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अपना पेट काट श्रीराम मंदिर के लिए किया निधि समर्पण

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ऊना, हिमाचल प्रदेश. श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण में हर आम और खास अपना सहयोग प्रदान कर रहा है. ऐसे सैकड़ों उदाहरण अनुभव में आए हैं, कि व्यक्ति अपने वर्तमान व भविष्य की चिंता किए बगैर समर्पण कर रहा है.

जम्मू में झोंपड़ी में रहने वाले व्यक्ति ने श्रीराम के चरणों में समर्पण किया. ऐसा ही अनुभव हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला में मिला.

निधि समर्पण टोली के कार्यकर्ता जिला के गगरेट खंड के ओयल मंडल में प्रवास पर थे. यहां मूलतः बिरैल, दरभंगा (बिहार) के रहने वाले सिंघेश्वर साहनी अपने परिवार सहित एक झुग्गी में रहते हैं. मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं. प्रतिदिन की मजदूरी में कभी काम मिलता है, कभी नहीं भी. यानि रोज कुआं खोदकर पानी पीने की नौबत है.

जब उन्हें पता चला कि वर्षों के संघर्ष के पश्चात श्रीराम मंदिर का निर्माण हो रहा है, तो उन्होंने भी निधि समर्पण की इच्छा व्यक्त की. और उन्होंने निधि समर्पण अभियान में जुटे कार्यकर्ताओं को अपनी कमाई में से ₹200 की समर्पण राशि सौंपी. उन्होंने कहा कि उनका सौभाग्य है कि उन्हें भी सहयोग का अवसर मिला.

जयपुर.

अयोध्या में विराजित रामलला के भव्य मंदिर निर्माण के लिए समाज का हर वर्ग अपना सहयोग व समर्पण दे रहा है. मंदिर प्रबंधन और ट्रस्ट भी मंदिर निर्माण में योगदान दे रहे हैं.

सिंधी समाज के प्रमुख तीर्थ स्थान अमरापुरा संस्थान के संत भगत प्रकाश महाराज की प्रेरणा से सिंधी समाज की ओर से संत मनोहर लाल ने श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए 11 लाख रुपये की समर्पण राशि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक निम्बाराम को सौंपी.

इनके अलावा अजमेर के प्रेम प्रकाश आश्रम के संत स्वामी ब्रह्मानंद शास्त्री ने भी 51 हजार रुपये की राशि श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए समर्पित की. संत मनोहर लाल ने अपने उद्गार व्यक्त किए एवं उपस्थित कार्यकर्ताओं व प्रेम प्रकाश आश्रम के अनुयायियों को संदेश दिया.

क्षेत्र प्रचारक निम्बाराम ने कहा कि भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बने, इसके लिये हर वर्ग आगे आ रहा है.

पीठाधीश्वर भगत प्रकाश महाराज ने हरिद्वार से भेजे अपने वीडियो संदेश में कहा – “बड़े हर्ष का विषय है कि सदियों की आस्था का फल अब मिलने जा रहा है. जन-जन की आस्था के केन्द्र प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण शुरू हो गया है. राम साक्षात धर्म की मूर्ति है. जहां धर्म है, वहां जय निश्चित है. उनकी कृपा से, उनके आशीर्वाद से यह शुभ कार्य संपन्न होने जा रहा है. यह कार्य भगवान स्वयं पूर्ण करेंगे. हम सिर्फ निमित्त बन रहे हैं. गीता में भी यही लिखा हुआ है. हम भी सेवा कर अपना जीवन सफल बना रहे हैं.”

इंदौर

इंदौर के संगम नगर में कार्यकर्ता श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निधि समर्पण के लिए घर-घर सम्पर्क कर रहे थे, इसी दौरान किन्नर समाज के लोगों ने कार्यकर्ताओं को देखा और उनसे संपर्क कर श्रीराम मंदिर के लिए समर्पण करने की इच्छा व्यक्त की. कार्यकर्ताओं की टोली ने सहर्ष हामी भरते हुए उनसे समर्पण निधि प्राप्त की.

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