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आतंकियों पर मेहरबान इमरान सरकार, मुंबई हमले के आरोपी लखवी को देगी 1.5 लाख रुपये महीना

अंतरराष्ट्रीय फटकार व दबाव के बावजूद पाकिस्तान की इमरान खान सरकार आतंकियों पर मेहरबान बनी हुई है. नया मामला मुंबई हमलों की साजिश रचने वाले आतंकी सरगना जकीउर रहमान लखवी का है. पाकिस्तान की इमरान खान सरकार आतंकी जकीउर रहमान लखवी को खर्च के लिए हर महीने डेढ़ लाख रुपए देगी. लखवी को हर महीने भोजन के लिए 50 हजार, दवाओं के लिए 45 हजार, अन्य सुविधाओं के लिए 20 हजार, वकील की फीस के लिए भी 20 हजार और ट्रैवल अलाउंस के तौर पर 15 हजार रुपए मिलेंगे.

इमरान खान सरकर ने सुरक्षा परिषद की कमेटी को इस संबंध में पत्र लिखा था. पिछले साल सुरक्षा परिषद की 1267 समिति ने अपनी सूची में दाउद इब्राहिम, लश्कर ए तैयबा के चीफ हाफिज सईद,  26/11 हमले के मास्टर माइंड और लश्कर ए तैयबा के कंमाडर जकीउर रहमान लखवी के साथ पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन लश्कर ए तैयबा का नाम शामिल किया था, लेकिन पाकिस्तान ने इन पर कभी कोई कार्रवाई नहीं की. लखवी को 2011 में सिर्फ दिखावे के लिए गिरफ्तार किया था, मुंबई आतंकी हमले के आरोप में जेल में कैद जकीउर रहमान लखवी को पाकिस्तान सरकार ने अप्रैल 2015 मे रिहा कर दिया था. तब पाकिस्तान ने दलील दी थी कि लखवी के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं. रावलपिंडी की अडियाला जेल से रिहा होने के बाद लखवी काफी समय तक अंडरग्राउंड हो गया था.

लश्कर ए तैयबा के चीफ हाफिज सईद को पाकिस्तानी अदालत ने आतंकवादी गतिविधियों में फंडिग के जुर्म में 10 साल की सजा सुनाई थी, लेकिन वो जेल के बाहर है. उसे लाहौर की कठपुतली जेल के अंदर होना चाहिए, लेकिन जौहर टाउन में स्थित अपने आलीशान बंगले में रह रहा है और वहीं से अपनी आतंकी गतिविधियां चला रहा है. सबको पता है कि हाफिज जेल के बाहर है. केवल एफएटीएफ के चक्कर में कुछ दिनों के लिए दिखावा किया गया था. उसे पाकिस्तानी सरकार की सुरक्षा मिली हुई है.

लखवी के अलावा, इमरान सरकार ने सुरक्षा परिषद से प्रतिबंधित न्यूक्लीयर साइंटिस्ट महमूद सुल्तान बशीरुद्दीन को भी डेढ़ लाख रुपये महीने देने की मंजूरी ली है. बशीरुदुदीन को पाकिस्तानी सरकार ने सितार ए इम्तियाज से नवाजा था, लेकिन 9/11 के हमले के बाद अमेरिका और सुरक्षा परिषद ने उस पर पांबदी लगा दी थी. बशीरुद्दीन औसामा बिन लादेन से लगातार मिलता रहा था और अल कायदा के लिए रसायनिक हथियार मुहैया कराने की कोशिश में था. पाबंदी के बाद पाकिस्तानी सरकार को उसकी संपत्ति जब्त करनी पड़ी थी. सुरक्षा परिषद के नियमों के अनुसार संबंधित सरकारें जब्त किए गए बैंक खातों को पर से पाबंदी हटाने और आर्थिक सहायता देने के लिए अनुरोध कर सकती हैं. और इसी का फायदा उठाकर इमरान खान अपने नए पाकिस्तान में आतंकवादियों पर मेहरबान हैं…!

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