करंट टॉपिक्स

वामपंथी इतिहासकारों ने मुसलमानों को गुमराह किया, नहीं तो मुद्दा सुलझ जाता – के.के. मुहम्मद

प्रसिद्ध पुरातत्ववेत्ता और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक (उत्तर) श्री के.के. मुहम्मद जी 1978 में डॉ. बी.बी. लाल की अगुआई वाली उस टीम के...

‘भेद रहित समाज का निर्माण होने वाला है’ – डॉ. मोहन भागवत जी

और फिर कोई अन्याय करने वाला खड़ा न हो सके - इसका इंतजाम होना चाहिए फिर कोई अन्याय करने वाला खड़ा न होना सके -...

नया गणवेश संघ को ज्यादा स्वीकार्य बनाएगा

सप्ताह का इंटरव्यू - मनमोहन वैद्य इससे (गणवेश में बदलाव से) संघ के साथ काम करने में समाज के लोगों को अधिक सहजता रहेगी. युवाओं...

माकपा छोड़ संघ में आना है हत्याओं की वजह

केरल लंबे समय से मार्क्सवादी आतंकवाद की छाया में रहा है. जिस तरह रूस में स्टालिन के कार्यकाल में हत्या की राजनीति का जोर था,...

शिक्षा का मूल उद्देश्य व्यक्तित्व विकास और चरित्र निर्माण होना चाहिए – अतुल कोठारी जी

स्वतंत्रता पश्चात हमें शिक्षा क्षेत्र में किस दिशा में बढ़ना था और हम किस तरफ चल पड़े, हमारी वर्तमान शिक्षा नीति जीवन के मूल उद्देश्यों...

विविधता है, भेद नहीं, इसी आधार पर हम सबको साथ लाते हैं’

शाखा यानी टहनी, इस टहनी को संभालने वाला संघवृक्ष कैसा है ? इसके कार्य की प्रकृति और आयाम क्या हैं, यह जानने के क्रम में...

दुनिया चाहती है कि आपदा के बाद नेपाल फिर खड़ा हो – सह सरकार्यवाह जी

नेपाल में आए भूकम्प के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहसरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले राहत कार्यों का मार्गदर्शन करने नेपाल गए थे. उन्होंने पीडि़तों के दु:ख-दर्द...

निस्वार्थ और पूजा भाव से की गई सेवा ही सच्ची सेवा है – सुहास राव हिरेमठ

सच्चे अर्थों में सेवा का भाव क्या है, सेवा का उद्देश्य क्या है, संघ और सेवा भारती किन क्षेत्रों में सेवा कार्य कर रहे हैं,...

घर वापसी अपनी जड़ों से जुड़ने की स्वाभाविक आकांक्षा है : डॉ. मनमोहन वैद्य

23 दिसंबर को संसद का शीतकालीन सत्र विपक्षी दलों के हंगामे के चलते हुये गतिरोध की भेंट चढ़ गया. देश के कई हिस्सों में घर...

हथकंडे न अपनाते तो पश्चिम एशिया में सिमटे रहते इस्लाम और ईसाइयत: तसलीमा

आगरा में हुई कन्वर्जन की घटना के बाद जिस तरह से एक राजनीतिक बवंडर बनाकर इसे प्रस्तुत किया गया वह असल में एक सामूहिक भय...