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जय श्री राम कहते हैं तो राम सा बनने का संकल्प करें – दीदी मां साध्वी ऋतम्भरा

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उदयपुर. ‘एक ही नारा-एक ही नाम, जय श्री राम – जय श्री राम’. जब यह जयघोष हम लगाते हैं तो रामजी के गुणों को भी धारण करने का संकल्प करें. हमारे राम केवट के हैं, भीलों के हैं, शबरी मैया के हैं, वे अपराजित पौरुष के धनी हैं, मर्यादा पुरुषोत्तम हैं, उन्होंने धर्म को धारण किया, इसका अनुसरण हम भी करें.

दीदी मां साध्वी ऋतम्भरा ने शनिवार को उदयपुर में भारतीय नववर्ष समाजोत्सव समिति व नगर निगम उदयपुर के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित शोभायात्रा के बाद जनमैदिनी को संबोधित किया. उन्होंने धर्म को कर्तव्य से जोड़ते हुए कहा कि हमें यह समझना होगा कि हमारा धरती मां के प्रति क्या कर्तव्य है, देश के प्रति क्या कर्तव्य है, समाज के प्रति क्या कर्तव्य है, इसे समझेंगे तो राष्ट्र उन्नति के पथ पर चलेगा. देश के वंचित जिन्हें बहलाया-फुसलाया जा रहा है, उनके प्रति अपने कर्तव्य को समझें.

अगला वर्ष शिवत्व और शुभता से परिपूर्ण होगा. जब इतनी विशाल शोभायात्रा में मातृशक्ति मंगल कलश लिए मंगलगान करें तो शुभमंगल ही होना है. हालांकि, उन्होंने महिला अत्याचारों पर पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि इस दृश्य को बदलना होगा. आज भारत की बेटी हर जगह अपना स्थान बनाए हुए है, इस नवरात्र में कन्या का सम्मान बढ़ाएं.

उन्होंने कहा कि भगवा रंग हमें जोश के साथ होश भी सिखाता है. इसका संदेश पूरे विश्व को दें. इससे पूर्व तेज सिंह बांसी, राहुल मेघवाल ने दीदी मां का स्वागत किया. क्षेत्र प्रचारक प्रमुख श्रीवर्धन जी ने दीदी मां को स्मृति चिह्न के रूप में श्रीनाथजी की प्रतिमा भेंट की.

मंच पर विराजित अस्थल आश्रम के महंत रासबिहारी शरण, बालाजी निरंजनी अखाड़ा फतेह स्कूल बालाजी मंदिर के महंत अमर गिरी महाराज, गुप्तेश्वर महादेव मंदिर के महंत तन्मय बन महाराज, खेड़ा मंडी आश्रम कानपुर के महंत रेवतीनाथ महाराज, उदासीन हरिहर आश्रम गुलाब बाग के महंत सुंदर दास, स्वामी चतुर्भुज हनुमान मंदिर हरिदास जी की मगरी के महंत इंद्रदेव महाराज, सर्वेश्वर धाम के महंत राधिका शरण महाराज, रामद्वारा बड़ी होली के महंत दयाराम महाराज, बापा सीताराम आश्रम के महंत राम नाथ महाराज, मेलडी माता मंदिर के महंत विरमदेव महाराज का भी हिन्दू जागरण मंच के प्रांत संगठन मंत्री रविकांत त्रिपाठी व अन्य समिति पदाधिकारियों ने स्वागत किया.

झांकियों के परिणाम

– प्रथम स्थान पर नारायण सेवा संस्थान की नवदुर्गा झांकी रही, जिसे 21 हजार रुपये का पुरस्कार प्रदान किया गया. इसी तरह, हिन्दू जागरण मंच की महापुरुषों की झांकी, वाल्मीकि समाज शिवशक्ति विकास समिति की झांकी द्वितीय स्थान पर रही. उन्हें 11-11 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया. तीसरे स्थान पर झांकियों को 5100-5100 रुपये पुरस्कार दिया गया.

उदयपुर की अपार जनमैदिनी ने किया नववर्ष 2079 का स्वागत

उदयपुर. ‘राष्ट्र की जय चेतना का गान वंदेमातरम, जन-जन की हुंकार वंदे मातरम’ भारत माता के प्रति सर्वस्व समर्पण के भाव ने उदयपुर में नया इतिहास रच दिया. झीलों के शहर उदयपुर में नववर्ष समाजोत्सव समिति और नगर निगम उदयपुर के संयुक्त तत्वाधान में नव वर्ष पर पहली बार आयोजित विशाल शोभायात्रा अविस्मरणीय बन गई. समाज के सभी वर्ग सहभागी बने.

शोभायात्रा की विशालता इतनी थी कि 4.47 पर पहला छोर अर्थात कलशधारी माताएं-भगिनियां स्टेडियम में प्रवेश कर चुकी थीं, जबकि शोभायात्रा के आरंभ स्थल टाउन हॉल में भी अंतिम छोर खत्म ही नहीं हुआ था. जितनी जनमैदिनी शोभायात्रा में शामिल थी, उतनी ही जनमैदिनी शोभायात्रा मार्ग में दोनों ओर उनके स्वागत में खड़ी थी.

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