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भक्ति का भाव संत ही प्रदान करते हैं – डॉ. मोहन भागवत जी

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बक्सर. ज्ञान और कर्म से मिलकर भक्ति के आधार पर किसी कार्य की शक्ति मिलती है. भक्ति का भाव संत ही प्रदान करते हैं. इसलिए संत सदा प्रणम्य हैं.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने बक्सर में प्रख्यात संत श्रीमन नारायण उपाख्य मामाजी के स्थान पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि किसी भी व्यक्ति को ऐसे स्थान पर अवश्य आते रहना चाहिए. अपने अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे स्थानों पर आकर कार्य के लिए आवश्यक ऊर्जा, दृष्टि और मन को शांति मिलती है. मामा जी ने अपनी साधना से इस स्थान पर आभामंडल का निर्माण किया है.

बक्सर के सिद्धाश्रम में प्रति वर्ष राम विवाह महोत्सव मनाया जाता है. प्रख्यात संत मामाजी ने 52 वर्ष पूर्व 1969 में एक अनूठे ढंग से राम विवाह महोत्सव मनाना प्रारंभ किया था. इस वर्ष 53वां राम विवाह महोत्सव का आयोजन किया गया है.

26 नवंबर को यहां फुलवारी का मंचन किया गया. सरसंघचालक जी कार्यक्रम में भी सम्मिलित हुए. 27 नवंबर को शहर में राम बारात निकलेगी. 28 को रात्रि में राम विवाह होगा. 29 को राम कलेवा के साथ यह महोत्सव संपन्न होगा.

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