करंट टॉपिक्स

पराक्रम दिवस – जब नेताजी ने अंग्रेजों के संसाधनों से लड़ी अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई

सौरभ कुमार देश गुलामी की बेड़ियों में जकड़ा था. भारत का एक वीर सपूत देश से सैकड़ों किमी दूर बैठा देश की आजादी के लिए...

साहस, स्वाभिमान एवं स्वानुशासन के जीवंत प्रतीक नेताजी सुभाष चंद्र बोस

प्रणय कुमार महापुरुष या स्वतंत्रता सेनानी  किसी जाति, प्रांत या मज़हब के नहीं होते. वे सबके होते हैं और सब उनके. उन पर गौरव-बोध रखना...

अंग्रेजों का भारत में प्रवेश

प्रशांत पोळ ईस्ट इंडिया कंपनी - २४ सितंबर, १५९९ को शुक्रवार था. इस दिन, लंदन के फाउंडर्स हॉल में, इंग्लैंड के ८० व्यापारी इकट्ठा हुए...

23 जनवरी – ब्रिटिश साम्राज्य पर अंतिम निर्णायक प्रहार करने वाले नेता जी सुभाष चंद्र बोस

यह एक ऐतिहासिक सच्चाई है कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस के नेतृत्व में आजाद हिन्द फौज ने ब्रिटिश साम्राज्यवाद पर अंतिम निर्णायक प्रहार किया था. 21...

समाधान के लिए बीच का रास्ता निकालना चाहिए – भय्याजी जोशी

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह भय्याजी जोशी ने कहा कि कहा कि कृषि कानून से जुड़े मुद्दों को सुलझाने के लिए बीच का रास्ता निकाला...

गुरु गोविंद सिंह जी ने श्रीराम जन्मभूमि की मुक्ति के लिए दो बार युद्ध किया – विनोद बंसल

नई दिल्ली. खालसा पंथ के संस्थापक दशमेश गुरु जी का हमारे देश, धर्म व संस्कृति की रक्षा हेतु योगदान विश्व इतिहास में अनुपम है. उन्होंने...

त्याग, बलिदान, परमार्थ और पराक्रम की अनूठी परंपरा और खालसा-पंथ

प्रणय कुमार जब राष्ट्राकाश गहन अंधकार से आच्छादित था, विदेशी आक्रांताओं एवं आतताइयों द्वारा निरंतर पदाक्रांत किए जाने के कारण संस्कृति-सूर्य का सनातन प्रकाश कुछ...

मजहबी स्वतंत्रता के नाम पर आर्थिक युद्ध

डॉ. नीलम महेंद्र धर्म अथवा पंथ जब तक मानव के व्यक्तिगत जीवन का हिस्सा बनने तक सीमित रहे, वो उसकी आध्यात्मिक उन्नति का माध्यम बन...

समर्पण राम के नाम

भट्टा क्यारकुली गांव निवासी महमूद हसन की स्वयं की माली हालत बहुत अच्छी नहीं है, फिर भी एक उदाहरण प्रस्तुत करते 70 वर्षीय महमूद हसन...

साहस, शौर्य, पराक्रम, त्याग और बलिदान का इतिहास है हमारा

  प्रणय कुमार जिनका नाम लेते ही नस-नस में बिजलियां-सी कौंध जाती हों; धमनियों में उत्साह, शौर्य और पराक्रम का रक्त प्रवाहित होने लगता हो;...