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पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति योजना में धनराशि बढ़ाना सराहनीय कदम – विद्यार्थी परिषद

नई दिल्ली. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने केन्द्रीय कैबिनेट द्वारा अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना (पीएमएस-एससी) में केंद्रीय प्रायोजित भाग को बढ़ाकर 60% करने के निर्णय को समयानुकूल बताया.

₹ 59,048 करोड़ की कुल अनुमोदित राशि में से केंद्र सरकार द्वारा अगले पांच वर्षों में ₹ 35,534 करोड़ खर्च किए जाएंगे. वर्ष 2017-18 से 2019-20 के दौरान सरकार ने 1100 करोड़ रुपये प्रति वर्ष दिये, जिसे बढ़ाकर वर्ष 2020-21 से 2025-26 के लिये 6000 करोड़ रुपये प्रति वर्ष किया गया है. इससे वंचित वर्गों के लगभग 4 करोड़ विद्यार्थियों की शिक्षा में आने वाली बाधाएं दूर होंगी और कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों की आकांक्षाओं को पूर्ण करने के प्रयासों को बल मिलेगा.

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी ने कहा कि, “अभाविप हमेशा से छात्रहित के लिए तत्पर रहा है, और आज यह ऐतिहासिक निर्णय अभाविप परिवार के संघर्षों का परिणाम है. केन्द्र सरकार की पीएमएस एससी योजना कमजोर वर्ग से आने वाले छात्रों के लिए मददगार होगी. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद गरीब वर्ग के विद्यार्थियों के उत्थान और उन्हें भारत की प्रगति में समान भागीदार बनाने के लिए प्रतिबद्ध और प्रयत्नशील है.

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