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छत्तीसगढ़ – कांग्रेस सरकार सामुदायिक भवन के लिए दावत-ए-इस्लामी को देने जा रही थी 25 एकड़ भूमि

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रायपुर. राज्य की कांग्रेस सरकार रायपुर में दावत-ए-इस्लामी संगठन को 25 एकड़ भूमि आवंटित करने जा रही थी, जिसे लेकर हंगामा शुरू हो गया है. और सरकार के कदम को लेकर विरोध भी शुरू हो गया है.

रविवार को भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि दावत-ए-इस्लामी संगठन पाकिस्तान के कराची का है. साथ ही उस विज्ञापन को भी सार्वजनिक किया, जिसमें दावत-ए-इस्लामी संगठन को जमीन आवंटन करने से पहले दावा-आपत्ति मंगाई गई है. विरोध बढ़ने पर कांग्रेस की ओर से कहा गया कि संगठन का आवेदन निरस्त कर दिया गया है.

बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि विज्ञापन में दावत-ए-इस्लामी संगठन का कार्यालय आरडीए प्लॉट संजय नगर बताया गया है. सामुदायिक भवन बनाने के लिए इस भूमि की मांग को लेकर पिछले साल आवेदन किया गया था. इस पर 13 जनवरी तक आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है.

कहा कि, दावत-ए-इस्लामी के विदेशी फंडिंग, आतंकवादी गतिविधियों में शामिल रहने के मामले भी सामने आ चुके हैं. साथ ही कई संस्थाओं के आवेदन 10 साल से पेंडिंग हैं, लेकिन एक साल पहले के आवेदन पर इस संगठन को जमीन देने की पूरी तैयारी है और इतना ही नहीं प्रदेश के कई जिलों में मुस्लिम संगठनों को जमीन आवंटित की जा रही है.

उन्होंने कहा कि आरोप लग चुके हैं और इस संगठन से जुड़े आतंकवादियों/जासूसों को दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने पकड़ा है. छत्तीसगढ़ के दावते इस्लामी संगठन ने अपने फेसबुक पेज पर पाकिस्तानी संस्थापक इलियास कादरी की फोटो भी पोस्ट की है. पाकिस्तानी संगठन और छत्तीसगढ़ दावते इस्लामी संगठन का चिन्ह (मोनो) भी एक ही है.

छत्तीसगढ़ सरकार ऐसे संगठन को 10 लाख 76 हजार स्क्वायर फीट जगह सामुदायिक भवन के लिए दान कर रही है. क्या इतिहास में किसी भी समाज को सामुदायिक भवन बनाने के लिए इतनी बड़ी जगह आवंटित की गई है? क्या सामुदायिक भवन बनाने के लिए 25 एकड़ जगह लगती है?

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