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भगवान राम के आदर्श हमारे परिवार में स्थापित हों – निम्बाराम

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सरदारशहर. श्रीराम जन्मोत्सव आयोजन समिति सरदारशहर के कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक निंबाराम ने कहा कि हिन्दू समाज की वृति है कि जगने के बाद सो जाता है. समय-समय पर जागरण के कार्य होते हैं, फिर भी एक बार जगने के बाद पुनः सो जाता है. इसके लिए हमें समाज को जागृत करना जरूरी है. श्रीराम का चरित्र हमें इस विषय में प्रेरणा देता है. भगवान राम के आदर्श हमारे परिवारों में स्थापित हों, इस हेतु हमें प्रयास करना चाहिए. आयोजन समिति रामनवमी की शोभायात्रा के पश्चात् समाज उत्थान के अन्य भी कार्य करे.

सरदारशहर की शोभायात्रा में सभी का सहभाग हम सभी के लिए एक उदाहरण है. आज हमारी शोभायात्रा किसी के विरुद्ध नहीं है. अपितु यह हिन्दू समाज के उत्थान, जागरण और समभाव के प्रदर्शन की यात्रा है.

आज हमारा देश स्वाधीनता का अमृत महोत्सव मना रहा है और जब हम 100 वर्ष के होंगे, तब देश में सकारात्मक परिवर्तन देखेंगे. हिन्दू समाज समरस बने, इस हेतु हम प्रयास करें. ‘भारत विश्व गुरु था’ ऐसा कहा जाता है, जबकि भारत वास्तव में विश्वगुरु है. भारत द्वारा योग दिवस के प्रस्ताव को विश्व ने निर्विवाद रूप से स्वीकार किया है, पर हम इसे स्वीकार नहीं कर पाए हैं. अच्छे भाव, परिवर्तन का भाव स्वयं से ही प्रारंभ हो. कुटुंब प्रबोधन का कार्य बढ़े, इस हेतु टोलियां बनाकर कार्य प्रारंभ हो.

समरसता भाव का प्रारंभ परिवार से ही हो. महापुरुषों के जीवन दर्शन का प्रभाव भी अपने परिवारों में बढ़े. श्रीराम जन्मोत्सव को रामोत्सव बनाएं, ऐसा समिति के कार्यकर्ता प्रयास करें.

कार्यक्रम का शुभारंभ भूतनाथ आश्रम के संत श्री सोमारनाथ जी के सान्निध्य में आयोजन समिति के अध्यक्ष बृजमोहन सराफ, संयोजक डॉ. बनवारी लाल शर्मा और क्षेत्र प्रचारक निंबाराम द्वारा भगवान श्री राम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया. इस अवसर पर भारतीय नववर्ष संवत 2079 के पंचांग का भी विमोचन किया गया.

संत सोमारनाथ जी ने कहा कि सनातन परंपरा में संतों का आगमन गृहस्थ जीवन से ही होता है. आज हिन्दू समाज में परिवार छोटा और संकुचित होता जा रहा है जो चिंता का विषय है. आयोजन समिति के संयोजक डॉ. बनवारी लाल शर्मा ने कहा कि रामनवमी की शोभायात्रा भगवान राम के प्रति हमारी श्रद्धा और उत्साह का प्रतीक है. शोभा यात्रा कोई शक्ति प्रदर्शन नहीं. कार्यकर्ता दिन-रात परिश्रम कर शोभायात्रा को भव्यता प्रदान करने में लगे हैं और सर्व समाज के लोग भी शोभा यात्रा को लेकर उत्साहित हैं.

आयोजन समिति के अध्यक्ष बृजमोहन सराफ ने कहा कि भगवान राम के चरित्र को अपने परिवारों में अपनाना आवश्यक है. भगवान राम के जीवन की सीख प्रत्येक परिवार ग्रहण करे.

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