You Are Here: Home » समाचार » मध्य भारत

    शिक्षा और सामाजिक समरसता के लिए विशेष प्रयास करें स्वयंसेवक – डॉ. मोहन भागवत

    मोहल्ला एवं ग्रामीण शिक्षा केंद्रों के संचालन एवं पर्यावरण संरक्षण पर जोर भोपाल (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने वर्तमान चुनौतियों एवं आने वाले समय को ध्यान में रखकर कार्य करने के लिए मध्यभारत एवं मालवा प्रान्त के प्रमुख स्वयंसेवकों का प्रबोधन किया. उन्होंने रविवार को ठेंगड़ी भवन में दोनों प्रान्तों के चयनित स्वयंसेवकों के साथ संवाद किया. कोरोना संक्रमण एवं लॉकडाउन के दौरान स्वय ...

    Read more

    हमारे जनजाती भाइयों और बहनों ने सनातनी संस्कारों को जीवित रखा है

    1193 में मुहम्मद गौरी के मनहूस कदम पड़ने से लेकर 1947 में अंग्रेजों की वापसी तक जिस घने अंधकार ने हिन्दुस्थान की अस्मिता को ढाँक रखा था, 5 अगस्त 2020 को भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या में भव्य मंदिर के पहले पत्थर के आघात की पहली किरण से ही वह छँट रहा है. यह प्रारब्ध की मार ही है कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भी इस धरा के हम सभी आदिवासी, जिनके पुरखों का 10000 वर्षों का इतिहास हमारी स्मृतियों में विद्यमान ह ...

    Read more

    पथ निहारते नयन…. श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण कार्य शुभारंभ – 2

    पिंकेश लता रघुवंशी श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन असंख्य हिन्दुओं के आराध्य भगवान राम और आस्था के केन्द्र श्रीराम जन्मभूमि स्थान के विधर्मियों द्वारा विध्वंस को भला हिन्दू समाज कैसे सहता? अनेक संघर्ष छोटे और बड़े स्वरूपों में चलते रहे और लगातार पाँच सौ वर्षों से हर मन मानस यही स्वप्न संजोता कि अपने जीवन में वह श्री रामलला को अपने भव्य मंदिर में विराजमान होते हुए देखे. किंतु दुर्भाग्य अनेक पीढ़ियां ये स्वप्न अपने मन ...

    Read more

    आदिवासी दिवस के बहाने अलगाववाद की राजनीति…!!!

    डॉ. नीलम महेंद्रा वैश्विक परिदृश्य में कुछ घटनाक्रम ऐसे होते हैं जो अलग-अलग स्थान और अलग-अलग समय पर घटित होते हैं, लेकिन कालांतर में अगर उन तथ्यों की कड़ियाँ जोड़कर उन्हें समझने की कोशिश की जाए तो गहरे षड्यंत्र सामने आते हैं. इन तथ्यों से इतना तो कहा ही जा सकता है कि सामान्य से लगने वाले ये घटनाक्रम असाधारण नतीजे देने वाले होते हैं. क्योंकि इस प्रक्रिया में संबंधित समूह, स्थान या जाति के इतिहास से छेड़छाड़ करके ...

    Read more

    पथ निहारते नयन…. श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण कार्य शुभारंभ – 1

    पिंकेश लता रघुवंशी अपि स्वर्णमयी लंका न मे लक्ष्मण रोचते । जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी ॥ (वाल्मीकि रामायण) लंका विजयोपरांत लंका के वैभव और बनावट देख वहीं रहने के लक्ष्मण जी के आग्रह पर भगवान राम यही उत्तर तो देते हैं - लक्ष्मण! यद्यपि यह लंका सोने की बनी है, फिर भी इसमें मेरी कोई रुचि नहीं है. (क्योंकि) जननी और जन्मभूमि स्वर्ग से भी महान है. उसी जन्मभूमि को पाने और अपने ही जन्म स्थान को सिद्ध करने के ...

