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सोशल मीडिया का उपयोग कर समाज का सहारा बने चेतन भार्गव

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सोशल मीडिया आम नागरिकों की ताकत बन चुका है, इसकी सहायता से आज नागरिक कई लोगों की मदद कर पा रहे हैं. सोशल मीडिया के सकारात्मक इस्तेमाल का उदाहरण है – सामाजिक  कार्यकर्ता चेतन भार्गव. जिन्होंने अब तक सोशल मीडिया नेटवर्क के माध्यम से कई लोगों को जीवनदान दिया है, तो कई लोगों की मदद के लिए मुहिम चलाकर गंभीर से गंभीर बीमारियों का इलाज संभव कराया है. सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर कई हजार लोगों के एक बड़े नेटवर्क पर  भार्गव जरूरतमंदों  की जरूरत से संबंधित पोस्ट डालते हैं और उसके बाद समाज के लोग  चेतन के एक आह्वान पर लोगों की मदद करने के लिए खड़े हुए दिखाई देते हैं. चेतन भार्गव ने सोशल मीडिया के सटीक और सदुपयोग का एक उदाहरण सबके समक्ष रखा है.

परिवार ने किया बेदखल भार्गव ने मुहिम चलाकर कराया इलाज 

राजगढ़ जिले के पचोर निवासी महेश यादव पिछले कई महीनों से कैंसर से पीड़ित थे. महेश को कैंसर है, इस बात की जानकारी जब उनके परिजनों को लगी तो उनके परिजनों ने उन्हें घर से बेदखल कर दिया. चेतन भार्गव को जानकारी मिली तो उन्होंने महेश के इलाज के लिये प्रयास शुरू किये. इस बात की जानकारी महेश के मित्रों द्वारा समाजसेवी चेतन भार्गव को मिली थी. जिसके बाद 6 मई से लगातार भार्गव ने फेसबुक टि्वटर और व्हाट्सएप ब्रॉडकास्ट पर महेश यादव की मदद के लिए मुहिम शुरू कर दी. मुहिम के चलते राजगढ़ निवासी महेश यादव का भोपाल के कैंसर अस्पताल में इलाज संभव हो पाया.

यही नहीं कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने महेश यादव के इलाज के लिए आर्थिक रूप से मदद भी की. इन समाजसेवियों द्वारा लगभग ₹40,000 एकत्रित करके महेश यादव की कीमोथेरेपी करा उन्हें वापस घर भेजा गया.

इसी प्रकार से बीनागंज और चाचौड़ा के एक युवक के सड़क हादसे में दोनों पैर टूट गए थे. सड़क हादसे के बारे में जब भार्गव को जानकारी लगी तो उन्होंने तुरंत ही सोशल मीडिया पर पीड़ित युवक की मदद के लिए अपील की, जिसके बाद चाचौड़ा बीनागंज के पूर्व विधायक सहित कई लोग युवक की मदद के लिए आगे आए और युवक का भोपाल में इलाज संभव हुआ.

मंगल आदिवासी के लिए चला रहे अभियान

चेतन भार्गव इन दिनों मुंगावली निवासी मंगल आदिवासी की सहायता हेतु अभियान चला रहे हैं. मंगल ‘गैंग्रीन’ नामक एक जानलेवा बीमारी से ग्रसित है, जिसके इलाज के लिए बीते 16 दिनों से चेतन भार्गव स्वयं भोपाल के एम्स हॉस्पिटल में रुके हुए हैं और लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से मंगल आदिवासी की मदद की अपील कर रहे हैं.

सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म जुड़े हैं हजारों लोग

समाजसेवी चेतन भार्गव से जब हमने बात की तो उन्होंने बताया कि उनका सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक बड़ा और वृहद नेटवर्क तैयार हो गया है. इस नेटवर्क की मदद से ही वह जरूरतमंद लोगों की मदद कर पा रहे हैं. भार्गव ने बताया कि उनके व्हाट्सएप ब्रॉडकास्ट पर लगभग 8000 लोग सक्रिय हैं. इसी प्रकार से फेसबुक की व्यक्तिगत प्रोफाइल पर 13,000 और फेसबुक पेज पर लगभग 18,000 लोग जुड़े हुए हैं. जब भी किसी व्यक्ति की मदद करनी होती है तो वह इन्हीं प्लेटफार्म की मदद लेकर समाजसेवी व नागरिकों से अपील करते हैं और जरूरतमंदों को उनकी जरूरत के हिसाब से मदद मिल जाती है.

लगातार आ रहे मदद हेतु फोन

चेतन भार्गव की जागरूकता और सक्रियता के चलते कई लोगों की जान बच चुकी है और कई लोग गंभीर से गंभीर बीमारियों से जंग जीत चुके हैं. लोगों को मदद मिलने के बाद जो फायदा पहुंचता है. उसकी जानकारी भी भार्गव सोशल मीडिया पर साझा करते हैं. जिसके कारण आज स्थिति यह है कि प्रदेश भर से लगातार ऐसे लोगों के फोन चेतन भार्गव के पास आ रहे हैं, जिन्हें किसी न किसी प्रकार से मदद की जरूरत है. ऐसे लोगों की मदद के लिए भार्गव द्वारा एक डायरी तैयार कर ली गई है और उस डायरी में ऐसे लोगों की जानकारियां नोट डाउन करके अलग-अलग समय पर सोशल मीडिया पर मदद हेतु अपील साझा कर रहे हैं.

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