वत्व, अपनी आत्मा और आवश्यकताओं के अनुसार व्यवस्था निर्माण करना चाहिये – दत्तात्रेय होसबले जी

    पटना (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले जी ने कहा कि स्वाधीन देश को अपने स्वत्व और अपनी आत्मा को पहचान कर तथा अपनी आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर अपने स्वभावानुसार व्यवस्था का निर्माण करना चाहिए. जिस तरह परकीय व्यवस्था राष्ट्र की आत्मा, राष्ट्र के स्वत्व के सुचारू विचार के लिए बाधक है, उसी तरह ही स्वकीय व्यवस्था भी यदि स्वत्वहीन, अर्थहीन हो जाए अथवा वर्तमान समय की आवश्यकताओं ...

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    उपद्रवियों ने बिहार शरीफ में मंदिर को नुकसान पहुंचाया

    पटना (विसंकें). बिहार उपद्रवियों के आतंक के गहरे साये में घिरता नजर आ रहा है. नई सरकार के गठन के बाद उपद्रवियों के हौसले आसमान पर हैं. लक्ष्मी पूजा के समय फुलवारी शरीफ में हुई वारदात की धमक कम भी नहीं हुई थी कि शुक्रवार को बिहार शरीफ में उपद्रवियों ने जमकड़ तांडव मचाया. हजारों की संख्या में जुटे उपद्रवियों ने दुर्गा मंदिर के पुजारी को न सिर्फ पीटा, बल्कि माता की प्रतिमा को अपमानित किया. यज्ञशाला को भ्रष्ट क ...

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    दुनिया के किसी देश में ताकत नहीं जो भारत के मूल ढांचे को खंडित कर सके – इंद्रेश कुमार जी

    पटना (विसंकें). राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच (फैन्स) के बिहार चैप्टर द्वारा पटना के होटल पनाश में  ‘संघीय ढांचा और राष्ट्रीय सुरक्षा’ विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार जी ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है. यहां लगभग 62 लाख लोगों को विभिन्न दायित्व में चुने जाने का प्रावधान है. आम आदमी ...

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    संगोष्ठी में गाय और इस्लाम पुस्तक का विमोचन

    पटना (विसंकें). मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की ओर से पटना के होटल पाटलिपुत्रा अशोका में प्रांतीय गोष्ठी आयोजित की गई. संगोष्ठी को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य इन्द्रेश कुमार जी ने संबोधित करते हुए कहा कि मुसलमानों को 65 सालों से सिर्फ ठगा गया है. उनके संस्कार, शिक्षा और आर्थिक स्थिति में इतनी गिरावट आई है कि आज पूरा मुस्लिम समाज स्वयं को मुख्यधारा से अलग महसूस कर रहा है. उन्होंने पैगम्बर ...

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    भारत फिर से बनेगा विश्व गुरू

    पटना (विसंकें). भारत फिर से विश्व गुरू बनने की राह पर है. स्वामी विवेकानंद के त्याग और परिश्रम से भारत भूमि सिंचित है. उन्होंने भारतीयों को आह्वान किया था - ‘उठने, जागने और अनवरत चलने का.’ इसी राह से भारत विश्वगुरू के सर्वोच्च शिखर पर फिर से विराजमान हो सकता है. यह बात विश्व बंधुत्व दिवस के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने कही. विवेकानंद केंद्र, कन्याकुमारी द्वारा 11 सितंबर को पटना के बिहार उद्योग परि ...

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    इतिहास को आधारयुक्त बनाकर भारतीय संदर्भ में लिखने की आवश्यकता – सतीश चंद्र जी

    पटना (विसंकें). कुरुक्षेत्र विवि से सेवानिवृत्त आचार्य (इतिहास) एवं अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश चंद्र मित्तल ने कहा कि प्राचीन भारतीय इतिहास का आधार आज भी यहां के पुराणों यथा रामायण -महाभारत तथा वेद-वेदांगों में भरा पड़ा है. जबकि इसके इतर कुछ वामपंथी विचारधारा के इतिहासकार वास्तविकता को झुठलाकर इसे मिटाने की कोशिश में लगे हैं. इस मानसिकता को बदलना पड़ेगा. सतीश जी स्थानीय अरविन्द ...

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    हिन्दी साहित्य के इतिहास का पुनर्लेखन आवश्यक – डॉ. अमरनाथ सिन्हा

    पटना (विसंकें). बीएन मंडल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं साहित्यकार डॉ. अमरनाथ सिन्हा ने कहा कि हिन्दी साहित्य के पुनर्लेखन की अत्यंत आवश्यकता है. मध्यकाल के कई साहित्यकारों का उल्लेख प्रचलित इतिहास में नहीं है. भक्ति काल में ज्यादातर वैष्णव मत के साहित्यकारों को स्थान मिला है. सिद्धों, नाथों, जैन और बौद्ध मत के साहित्यकारों का स्थान इतिहास में नहीं है. यह प्रवृति दुर्भाग्यपूर्ण है. वह आचार्य जानकी वल्लभ ...

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