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एएसआई के पूर्व महानिदेशक बीबी लाल का निधन, अयोध्या में श्रीराम मंदिर के अस्तित्व को किया था प्रमाणित

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नई दिल्ली. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पूर्व महानिदेशक और पुरातत्वविदों में शीर्ष नाम पद्म विभूषण प्रो. बीबी लाल (ब्रज बासी लाल) का शुक्रवार की रात को निधन हो गया. उन्होंने दिल्ली स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली.

उनके प्रयासों का ही परिणाम था कि अयोध्या में श्री राम मंदिर होने की बात साबित हुई, जिसे न्यायालय ने भी स्वीकार किया. प्रो. लाल ने हस्तिनापुर, शिशुपालगढ़, पुराना किला, कालिबंगन सहित कई महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थलों की खुदाई की थी.

दो मई, 1921 को जन्मे बीबी लाल ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से संस्कृत में मास्टर्स किया. इसके बाद 1943 में वह पहुंचे तक्षशिला, जहां उस वक्त के जाने-माने ब्रिटिश आर्कियोलॉजिस्ट मोर्टीमर व्हीलर के अधीन ट्रेनिंग शुरू की. अपने पूरे कार्यकाल में बीबी लाल ने 50 से ज्यादा किताबों पर काम किया. इसके अलावा उनके 150 से ज्यादा शोध पत्र देश और दुनिया के जर्नल्स में प्रकाशित हुए. बीबी लाल की कुछ विशेष पुस्तकों में 2002 में प्रकाशित ‘द सरस्वती फ्लोज ऑन: द कांटीन्यूटी ऑफ इंडियन कल्चर ’ और ‘रामा, हिज़ हिस्ट्रीसिटी, मंदिर एंड सेतु: एविडेंस ऑफ लिट्रेचर, आर्कियोलॉजी एंड अदर साइंसेस ’ 2008 में प्रकाशित हुई थी.

साल 1950 से 1952 के बीच बीबी लाल ने महाभारत से जुड़ी विभिन्न साइट्स पर काम किया. इस दौरान उन्होंने ऊपरी गंगा दोआब आदि में ढेरों पेंटेड ग्रे वेयर साइट्स ढूंढीं. करीब 20 साल बाद 1975 में उन्होंने एक शोधपत्र लिखा था. इसका शीर्षक था, ‘इन सर्च ऑफ इंडियाज़ ट्रेडिशनल पास्ट: लाइट फ्रॉम द एग्केवेशंस ऐट हस्तिनापुर एंड अयोध्या’. इसमें उन्होंने अपनी फाइंडिंग्स को समराइज करते हुए लिखा था कि जो पुरातात्विक प्रमाण मिले हैं, उनसे यह साबित होता है कि यहां पर महाभारत की कहानी का आधार है.

महाभारत की तरह ही बीबी लाल ने रामायण की साइट्स पर भी खोज की थी. उन्होंने साल 1975 में ‘आर्कियोलॉजी ऑफ द रामायण साइट्स’ प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी. इसकी फंडिंग आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, जिवाजी यूनिवर्सिटी ग्वालियर और उत्तर प्रदेश सरकार के पुरातत्व विभाग द्वारा की गई थी. इस प्रोजेक्ट का शुभारंभ 31 मार्च, 1975 को अयोध्या में हुआ था. इस दौरान अयोध्या, भारद्वाज आश्रम, नंदीग्राम, चित्रकूट और श्रृंगवेरपुर आदि जगहों की जांच की गई थी. उनके इसी शोध के आधार पर अयोध्या में राम मंदिर होने की बात स्थापित हुई थी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित अन्य गणमान्य हस्तियों ने बीबी लाल के निधन पर शोक व्यक्त किया.

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