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भारत डिजिटल दुनिया में तेज गति से आगे बढ़ रहा है – रवि कुमार

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जयपुर. अनस्पोकन भारत उत्सव ट्रस्ट ने “भारत के सम्मुख चुनौतियां और अवसर” एवं “विश्व परिदृश्य में हिन्दू दर्शन के प्रभाव” विषय पर मालवीय नगर के नारद सभागार में व्याख्यानों का आयोजन किया.

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रवि कुमार ने कार्य के लिए विश्व के 45 देशों में प्रवास किया है. उन्होंने कहा कि हमारे देश को प्रदेश, भाषा और जातियों के आधार पर बांटने के प्रयास होते रहे हैं. लेकिन उत्सव न्यास भारत के लोगों को एक दिशा में लाने का कार्य कर रहा है. जिस दिन देश का एक भी व्यक्ति भूखा नहीं सोएगा, अपमानित नहीं होगा, उस दिन निश्चित ही भारत विश्व गुरु बनेगा. भारत विश्व का अकेला ऐसा देश है, जिसने 104 सैटेलाइट छोड़े हैं. भारत डिजिटल दुनिया में तेज गति से आगे बढ़ रहा है. आज एक सब्जी वाला भी ऑनलाइन पेमेंट ले रहा है.

विशिष्ट अतिथि राष्ट्र जागरण अभियान की समन्वयक व सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट सुबुही खान ने भारत के सम्मुख चुनौतियां और अवसर विषय पर कहा कि हमें पुनः विश्व गुरु बनने के लिए अपनी प्राकृतिक और आध्यात्मिक शक्ति को समझना होगा. भारत हिन्दू विजन के साथ प्रगति कर रहा है, लेकिन कुछ शक्तियां इसे फिर खंडित करने में लगी हुई हैं. भारत को बाहर से नहीं तोड़ नहीं सकते तो अंदर से कमजोर करने का कार्य किया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि आज देश भले ही स्वाधीन हो गया हो, लेकिन हमारी मातृभूमि पर 21वीं सदी का आक्रमण आज भी जारी है. हमारा देश आज अनेक मोर्चों पर लड़ रहा है, जैसे – वामपंथ, नक्सलवाद, छद्म नारीवाद, अलगाववाद, कट्टरवाद, इस्लामिक आतंकवाद, बौद्धिक आतंकवाद, अंतरराष्ट्रीय शक्तियां, विधर्मी राजनीतिक दल, कन्वर्जन माफिया और कॉरपोरेट माफिया आदि. यदि भारत भाषा, जाति, क्षेत्र और संप्रदाय के दृष्टिकोण से एक हो जाए तो कोई शक्ति भारत को कमजोर नहीं कर सकती. धर्म शब्द का प्रयोग सिर्फ भारत में किया जाता है, इसका कोई पर्यायवाची नहीं है. हमें धर्म, पंथ और संस्कृति में अंतर समझना होगा. मेरा धर्म सनातन है, पंथ इस्लाम है और संस्कृति हिन्दू है.

कार्यक्रम के अध्यक्ष रिटायर्ड आईएएस राकेश वर्मा ने कहा कि यदि व्यक्ति दृढ़ संकल्प के साथ किसी के दुख का कारण पता कर निवारण करना चाहे तो हल निश्चित रूप से निकल सकता है. जब तक हम एक दूसरे की भावनाओं को नहीं समझेंगे, तब तक हम एक दूसरे से लड़ते रहेंगे. व्यक्ति को कार्य हमेशा अंतरात्मा से मिल रहे संदेश के अनुसार करना चाहिए, लेकिन आज लोग उस पर काला कपड़ा ढक कोई भी गलत कार्य करने से नहीं हिचकते. हमें समझना होगा कि ईश्वर हमें देख रहा है.

कार्यक्रम का शुभारम्भ भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन व वंदे मातरम गीत के साथ हुआ.

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