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हनीट्रैप से ठग रहा मेवाती महिलाओं का गैंग

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रोहतक (विसंकें). यदि आपके व्हाट्सएप और मैसेंजर पर किसी युवती की कॉल या मैसेज आए तो सावधान हो जाएं. यह कॉल या मैसेज हरियाणा के मेवात के महिला गैंग का हो सकता है. मेवात की महिलाओं का गिरोह युवाओं को प्रेम जाल में फंसाकर ब्लैकमेल करके उनसे रुपये ऐंठता है. इस गैंग से जुड़े नोएडा में ही एसटीएफ के सामने दस से ज्यादा मामले सामने आए हैं. एसटीएफ के अधिकारी ने बताया कि पिछले दिनों ऐसे कई मामले सामने आए, जिनमें कुछ महिलाओं ने सोशल मीडिया या मोबाइल नंबर पर संपर्क कर लोगों को हनीट्रैप में फंसाया. फिर उन्हें ब्लैकमेल करके लाखों रुपयों की ठगी की. जब एसटीएफ ने अपने स्तर पर जांच पड़ताल की तो खुलासा हुआ कि संबंधित मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया अकाउंट हरियाणा के मेवात से संचालित हो रहे हैं. एसटीएफ अधिकारी का कहना है कि इनको ट्रेस करने के लिए सर्विलांस सहित अन्य तकनीक की मदद ली जा रही है. प्राथमिक जांच में सामने आया है कि ठगी करने वाले गैंग में 100 से ज्यादा महिलाएं और युवतियां शामिल हैं. इसके अलावा कुछ लोग भी गैंग का हिस्सा हैं. हालांकि, गैंग के पुरुष सदस्यों का काम महिलाओं के फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाना है. यह गैंग देश में हजारों लोगों को फंसाकर ठगी कर चुका है. इसका पर्दाफाश करने के लिए जांच टीम में विशेष तौर पर महिला अधिकारियों को शामिल किया गया है.

ऐसे फंसाती हैं शिकार

गैंग की महिलाएं फेसबुक पर आईडी बनाकर प्रोफाइल पर किसी अन्य युवती की फोटो लगाती हैं. मैसेंजर के माध्यम से युवाओं के पास मैसेज भेजती हैं या कॉल करती हैं. युवाओं से 15 से 20 दिन तक बात करके उनसे प्रेम करने का नाटक करती हैं. जब युवा उनके जाल में फंस जाते हैं तो आरोपी महिलाएं उनसे उनकी अश्लील फोटो और वीडियो मंगवाती हैं. युवती पर भरोसा करने के बाद युवा अपने अश्लील फोटो और वीडियो उन्हें भेज देते हैं. महिलाएं उन फोटो-वीडियो को युवाओं के परिजनों और रिश्तेदारों के पास भेजने और सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करती हैं.

अलवर, भरतपुर, मथुरा और नूंह में सक्रिय

गैंग मेवात के अलावा हरियाणा के नूंह, राजस्थान के अलवर और भरतपुर, यूपी के मथुरा में भी सक्रिय है. पुलिस ने जांच के दौरान कई कम्प्यूटर के आईपी एड्रेस खंगाले. इस दौरान सामने आया कि आईपी एड्रेस हरियाणा के अलावा राजस्थान और यूपी में भी सक्रिय हैं. आरोपियों से संबंधित जानकारी स्थानीय पुलिस से भी शेयर की गई है ताकि उनकी मदद से गैंग तक पहुंचा जा सके.

एनसीआर में कई वीआईपी को भी फंसा चुकी हैं

इस गिरोह की महिलाएं अधिकतर अच्छी प्रोफाइल वाले लोगों को ही अपने जाल में फंसाती हैं ताकि उनसे मोटी रकम ठगी जा सके. इस गैंग ने एनसीआर सहित अन्य जगहों के कई वीआईपी लोगों को भी हनी ट्रैप में फंसाकर लाखों रुपये ठगी की है. बताया जा रहा है कि आरोपी जिन बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाती हैं, वह भी फर्जी हैं.

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