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चित्रकूट – ग्रामोदय मेला में शरदोत्सव की शाम रही कुमार विश्वास के नाम

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चित्रकूट. राष्ट्र ऋषि नानाजी देशमुख की जयंती पर 9 अक्तूबर से दीनदयाल शोध संस्थान के दीनदयाल परिसर चित्रकूट में चल रहे बहुवर्णी कलाओं पर आधारित ग्रामोदय मेला एवं शरदोत्सव के तीसरे दिन सांस्कृतिक मंच पर डॉ. कुमार विश्वास ने चिर-परिचित अंदाज में कविता पाठ शुरू किया तो दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से अभिनंदन किया.

डॉ. कुमार विश्वास की कविता और गीत-गजलों ने श्रोताओं को बांधे रखा. लगभग दो घंटे की अपनी प्रस्तुति में डॉ. कुमार विश्वास ने राजनैतिक दलों पर कविताओं के माध्यम से भी तंज कसा. मूसलाधार बारिश के बाद भी कार्यक्रम में उम्मीद से अधिक लोगों की भीड़ रही. कार्यक्रम की शुरुआत में उन्होंने -”मैं अपने गीत गजलों से उसे पैगाम करता हूं, उसी की दी हुई दौलत उसी के नाम करता हूं, हवा का काम है चलना, दिए का काम है जलना, वो अपना काम करती है, मैं अपना काम करता हूं ” गीत से किया. इसके बाद उन्होंने धाराप्रवाह कविताओं का पाठ किया. श्रोताओं के आग्रह पर उन्होंने – ”कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है ” की भी प्रस्तुति दी.

अपनी कविताओं के बीच बीच में कुमार विश्वास ने राजनीतिक हालातों पर व्यंग भी कसे. उन्होंने व्यंगात्मक लहजे में मध्यप्रदेश की सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा ने कमलनाथ की सरकार को कमल की सरकार समझकर हथिया लिया.

उन्होंने कहा कि आज दो महापुरुषों की जयंती है, नाना जी और जेपी, जिन्होंने भारत के लोकतंत्र को अपहरण से रोकने के लिए समग्र क्रांति का बिगुल फूंका. ऐसे दोनों महापुरुषों को नमन.

पूरे पांडाल में युवाओं का जोश देखने लायक था. चारों तरफ वंस मोर-वंस मोर की गूंज सुनाई दे रही थी. उसके बाद उन्होंने युवाओं को समर्पित एक फरमाइश गीत भी गाया. एक मैं हूं यहां एक तू है, सिर्फ सांसों की ही गुफ्तगू है, शाम के साज पर रोशनी गीत गाते हुए आ रही है, तेरी जुल्फों से छनकर चांदनी नूर बरसा रही है.

भगवान राम ने दक्षिण में विजय पर्व मनाया, अयोध्या में संकल्प पर्व और चित्रकूट में पुरुषार्थ पर्व मनाया. दशरथ नंदन श्री राम जब अयोध्या थे, तब सिर्फ राजकुमार थे, वे जब चित्रकूट आए तभी मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाए. नानाजी देशमुख जिनका आज जन्मदिन है, उन्होंने पुरुषार्थ के बलबूते समाज में अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है.

सियाराम कुटीर पहुंचकर नानाजी को दी श्रद्धांजलि

अपने चित्रकूट आगमन पर कुमार विश्वास आरोग्यधाम के मंदाकिनी कॉटेज पहुंचे. जहां दीनदयाल शोध संस्थान के संरक्षक व वरिष्ठ प्रचारक मदन दास देवी से मुलाकात की. दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन भी साथ रहे. कुमार विश्वास भारत रत्न नानाजी देशमुख को श्रद्धांजलि देने सियाराम कुटीर पहुंचे, वहां नानाजी के कक्ष में पहुंचकर उनको श्रद्धा पुष्प अर्पित किए. और कुछ देर नानाजी के कक्ष में ही बैठकर संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन एवं प्रधान सचिव अतुल जैन के साथ नानाजी से जुड़े पलों को याद करते हुए अपनी चिर-स्मृतियां साझा कीं.

उन्होंने कहा कि नानाजी का कार्य यज्ञ की तरह है, उनको देखकर एक विशेष ऊर्जा का संचार होता है. कुमार विश्वास ने भगवान कामतानाथ जी प्राचीन मुखारविंद के दर्शन भी किये.

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