करंट टॉपिक्स

आक्रमणकारियों की बर्बरता का जीवंत प्रमाण ‘खंडित मंदिर’

कहते हैं कि जिस वृक्ष पर मीठे फल होते हैं, उन पर ही अधिक पत्थर पड़ते हैं. भारत पर हुए लगातार विदेशी आक्रमण के मामले...

शारदीय नवरात्र : वनदुर्गाओं की कहानी – साहसी हमसाय

नवरात्रि प्रकृति के साथ एकजुट होने और एक साथ मनाने का उत्सव है. नवरात्रि में ऊर्जा, शक्ति, वीरता, पराक्रम की परंपरा है. नवरात्रि यानि आसुरिक...

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने आईटी नियम, 2021 के तहत 10 यूट्यूब चैनलों के 45 यूट्यूब वीडियो ब्लॉक किए

धार्मिक समुदायों के खिलाफ सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने वाले वीडियो ब्लॉक नई दिल्ली. खुफिया एजेंसियों की जानकारी के आधार पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 10...

शारदीय नवरात्र : वनदुर्गाओं की कहानी …कातकरी समुदाय का गौरव – ठमाताई पवार

नवरात्रि प्रकृति के साथ एकजुट होने और एक साथ मनाने का उत्सव है. नवरात्रि में ऊर्जा, शक्ति, वीरता, पराक्रम की परंपरा है. नवरात्रि यानि आसुरिक...

सेवा भारती द्वारा देश के 25 उत्कृष्ट सेवा विभूतियों का किया जाएगा सम्मान

नई दिल्ली. देश में ऐसे बहुत से दानवीर हैं, जिन्होंने जीवन भर की कमाई को निःस्वार्थ भाव से समाज की सेवा के लिए अर्पित कर...

स्वाधीनता आंदोलन में त्याग, बलिदान और साहस की प्रतीक मातृशक्ति

लोकेन्द्र सिंह प्रत्येक कालखंड में मातृशक्ति ने भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया है. समाज जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में वह पुरुष...

देश का आर्थिक विकास पंडित दीनदयाल जी के एकात्म मानवदर्शन  पर ही संभव – उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़

पंडित दीनदयाल उपाध्याय पर आधारित पांच पुस्तकों का लोकार्पण पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित पुस्तक लोकार्पण समारोह में उपराष्ट्रपति...

डॉ. मोहन भागवत जी ने ‘संकल्प ग्लोब कैपिटल भवन का शिलान्यास’ किया

नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने शनिवार, 24 सितंबर 2022 को धीरपुर दिल्ली में सिविल सेवा प्रतिभागी कन्या छात्रावास...

अमरकंटक का प्राचीन मंदिर समूह ‘रंगमहला’; 40 वर्ष बाद मिली पूजा की अनुमति

जहाँ आदि शंकराचार्य ने स्थापित किया शिवलिंग, अभिषेक करने आती हैं माँ नर्मदा लोकेन्द्र सिंह कोटि तीर्थ माँ नर्मदा उद्गम स्थल के समीप प्राचीन काल...

अमृत महोत्सव – स्त्री, स्वराज और स्वदेशी

प्रो. गीता भट्ट औपनिवेशिक ताकतों के विरोध में जिन दो शब्दों ने वैचारिक अलख जगाई, वे थे -  स्वराज और स्वदेशी. इन दो शब्दों ने...