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निधि समर्पण अभियान – ओडिशा के 41 हजार गांवों में 50 लाख परिवारों से करेंगे संपर्क

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विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन ने कहा कि 490 वर्ष के संघर्ष के पश्चात प्रभु श्री जगन्नाथ की कृपा से श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर आकार ले रहा है. राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक यह मंदिर 2024 में पूर्ण हो जाएगा और इसके शिखर पर भगवा पताका फहराने लगेगी.

भुवनेश्वर में आयोजित पत्रकार वार्ता में डॉ. जैन ने कहा कि यह मंदिर संपूर्ण विश्व के रामभक्तों को जोड़ने के लिए एक सेतु का काम करेगा. इसी के लिए निश्चित हुआ कि मकर संक्रांति से लेकर माघ पूर्णिमा तक एक व्यापक निधि समर्पण एवं जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा. उन्होंने कहा कि पूज्य संतों ने लक्ष्य तय किया था कि 15 जनवरी से 27 फरवरी तक चलने वाले इस भियान में चार लाख गांव, 11 करोड़ परिवार तथा 50 करोड़ हिन्दुओं तक संपर्क किया जाएगा. लेकिन जब प्रांतों में बैठकें हुईं तो संपूर्ण देश में हिन्दू समाज का अकल्पनीय उत्साह देखने को मिला और यह लक्ष्य छोटा पड़ गया. अब यह निश्चित हो गया है कि इस अभियान के अंतर्गत 5,23,395 गांव, 13 करोड़ परिवार तथा 65 करोड़ हिन्दुओं का योगदान भव्य मंदिर के लिए लिया जाएगा. इसके लिए देशभर में दस लाख टोलियां बन गई हैं, इसमें 40 लाख कार्यकर्ता सक्रिय रूप से भाग लेंगे. यह अभियान विश्व इतिहास का सबसे बड़ा अभियान होगा.

उन्होंने कहा कि इसके परिणामस्वरूप देश में हिन्दुत्व का एक प्रबल ज्वार आएगा और आने वाली सह्स्त्राब्दी राम की सह्स्त्राब्दी होगी. राम मंदिर से राम राज्य का मार्ग इसी अभियान से प्रशस्त होगा. उन्होंने बताया कि ओडिशा में कुल 53,845 गांव हैं, जिनमें से 41,000 गांव, 50 लाख परिवार और तीन करोड़ हिन्दुओं का योगदान भव्य मंदिर निर्माण के लिए लिया जाएगा. समाज के सभी वर्गों से संपर्क करके ओडिशा के संपूर्ण हिन्दू समाज को जोड़ने का पावन कार्य इसी अभियान के माध्यम से किया जाएगा. अभियान के बाद ओडिशा में हिन्दू धर्म के प्रचार के प्रति एक अद्भुत समर्पण का भाव दिखाई देगा. प्रमुख संतों का एक मार्गदर्शक मंडल बनाया गया है. मार्गदर्शक मंडल में महिमा संप्रदाय, वनवासी वर्ग से संबंधित संतों सहित सभी मत, पंथ के संतों को सम्मिलित किया गया है. इसी प्रकार एक स्वागत समिति का गठन किया गया है, जिसमें प्रो. प्रफुल्ल मिश्र (कुलाधिपति) की अध्यक्षता में ओडिशा के सभी वर्गों के प्रमुख लोगों को सम्मिलित किया गया है. कार्य की दृष्टि से बनाए गए दोनों प्रांतों में संचालन समिति का भी गठन किया गया है.

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