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किसान रेल – सस्ती दरों पर एग्री प्रोडक्ट के ट्रांसपोर्टेशन से किसानों को मिलेगा लाभ

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महाराष्ट्र के देवलाली से बिहार के दानापुर तक चलेगी पहली ट्रेन

 

नई दिल्ली. किसानों को सुदृढ़ करने तथा उनकी आर्थिकी को सुधारने के दृष्टिगत सरकार निरंतर प्रयासरत है. इसी क्रम में देश में किसान रेल चलाने की योजना तैयार की गई है. जिसके तहत कृषि उत्पादों को सस्ती दरों पर परिवहन उपलब्ध करवाया जाएगा. जिससे किसानों को उपज का उचित मूल्य उपलब्ध हो सके. देश की पहली किसान रेल शुक्रवार को रवाना हुई.

शुक्रवार को महाराष्ट्र के नासिक में स्थित देवलाली से बिहार के दानापुर के लिए पहली किसान रेल रवाना हुई. केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. उन्होंने कहा कि किसान रेल सस्ती दरों पर कृषि उपज, विशेष रूप से जल्दी खराब होने वाली वस्तुओं का परिवहन (ट्रांसपोर्टेशन) करेगी. इससे किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य मिल सकेगा. उन्होंने कहा कि रेलवे ने कोरोना महामारी के दौरान भी देश भर में खाद्य पदार्थों की सप्लाई करते हुए 96 रूट पर 4,610 ट्रेनें चलाईं.

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों को सालों के बंधन से मुक्त करने के लिए कई योजना बनाई है. इससे देश के किसान आत्मनिर्भर और समृद्ध होंगे.

31.45 घंटे में 1,519 किलोमीटर की दूरी तय करेगी

ट्रेन एक ओर की यात्रा के दौरान 31.45 घंटे में 1,519 किलोमीटर की दूरी तय करेगी. यह नासिक रोड, मनमाड, जलगांव, भुसावल, बुरहानपुर, खंडवा, इटारसी, जबलपुर, सतना, कटनी, मानिकपुर, प्रयागराज, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन और बक्सर स्टेशन पर रुकेगी.

प्रत्येक सप्ताह यह ट्रेन शुक्रवार को सुबह 11 बजे देवलाली से रवाना होगी और अगले दिन शाम 6.45 बजे दानापुर पहुंचेगी. दानापुर से हर रविवार को दोपहर 12 बजे रवाना होगी और अगले दिन 7.45 बजे शाम को देवलाली पहुंचेगी.

– इस योजना के तहत किसानों की फसलों जैसे अनाज, फल, सब्जियां आदि को समय से सुरक्षित ट्रेन के माध्यम से मंडी, बाजार तक पंहुचाया जाएगा.

– वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस साल फरवरी में पेश बजट में जल्दी खराब होने वाले फल एवं सब्जियों जैसे उत्पादों के मालवहन के लिए ‘किसान रेल’ चलाने की घोषणा की थी.

– किसान रेल एक तरह की स्पेशल पार्सल ट्रेन होगी, जिसे अनाज, फल और सब्जियों को लाने ले जाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा.

– केंद्र सरकार ने वर्ष 2022  तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है, एसी के तहत एक प्रयास है.

– इस योजना के तहत शीत भंडारण (Cold Storage) के साथ किसान उपज के परिवहन की भी अच्छी व्यवस्था की जाएगी.

– पहली किसान रेल रूट पर पड़ने वाले चार राज्यों महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार को इस किसान रेल का लाभ होगा.

 

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