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राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की अहम भूमिका – शांताक्का जी

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डीडवाना, जोधपुर. राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख संचालिका शांताक्का जी के डीडवाना प्रवास के दौरान पथ संचलन का आयोजन किया गया. शांताक्का जी 3 नवंबर को डीडवाना के प्रवास पर थीं. उनके साथ राजस्थान क्षेत्र कार्यवाहिका प्रमिला दीदी, प्रान्त कार्यवाहिका, प्रान्त प्रचारिका भी उपस्थित रहीं.

शांताक्का जी ने कहा कि राष्ट्र सेविका समिति की स्थापना 1936 में वंदनीया मौसी जी लक्ष्मीबाई केलकर ने वर्धा में विजयादशमी के दिन की थी. उन्होंने गोपाष्टमी के पवित्र दिन पथ संचलन होने पर गाय का उदाहरण देते हुए निःस्वार्थ भाव से समाज को सर्वस्व अर्पण करने का संदेश दिया. मीराबाई और पंडित बच्छराज जी का स्मरण किया और महापुरुषों से प्रेरणा लेकर मातृशक्ति को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया. पथ संचलन का उद्देश्य कदम से कदम मिलाकर समन्वय भाव से समाज मे सकारात्मक संदेश पहुंचाना है.

उद्बोधन के पश्चात संचलन आरंभ हुआ, जिसमें 775 सेविकाओं ने कदम से कदम मिलाते हुए पंडित बच्छराज व्यास आदर्श विद्या मंदिर से अजमेरी गेट चोखण्डीय भेरू जी, सदर बाजार, नागोरी गेट, अशोक स्तंभ बस स्टेशन, फवारा  सर्किल से होते हुए गोपाल गौशाला तक का मार्ग तय किया. घोष वाहिनी के साथ सेविकाओं ने कदमताल किया. संचलन में मात्र 5 वर्ष की बालिका से लेकर 70 वर्ष की सेविका ने पूर्ण उत्साह के साथ भाग लिया.

डीडवाना शहरवासियों और शहर के विभिन्न संगठनों ने पथ संचलन के दौरान पुष्प वर्षा कर सेविकाओं का अभिनंदन किया. शहरवासियों में संचलन के प्रति उत्साह नज़र आया. शांताक्का जी ने मुख्य बाज़ार में संचलन का अवलोकन किया.

डीडवाना शहरवासियों ने संचलन का स्वागत अद्भुत तरीके से किया. सदर बाजार में लाल कारपेट बिछाकर सेविकाओं का स्वागत किया, साथ ही 250 किलो पुष्पों से पूरे शहर में स्वागत के लिए पलक पावड़े बिछाए.

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