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लव जिहाद – पांचों मामलों के आरोपियों का आपस में संबंध, सीडीआर से हुई पुष्टि

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नौबस्ता मामले में फर्जी दस्तावेज बनवाने में महिला अधिवक्ता ने की सहायता

कानपुर (विसंकें). लव जिहाद के मामलों को लेकर चल रही जांच के तथ्यों से आशंकाएं सच साबित होने लगी हैं. जानकारी मिली है कि जूही लाल कॉलोनी से जुड़े पांचों आरोपी आपस में दोस्त हैं. मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड से उनकी दोस्ती की पुष्टि हो गई है. हालांकि, अभी तक सारे मामलों के मास्टर माइंड तक पहुंचना शेष है.

जूही लाल कॉलोनी के पांच युवकों ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों से दूसरे धर्म की लड़कियों को अपने प्रेमजाल में फंसाया था, जिसमें शालिनी यादव का प्रकरण विशेष रूप से चर्चित हुआ था. पुलिस इन मामलों को अलग-अलग प्रेम प्रसंग से मान रही थी. आशंकाएं जताई जा रही थीं कि आरोपियों का आपस में संबंध है और योजनाबद्ध तरीके से लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाया गया है.

गौरतलब है कि शालिनी यादव मामले में आरोपी फैसल, कल्याणपुर में दो जुलाई को दर्ज मुकदमे के आरोपी शाहरुख पुत्र कमाल और शाहरुख पुत्र खलील, पनकी में दर्ज मुकदमे के आरोपी मो. मोसिन व आमिर के संबंध लाल जूही कालोनी से निकले थे. एसआइटी के प्रभारी सीओ गोविंदनगर विकास पांडेय ने बताया कि जब पांचों के मोबाइल सीडीआर निकाले गए तो वे एक दूसरे से जुड़े मिले. इनके बीच रोजाना बातचीत के साक्ष्य पुलिस को मिले हैं. इस आधार पर पुलिस आगे की जांच कर रही है.

फर्जी दस्तावेज बनवाने में महिला अधिवक्ता ने की सहायता

वहीं, नौबस्ता में नाम बदलकर शटरिंग कारीगर की बेटी से शादी करने के मामले में नया खुलासा हुआ है. युवती के फर्जी दस्तावेज तैयार करने में जाजमऊ की एक महिला अधिवक्ता ने सहायता की थी. पुलिस ने महिला अधिवक्ता को आरोपी बनाकर संपर्क सूत्रों को खंगालना शुरू कर दिया है.

नौबस्ता आवास विकास हंसपुरम निवासी शटरिंग कारीगर के चार बच्चों में सबसे बड़ी 20 वर्षीय बेटी पॉलीटेक्निक की पढ़ाई कर रही थी. बेटी को फोन पर किसी युवक से बातचीत करते जब पकड़ा गया तो उसने बताया कि वह राहुल विश्वकर्मा नाम के युवक के संपर्क में है. जब स्वजनों ने पड़ताल की तो पता चला कि बेटी ने कई महीने पहले एक दूसरे धर्म के युवक से अदालत में शादी कर ली है. अदालत में जो दस्तावेज लगे हैं, वह फर्जी हैं और उसमें युवती का नाम मरियम फातिमा दर्ज है.

खुलासे के बाद आरोपी युवक ने युवती को घर से जबरन ले जाने की कोशिश की तो स्वजनों ने पुलिस बुला ली थी और आरोपी पकड़ा गया था. नौबस्ता थाना प्रभारी कुंज बिहारी मिश्रा ने बताया कि युवती के बयान अदालत में दर्ज कराए गए थे, जिसमें उसने बताया था कि उसके फर्जी दस्तावेज जाजमऊ निवासी महिला अधिवक्ता ने तैयार करवाए थे, इसके आधार पर महिला अधिवक्ता को आरोपी बनाया गया है.

लव जिहाद मामलों की जांच कर रही पुलिस के हाथ नौबस्ता मामले में नई जानकारी आने के बाद कई कड़ियां जुड़ती नजर आ रही हैं. पुलिस महिला अधिवक्ता के मोबाइल फोन रिकार्ड व अन्य माध्यमों से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उक्त चेन कितनी लंबी है.

इनपुट – दैनिक जागरण

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