करंट टॉपिक्स

रतलाम – सुराणा गांव में प्रशासन ने बनाई अस्थायी चौकी, सीसीटीवी कैमरे लगाए

Spread the love

मंगलवार को ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा था ज्ञापन, घरों पर लिख दिया था मकान बिकाऊ

भोपाल. रतलाम के सुराणा गांव में तीन दिनों से तनाव की स्थिति बनी हुई थी. ग्रामीणों ने गांव से पलायन करने की बात कहते हुए अपने घरों पर बिकाऊ के स्लोगन लिखे थे, वह अब मिटा दिए गए हैं.

प्रशासन से चर्चा के बाद हिन्दू समाज ने यह कदम उठाया है. प्रशासन ने भी अस्थायी चौकी स्थापित कर करीब 13 सीसीटीवी कैमरे लगा दिए हैं, ताकि लोगों पर निगरानी रखी जा सके. प्रशासन आगे भी लगातार निगरानी कर रहा है. फिलहाल गांव में शांति का माहौल है.

इसके अलावा प्रशासन ने कुछ अतिक्रमण हटाया है. शहजाद अली द्वारा सरकारी भूमि पर बनाई गई छह दुकानों, अब्दुल कलाम द्वारा मंदिर के निकट बनाए गए बाथरूम तथा दिनेश, हीरालाल और भीमराव जाट द्वारा नाले के समीप बनाई जा रही बाउंड्रीवॉल को भी तोड़ दिया गया है. कुछ और अवैध अतिक्रमण चिन्हित कर प्रशासन द्वारा कार्रवाई किए जाने की जानकारी मिली है.

उल्लेखनीय है कि रतलाम जिले के ग्राम सुराना के हिन्दू धर्म के लोगों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर मुस्लिमों के कारण होने वाली अपनी समस्या बताई थी. जिसमें उन्होंने कहा कि यदि हमारी मदद नहीं की गई तो हम तीन दिन में अपना घर, खेत, संपत्ति आदि छोड़कर गांव से पलायन के लिए तैयार हैं.

गांव में तनाव की स्थिति निर्मित हो रही थी. मंगलवार को गांव में रहने वाले हिन्दू समुदाय के लोग रतलाम कलेक्टर आफिस पहुंचे और एसडीएम अभिषेक गेहलोत को ग्रामीण दशरथ, मुकेश जाट, भरतलाल जाट आदि ने बताया कि यहां हिन्दू-मुसलमान कई पीढ़ियों से साथ रह रहे थे, लेकिन बीते दो-तीन वर्षों से गांव में हिन्दू युवाओं के साथ गाली-गलौज, मारपीट व धमकाने जैसी घटनाएं आए दिन हो रही हैं. पीड़ित हिन्दुओं के मुताबिक गांव में संख्या बल में अधिक होने के कारण मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा हिंदुओं को आए दिन डराया-धमकाया जाता है. गांव की कुल आबादी का 60 प्रतिशत मुस्लिम परिवार हैं, जबकि महज 40 प्रतिशत ही हिन्दू हैं.

ज्ञापन की प्रतिलिपि प्रदेश के मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और पुलिस महानिरीक्षक को भी भेजी थी. जिसके बाद मध्यप्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का बयान आया था कि सुराणा गाँव में हिन्दुओं के पलायन का मामला संज्ञान में आया है जो चिंता का विषय है. पीड़ितों की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन से बात करूंगा. उन्होंने मध्यप्रदेश में भय का वातावरण न फैलने की बात कही थी.

Leave a Reply

Your email address will not be published.