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अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़कर आगे बढ़ रहा है भारत – एल. मुरुगन

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भोपाल. चित्र भारती फ़िल्म फेस्टिवल के चतुर्थ संस्करण के समापन समारोह में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री एल. मुरुगन ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत जहां एक तरफ निरंतर विकास कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ अपनी सभ्यता और संस्कृति की जड़ों की ओर भी लौट रहा है. अपनी संस्कृति को सब तक पहुंचाने के लिए आवश्यक है कि हम संस्कृति से जुड़ी कहानियां भी लोगों तक पहुंचाएं और मुझे यह जानकर बहुत खुशी हुई कि चित्र भारती के माध्यम से इस तरह की फिल्में बनाई जा रही हैं.

उन्होंने कहा कि भारतीय साहित्य में अनेक ऐसी कहानियां भरी पड़ी हैं, जो भारत की संस्कृति को दर्शाती हैं. लेकिन मुझे हैरत होती है कि आखिर इन पर फिल्में क्यों नहीं बनाई जाती? वर्तमान समय में फिल्में एक सशक्त माध्यम हैं, जिसके जरिये दुनिया तक भारत की बात पहुंचाई जा सकती है. मैं भारतीय चित्र साधना को बधाई देता हूँ कि उन्होंने चित्र भारती फ़िल्म फेस्टिवल जैसा आयोजन किया. फिल्म फेस्टिवल में देशभर से बड़ी संख्या में फिल्म निर्माताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया है, यह महत्व की बात है.

कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति के अध्यक्ष दिलीप सूर्यवंशी ने आभार व्यक्त किया. चित्र भारती फिल्म फेस्टिवल ने ऐसा वातावरण बना दिया है कि अब मुम्बई, बैंगलुरु, दिल्ली, कोलकाता के बाद भोपाल फिल्म निर्माण का मुख्य केंद्र बन सकता है.

विवेक अग्निहोत्री एवं पल्लवी जोशी का सम्मान

इस अवसर पर ‘द कश्मीर फाइल्स’ के निर्माता-निर्देशक विवेक अग्निहोत्री एवं पल्लवी जोशी का सम्मान किया गया. सभागार में उपस्थित सभी लोगों ने खड़े होकर दोनों के प्रति सम्मान व्यक्त किया.

चित्र भारती से जुड़े कलाकारों को पल्लवी जोशी-विवेक अग्निहोत्री की आगामी फिल्म में मिलेगा अवसर

‘द कश्मीर फाइल्स’ की अभिनेत्री पल्लवी जोशी ने कहा कि चित्र भारती की ओर से सुझाये गए दो कलाकारों को अपनी अगली फिल्म में लेंगे और उन्हें एक-एक लाख रुपये भी दिया जाएगा. इस मौके पर प्रख्यात फिल्म अभिनेता मुकेश तिवारी ने कहा कि अपने सपनों की खूबसूरती पर यकीन रखियेगा. उनको साकार करने के लिए चित्र भारती का मंच आपके साथ है. वहीं, निर्देशक अभिनव कश्यप ने कहा कि हमारा कर्तव्य है कि हम युवा पीढ़ी को समर्थन दें और उन्हें नेतृत्व का अवसर दें.

निर्णायक मंडल के सदस्य योगेश सोमण ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि चित्र भारती फ़िल्म फेस्टिवल में आईं फिल्मों के विषय में नवीनता थी. भारतीय चित्र साधना और चित्र भारती फ़िल्म फेस्टिवल की जानकारी महासचिव अतुल गंगवार ने दी. इस अवसर पर स्क्रीनिंग समिति और निर्णायक मंडल के सभी सदस्यों का सम्मान किया गया. साथ ही फ़िल्म निर्देशक-निर्माता सुनील पौराणिक और संजय पूरण सिंह चौहान का भी अभिनंदन किया गया.

कार्यक्रम का संचालन महाभारत फेम प्रख्यात आवाज कलाकार डॉ. हरीश भिमानी ने किया.

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