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किसान रेल – किसानों को किराये में मिलेगी 50 प्रतिशत छूट, केंद्र सरकार ने जारी किये आदेश

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नई दिल्ली. सरकार किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न कदम उठा रही है. सरकार ने आगामी कुछ वर्षों में किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है. किसान रेल, किसान सम्मान निधि योजनाएं इसी उद्देश्य से प्रारंभ की गई हैं. अब सरकार ने अधिसूचित फलों एवं सब्जियों की ढुलाई पर किसानों को 50 फीसदी सब्सिडी देने का आदेश जारी किया है. यह सब्सिडी आपरेशन ग्रीन-टॉप टू टोटल योजना के तहत दी जाएगी. यानि किसान अब कम लागत पर अपने उत्पाद मार्केट तक भेज सकेंगे. जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी.

आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की थी कि 500 करोड़ रुपये के अतिरिक्त कोष के साथ ऑपरेशन ग्रीन योजना का विस्तार किया जाएगा. सरकार ने टमाटर, प्याज और आलू (टॉप) से लेकर सभी फल एवं सब्जियों (टोटल) को इसके दायरे में लाने की घोषणा की थी.

इसी के तहत रेलवे मंत्रालय ने कहा कि किसान रेल में फल-सब्जियों की ढुलाई भाड़े में 50 फीसदी छूट मिलेगी. मंत्रालय ने बताया कि केंद्र सरकार ने किसान रेल के माध्यम से अधिसूचित फल और सब्जियों के परिवहन भाड़े पर 50 फीसदी सब्सिडी देने का आदेश जारी किया है. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है.

यह छूट मंत्रालय की ‘ऑपरेशन ग्रीन – टॉप टू टोटल’ योजना के तहत दी जाएगी. योजना में अधिसूचित सभी फल एवं सब्जियों पर लागू होगी. रेलवे ने सभी जोन के मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधकों को लिखा है कि वे तत्काल प्रभाव से सभी अधिसूचित फलों एवं सब्जियों की ढुलाई पर किराये में 50 प्रतिशत की छूट दें.

अधिसूचित फल एवं सब्जियों की किसान रेल से ढुलाई पर किराये की 50 प्रतिशत राशि का भार खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय वहन करेगा. इसके लिए आरंभ में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय रेलवे को 10 हजार करोड़ रुपये की राशि देगा. एक बार पूरी राशि उपयोग कर लेने के बाद और राशि जारी की जाएगी.

ट्रेनों से अब तक टमाटर, प्याज व आलू की ढुलाई को प्राथमिकता दी जाती थी, लेकिन अब इस नीति को बदल दिया गया है. 20 फलों और 10 से अधिक सब्जियों की सूची बनाई गई है, जिनके पार्सल ट्रेनों में बुक किए जाएंगे. एक पार्सल ट्रेन में 10 से 25 तक डिब्बे जोड़कर चलाया जाएगा.

रेलवे बोर्ड में मालवहन विपणन निदेशक मुदित चंद्रा ने कहा कि सभी रेलवे स्टेशन पर मुख्य पार्सल निरीक्षक की जिम्मेदारी होगी कि सिर्फ अधिसूचित फल एवं सब्जियों के मालभाड़े में ही छूट दी जाए.

उद्घाटन के दिन 7 अगस्त 2020 को किसान (Farmer) रेल पर लोडिंग 90.92 टन की हुई थी, जो 14 अगस्त को 99.91 टन और 21 को 235.44 टन हो गई. इसके बाद इसे सप्ताह में दो बार किया गया. 01 सितंबर को 354.29 टन लोडिंग हुई. किसान रेल की भारी मांग को ध्‍यान में रखते हुए भारतीय रेलवे ने देवलाली-मुजफ्फरपुर किसान रेल और सांगोला-मनमाड-दौंड किसान रेल के फेरे को बढ़ाकर सप्ताह में तीन दिन कर दिया है.

यह आत्मनिर्भर भारत अभियान में उन क्षेत्रों में शामिल है, जिस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. सरकार कृषि क्षेत्र के तेजी से विकास और किसानों की आय दोगुनी करने के इरादे से खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा देने पर ध्यान दे रही है.

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