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कानूनी व अन्य आवश्यक सहायता के लिए विहिप के हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें – मिलिंद परांडे

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नई दिल्ली. कर्नाटक में दक्षिण कन्नड़ जिले में प्रवीण नेत्तारू की हत्या सहित हाल ही में जिहादी हिंसा के सभी केस फास्ट ट्रैक अदालतों में चलाए जाने चाहिए, ताकि पीड़ित परिवारों और हिन्दू समुदाय को न्याय सुनिश्चित हो सके. विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे ने अपने वक्तव्य में यह मांग की.

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों को फास्ट ट्रैक न्यायालय बनाने पर तुरंत विचार करना चाहिए. जिहादी मानसिकता यदि ऐसी हिंसा करती रहेगी, तो हिन्दू समाज में प्रत्यक्ष आक्रोश बढ़ेगा और स्वाभाविक तौर पर प्रतिक्रिया भी होगी. यदि ऐसा हुआ, तो इसकी जिम्मेदारी हिन्दू समाज की नहीं होगी.

उन्होंने दोहराया कि विश्व हिन्दू परिषद और उसकी युवा शाखा बजरंग दल ने प्रांतीय स्तर पर हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं. यदि किसी को हिंसा की धमकी मिलती है, तो पुलिस से शिकायत करने के साथ ही कानूनी और सभी आवश्यक सहायता के लिए उन नंबरों पर तत्काल संपर्क करें. विहिप हिन्दू समुदाय के साथ सदैव खड़ा था, खड़ा है और खड़ा रहेगा.

परांडे ने कहा कि मुस्लिम समुदाय को अब तय करना पड़ेगा कि उसे कौन सा नेतृत्व स्वीकार है, मदनी और ओवैसी का या फिर कलाम और अश्फाक उल्ला का. मुस्लिम समुदाय को अतिवादियों व आतंकी मानसिकता को कौम से बाहर का रास्ता दिखाना होगा, अन्यथा उनकी कथनी व करनी का अंतर बना ही रहेगा. जमाते इस्लामी जैसे संगठन दोहरा मानदंड अपनाते हैं. एक ओर वह सिर तन से जुदा करने व बम विस्फोट करने वालों के समर्थन में खड़ा होता है तो वहीं वह कांवड़ियों को जलपान कराने का नाटक भी करता है.

जिहादी हिंसा को बढ़ावा देने वाली, उकसाने और भड़काने वाली सामग्री का प्रचार-प्रसार इंटरनेट के माध्यम से किया जा रहा है. ऐसी सारी सामग्री इंटरनेट पर प्रसारित किए जाने पर संपूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए.

नेपाल से दिल्ली तक टैरर कॉरिडोर बनाने का षड्यंत्र सामने आ चुका है. ऐसे में उसे ध्वस्त करने के लिए केंद्र सरकार को हरसंभव प्रयास करने चाहिए.

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