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फर्जी खबरों से कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच राजनीति में लगा गिरोह

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भारत में कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है, इसे दूसरी लहर कहा जा रहा है. कई राज्यों ने विभिन्न शहरों में नाईट कर्फ्यू, वीकेंड लॉकडाउन और कहीं कहीं सम्पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की है. इस बार संक्रमण का खतरा पिछले साल के मुकाबले ज्यादा है, जिसके चलते अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है.

लेकिन कोरोना के इस संक्रमण की आड़ में एक और संक्रमण देश को कमजोर करने में लगा है. लाशों के ढेर पर बैठकर राजनीति करने वाला गिरोह दोबारा एक्टिव हो रहा है. कोरोना संक्रमण को लेकर भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं.

भोपाल में एक दैनिक समाचार पत्र में एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई, खबर थी कि राजधानी के सबसे बड़े अस्पताल AIIMS में एक साथ 102 डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. स्वाभाविक तौर पर इस खबर को पढ़ते ही लोगों में डर बढ़ने लगा क्योंकि पिछले एक सप्ताह से यही समाचार पत्र प्रचारित कर रहा है कि अस्पतालों में बेड नहीं मिल रहे, सरकार द्वारा बताए गए आकड़ों से कहीं ज्यादा शव घाटों में जलाए जा रहे हैं. इस सारे डर के बीच 102 डॉक्टर का पॉजिटिव आना मतलब राजधानी की पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था का धराशाई हो जाना.

दोपहर होते-होते AIIMS की तरफ से मीडिया को जानकारी दी गयी कि समाचार पत्र की रिपोर्ट पूरी तरह से गलत व भ्रामक है. 102 नहीं, बल्कि 02 डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. एम्स प्रबंधन ने बताया कि 8 अप्रैल की रात तक 1285 में से केवल 38 विद्यार्थी संक्रमित हुए हैं. जबकि 2000 स्वास्थ्य कर्मियों में से 13 संक्रमित हुए हैं और 200 से ज्यादा संकाय सदस्यों में से केवल 2 सदस्य ही संक्रमित हुए हैं. अब तक सभी स्वास्थ्यकर्मी, विद्यार्थी या रेजीडेंट डॉक्टर स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं. कोई गंभीर बीमारी से ग्रसित नहीं है. कुछ मीडिया संस्थानों ने दावा किया कि समाचार पत्र में छपी इस खबर को कांग्रेस के मीडिया विभाग ने फैलाया था.

महाराष्ट्र में वैक्सीन की कमी

महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों से अचानक ये खबर आनी शुरू हुई कि टीकाकरण केन्द्रों पर वैक्सीन खत्म हो गई है, अब लोगों को टीका नहीं लग पाएगा. आज देश के सभी राज्यों के मुकाबले कोरोना की स्थिति महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा खराब है.

महाराष्ट्र की सरकार कोरोना के रोकथाम की जगह व्यापारियों से वसूली, न्यूज़ एंकर की गिरफ्तारी, अभिनेत्रियों के घर तोड़ने में व्यस्त है. ऐसे में जब स्थिति बिगड़ रही है तो महाराष्ट्र सरकार किसी तरह दोष केंद्र सरकार के ऊपर मढ़ना चाहती है.

महाराष्ट्र सरकार के इस आरोप के बाद प्रेस कांफ्रेंस में प्रकाश जावड़ेकर ने चौकाने वाली जानकारी देते हुए बताया कि महाराष्ट्र सरकार की योजना में कमी के कारण अब तक 05 लाख वैक्सीन के डोज बर्बाद हो गए. वैक्सीन के डोज़ जिसके लिए आज पूरा विश्व संघर्ष कर रहा है, जो देश के नागरिकों की जान बचाने का एकमात्र रास्ता है, उसके 05 लाख डोज बर्बाद हो गए क्योंकि महाराष्ट्र सरकार उन्हें टीकाकरण केन्द्रों तक पहुंचा नहीं पाई.

 

MyGovIndia ने अपने ट्विटर हैंडल से इस भ्रामक खबर का खंडन किया. जानकारी दी गयी कि देश में वैक्सीन की कोई कमी नहीं है. 08 अप्रैल तक 9.1 करोड़ वैक्सीन का उपयोग किया जा चुका है. 2.4 करोड़ वैक्सीन स्टॉक में है, तथा 1.9 करोड़ वैक्सीन डोज़ पाइपलाइन में है.

देश में फर्जी ख़बरों के माध्यम से अराजकता और डर की स्थिति बनाने का प्रयास करने वाली ये ताकतें लगातार अपने मिशन में लगी हैं. अभी कुछ ही दिन पहले एक न्यूज़ चैनल ने केंद्र सरकार के हवाले से खबर चला दी कि उत्तराखंड में आयोजित हो रहा कुम्भ कोरोना का “Super Spreader” बन रहा है. खबर चलाने के कुछ घंटे बाद ही सरकार ने स्पष्ट कर दिया कि ये खबर पूरी तरह से झूठ है.

आपदा के इस दौर में भी एक गिरोह सक्रिय है, जो महामारी के खिलाफ हमारी लड़ाई को कमजोर करना चाहता है. इसलिए अचानक से ऐसी कोई खबर दिखाई दे तो घबराएं नहीं, खबर की जांच करें. उसके बाद ही उस पर विश्वास करें. सरकार आपके और आपके परिवार सहित पूरे देश के नागरिकों की सुरक्षा के लिए तत्पर है. आप अपनी जिम्मेदारी निभाएं, मास्क पहनें, सामाजिक दूरी का पालन करें, साथ ही प्रोपगेंडा फैलाने वाली भीड़ से भी दूरी बनाए रखें, और किसी भ्रामक जानकारी, अफवाह को आगे न बढ़ाएं.

 

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