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डॉ. आंबेडकर जी की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन

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गुवाहाटी. शहर के भरालूमुख इलाके के सोनाराम खेल मैदान में सैकड़ों स्वच्छता कर्मियों के बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने हजारों दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, जहां 200 विद्यार्थियों ने भोरताल नृत्य किया और 500 ने एक समूह सत्रीय नृत्य कार्यक्रम में भाग लिया.

डॉ. भीमराव आम्बेडकर जी की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में वाल्मीकि संगीत विद्यालय द्वारा आयोजित, सांस्कृतिक कार्यक्रम का शीर्षक সমতাৰ ছন্দেৰে জীৱনৰ জয়গান (समानता के साथ जीवन का उत्सव) का आनंद असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने लिया. उन्होंने वाल्मीकि संगीत विद्यालय की पहल की सराहना की. शहर के 20 सेवा बस्तियों से चयनित स्वच्छता कर्मी परिवारों के प्रतिभावान बच्चों ने बिहू, बिहारी व पंजाबी लोकनृत्य प्रस्तुत किया. मुख्यमंत्री ने डॉ. हेडगेवार स्मारक समिति की भी सराहना की, जो पूर्वोत्तर भारत के विभिन्न अविकसित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और सुधार के लिए काम कर रही है.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह रामदत्ता चक्रधर जी ने कहा कि भारत अतीत में विश्वगुरु था और प्रत्येक भारतीय को देश को पुनः विश्वगुरु अर्थात् दुनिया में सर्वश्रेष्ठ देश बनाने के लिए काम करना चाहिए. हर भारतीय को समान अधिकार और सुविधाएं दिलाने में मदद करने के बाबासाहेब आम्बेडकर के मिशन पर चर्चा की.

प्रसिद्ध असमिया लेखक-पत्रकार अनुराधा सरमा पुजारी ने कहा कि प्रकृति में कोई असमानता नहीं है. यहां पेड़ और जानवर सद्भाव के साथ जीवित रहते हैं. उन्होंने सवाल किया, फिर मनुष्य किसी विशेष वर्ग के साथ भेदभाव क्यों करता है. सरमा पुजारी ने बाबासाहेब द्वारा लिखित भारत के संविधान को दुनिया में सर्वश्रेष्ठ करार दिया.

प्रारंभ में गणमान्य व्यक्तियों ने डॉ. आम्बेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की. इस अवसर पर दक्षिण पाट सत्र के सत्राधिकार नोनी गोपाल देवगोस्वामी, उत्तर कमलबाड़ी सत्र के सत्राधिकार जनार्दन देवगोस्वामी, चमरिया सत्र के सत्राधिकार निगमानंद अधिकारी, सुआलकुची ईश्वरहटी सत्र के सत्राधिकार राजीव लोचन संत सहित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे. आयोजन समिति के अध्यक्ष राम सिंह ने स्वागत भाषण दिया और धन्यवाद प्रस्ताव सचिव शिव बासफोर ने दिया.

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