    Read more

    धरती और अनंत व्योम में, राम बसे हैं रोम रोम में

    जयराम शुक्ल संवत 2077, भाद्रपद कृष्णपक्ष द्वितीया, बुधवार तदनुसार 5 अगस्त 2020 की तिथि इतिहास में एक युगांतरकारी प्रसंग के साथ दर्ज हो गई. हम सब सौभाग्यशाली हैं कि अयोध्या में प्रभु श्रीराम के मंदिर को आकार लेते, साकार होते देख रहे हैं. प्रभु श्रीराम किसी एक मंदिर में नहीं समूचे ब्राह्मांड के कण-कण, क्षण-क्षण में हैं. अयोध्या का मंदिर तो हमारी आस्था और स्वाभिमान का विषय है, जिसे एक आक्रांता म्लेच्छ ने आहत क ...

    Read more

    भारत नव प्रभात में स्वाभिमान के साथ सुशोभित होगा

    लोकेंद्र सिंह 500 वर्षों के संघर्ष और लंबी प्रतीक्षा के पश्चात अब जाकर वह क्षण आया है, जिसका स्वप्न हिन्दू समाज देख रहा था. अयोध्या जी में भारत की श्रद्धा के केंद्र भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण के शुभारंभ के साथ अब जाकर हिन्दू समाज के आत्मगौरव का वनवास भी खत्म हो रहा है. यह कोई साधारण मंदिर नहीं है, भारत के स्वाभिमान का प्रतीक है. इसलिए यह क्षण सामान्य नहीं है, ऐतिहासिक अवसर है. गौरव की अनुभूति से भर जाने ...

    Read more

    पेटा बता रही है कि बकरीद में छुरा कितना तेज रखें

    सौरभ कुमार इन्टरनेट की गलियों में ऐसे ही भटकते हुए एक वेबसाइट नज़र आई, इस वेबसाइट का नाम था AnimalsinIslam.com, वेबसाइट में जानवरों को लेकर बहुत सी बातें बताई गयीं थीं. इस्लाम में जानवरों के साथ कैसा व्यवहार हो, ये भी बताया गया था. इसी वेबसाइट के वेबपेज में लगे एक लेख का शीर्षक था –“How to slaughter animals properly”. इस लेख में कुछ तरीके बताए गए थे जैसे कि छुरा तेज रखना चाहिए, जानवरों को आराम से पकड़ना चाहिए ...

    Read more

    स्थापना दिवस – भारतीय मजदूर संघ शून्य से शिखर की ओर

    धर्मदास शुक्ला भारतीय मजदूर संघ की स्थापना से पूर्व देश में कई श्रम संगठन कार्यरत थे, जो किसी न किसी राजनीतिक विचारधारा एवं पाश्चात संस्कृति से ओत-प्रोत थे. देश में ट्रेड यूनियनों का प्रचलन 1889 से आया, जब एमए लोंखडे ने बाम्बे मिल एसोशिएसन की शुरूआत की. उनके बाद एनएस जोशी ने 1890 में मद्रास लेबर एसोशिएशन की शुरूआत की. 1891 में बंगाल में एमएन राय ने जूट मिल एसोसिएशन की. एमएन राय ने मार्क्सवाद-लेनिनवाद का लबा ...

    Read more

    वायरल वीडियो – केरवा डेम के समीप मजार बनाकर किया जा रहा अतिक्रमण

    भोपाल. इन दिनों अतिक्रमणकारियों के हौंसले बुलंद हैं, ये बिना किसी डर के कहीं भी सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर लेते हैं. ताजा मामला शहर के केरवा डैम क्षेत्र का है. जहां पर डैम के समीप ही खाली जगह में एक मजार बनाकर एक समाज द्वारा शासकीय भूमि पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है. सरकारी भूमि पर इस प्रकार अनाधिकृत रूप से अतिक्रमण बताता है कि अतिक्रमणकारी अब शासन-प्रशासन से खौफ नहीं खाते. केरवा डैम के समीप मजार ब ...

    Read more

    हमारे न्यूज़लेटर के लिए साइन अप करें

    VSK Bharat नवीनतम समाचार के बारे में सूचित करने के लिए अभी सदस्यता लें

    Scroll to top