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दर्शनलाल जी को नम आखों से दी दर्शन लाल जैन को श्रद्धांजलि

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यमुनानगर. महान स्वतंत्रता सेनानी एवं पद्म भूषण स्वर्गीय दर्शन लाल जैन की शोक सभा को प्रेरणा सभा के रूप में सरस्वती विद्या मंदिर जगाधरी में आयोजित किया गया. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने लिखित संदेश भेजकर दर्शन लाल जैन के निधन पर शोक व्यक्त किया और परिजनों को सांत्वना दी. एक डाक्यूमेंट्री के माध्यम से स्वर्गीय दर्शन लाल जैन के जीवन मूल्यों और समाज सेवा में दिए गए योगदान से अवगत करवाया गया.

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्ररेणा सभा में कहा कि स्वर्गीय दर्शन लाल जैन सामान्य व्यक्ति नहीं थे, उन्होंने महामानव के रूप में समाज सेवा को अपना पूरा जीवन समर्पित किया हुआ था. वर्ष 1979 से वे दर्शन लाल जैन से परिचित थे और रोहतक व यमुनानगर में संघ प्रचारक के तौर पर कार्य करते हुए उन्हें अनेकों बार दर्शन लाल जैन से मिलने और उनके व्यक्तित्व को नजदीक से समझने का अवसर मिला. संघ का कार्य करते समय आने वाली बाधाओं व शंकाओं के निवारण में उन्होंने सदैव एक अभिभावक के तौर पर मार्ग दर्शन किया. उनकी सोच को धरातल पर लागू करने का संकल्प लेते हुए सरस्वती नदी को धरातल पर पुर्नजीवित करने के प्रयास किए जा रहे हैं. इसके अलावा लोहगढ़ में बाबा बंदा सिंह बहादुर और पानीपत में शहीदी स्मारक जैसे विचारों को भी पूरा करने का संकल्प लिया है. दर्शन लाल जैन के विचारों और सोच को कार्य रूप देकर ही ऐसे महान व्यक्तिव को सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सकती है. मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए दर्शन लाल जैन के जीवन की विभिन्न घटनाओं को स्मरण किया और कहा कि स्वर्गवास से तीन दिन पहले ही उन्होंने दूरभाष पर किसी महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर चिंता जाहिर की थी. वे 94 वर्ष की आयु होने के बावजूद अंतिम सांस तक समाज सेवा के लिए समर्पित रहे.

सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल जी ने भी स्वर्गीय दर्शन लाल जैन की कार्य शैली और उनके सम्पर्क में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को प्ररेणा देने की भावना से अवगत करवाया. उन्होंने वर्ष 1966 से लेकर 80 वर्ष की आयु तक प्रदेश संघसंचालक के रूप में उनके कार्य की सराहना की. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख अरुण कुमार ने दर्शन लाल जैन के जीवन से जुड़ी विभिन्न घटनाओं का स्मरण किया और कहा कि वे एक व्यक्ति होते हुए भी एक संस्था के रूप में कार्य करते थे.
गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि यह प्रकृति का नियम है कि संसार में जन्म लेने वाले प्रत्येक व्यक्ति को मृत्यु अवश्य प्राप्त होती है, लेकिन दर्शन लाल जैन जैसे महान व्यक्तियों की मृत्यु भी समाज के लिए प्ररेणा बन जाती है. उन्होंने सरस्वती उद्गम स्थल के विकास और सरस्वती नदी के जल प्रवाह के लिए जिस समर्पित भाव से कार्य किया, ऐसा संकल्प बहुत कम लोगों में देखने को मिलता है.

हरियाणा प्रांत संघचालक पवन जिंदल ने कार्यकर्ताओं को उनके जीवन से प्ररेणा लेने के लिए प्रेरित किया. प्ररेणा सभा में दर्शन लाल जैन के जीवन पर डॉ. लक्ष्मी गुप्ता द्वारा संकलित सरस्वती धारा, धरा गाथा नामक पत्रिका का विमोचन भी किया गया. प्रेरणा सभा में डेरा संतपुरा के प्रमुख बाबा जगमोहन सिंह ने भी श्रद्घांजलि दी और दर्शन लाल जैन द्वारा जीवन में किए गए कार्यों की सराहना की.

08 फरवरी, 2021 को दर्शन लाल जैन का निधन हो गया था. प्रेरणा सभा में संघ के प्रांत प्रचारक विजय कुमार, कुरूक्षेत्र के सांसद नायब सिंह सैनी, करनाल के सांसद संजय भाटिया, सहित विभिन्न धार्मिक, राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित रहे.

18 फरवरी, 2021

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