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समर्थ भारत पुनर्निर्माण योजना – कौशल प्रशिक्षण संस्थान, रोजगार के इच्छुक, कंपनियों को जोड़ेगी योजना

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पुणे (विसंकें). कोरोना के कारण उत्पन्न संकट का कई क्षेत्रों में दूरगामी प्रभाव होगा. स्वास्थ्य के बाद इसका दूसरा सबसे बड़ा असर वित्तीय क्षेत्र पर होगा. इस तरह के संकट का सामना करने के लिए एक बार फिर नागरिक और सज्जन शक्ति को एकजुट करने की आवश्यकता को जानते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने समर्थ भारत पुनर्निर्माण योजना शुरू की है. समाज द्वारा समाज के हित के लिए चलाई जा रही इस पहल में विभिन्न वर्गों के गणमान्य व्यक्ति सक्रिय हिस्सा ले रहे हैं और जरूरतमंद लोग इसका लाभ उठा सकते हैं, यह आह्वान रा. स्व. संघ के पुणे महानगर संघचालक रविंद्र वंजरवाडकर ने किया. योजना का लाभ उठाने के लिए या अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 8767528743 या मेल आईडी samarthabharatpune@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है.

ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस में समर्थ भारत पुनर्निर्माण योजना और कोविड केयर सेंटर के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई. रा. स्व. संघ पुणे महानगर कार्यवाह महेश करपे, सह कार्यवाह सचिन भोसले और विश्व संवाद केंद्र के अध्यक्ष मनोहर कुलकर्णी उपस्थित थे.

समर्थ भारत पुनर्निर्माण योजना के बारे में उपक्रम के संयोजक सचिन भोसले ने कहा कि समर्थ भारत पुनर्निर्माण योजना को तीन स्तरों में विभाजित किया गया है और इसमें उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी, शिक्षा और सामाजिक जैसे विभिन्न क्षेत्रों के श्री. बाबा कल्याणी, श्री. आनंद देशपांडे, श्री. सुधीर मेहता, श्री. प्रमोद चौधरी, रितु छाबड़िया, स्वाति मुजुमदार, सुश्री लीना देशपांडे, श्री. अनिल गुजर, श्री. प्रदीप लोखंडे आदि जैसे गणमान्य व्यक्तियों की सक्रिय भागीदारी होगी. योजना के लिए त्रिस्तरीय संरचना स्थापित की गई है. योजना, निर्माण और समन्वय के लिए महानगर सुकाणू समिति, जबकि क्रियान्वयन और कार्यान्वयन के लिए कार्यकारी समिति होगी. इस त्रि-स्तरीय संरचना के साथ, यह कार्य विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों, संसाधन संगठनों, धर्मार्थ सेवा संगठनों, सामाजिक समूहों और स्थानीय स्तर पर सरकारी प्रशासन के समन्वय से किया जा रहा है. समाज के सभी व्यक्तियों, संगठनों और संस्थानों को श्रम के आवश्यक विभाजन और पारस्परिक सम्पूरकता के साथ योजना को लागू किया गया है.

यह योजना पाँच श्रेणियों में वर्गीकृत करके कार्यान्वित की जाएगी.

  1. कौशल विकास और प्रशिक्षण, 2. औद्योगिक, 3. स्वास्थ्य, 4. शिक्षा और 5. परामर्श.

आर्थिक, सामाजिक सर्वेक्षण, जरूरतमंद तत्वों और स्वयंसेवकों का पंजीकरण किया जा रहा है और इसका उद्देश्य पहली श्रेणी में लॉकडाउन खत्म होने के बाद कौशल प्रदान करने वाले संस्थानों से जुड़ना और प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करना है. आज तक 26 ऐसे संगठन जुड़े हैं. दूसरी औद्योगिक श्रेणी में रोजगार चाहने वालों को कुटीर, लघु और मध्यम उद्यमों से जोड़ने की योजना है. इस पहल में, अपनी नौकरी खो चुके 450 व्यक्तियों ने नौकरी चाहने वालों के रूप में पंजीकरण किया है, जबकि 66 कंपनियों ने श्रमिकों को काम पर रखने के लिए पंजीकरण किया है. तीसरे स्वास्थ्य समूह में स्थानीय स्वास्थ्य सुरक्षा, स्वास्थ्य प्रणाली के साथ समन्वय, प्रबोधन और कोविड केयर सेंटर जैसी गतिविधियाँ शामिल हैं. इसके तहत पहला कोविड केयर सेंटर गरवारे कॉलेज के छात्रावास में शुरू किया गया है. पुणे शहर की जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए, प्रत्येक पांच लाख की आबादी के लिए इस तरह 9 कोविड केयर सेंटर स्थापित करने की योजना है.

शिक्षा क्षेत्र में आवश्यकताओं को देखते हुए, चौथे समूह में स्क्रीनलेस शिक्षा, सह्याद्री टीवी पर तिलिमिली शैक्षिक कार्यक्रम के बारे में जागरूकता, जरूरतमंद लोगों को मोबाइल की उपलब्धता, ट्यूशन फीस और सामग्री का भुगतान करने में मदद शामिल हैं. पांचवें समूह में, कोरोना आपदा से प्रभावित नागरिकों और परिवारों के लिए परामर्श केंद्र शुरू किए गए हैं और परामर्शदाता उनके माध्यम से मानसिक, भावनात्मक सहायता प्रदान करने के लिए काम कर रहे हैं. अब तक 100 से अधिक परिवारों के 200 से अधिक नागरिकों, 400 बैंक कर्मचारियों और 200 छात्रों को 11 से अधिक महिलाओं द्वारा 63 से अधिक परामर्शदाताओं द्वारा ऑनलाइन परामर्श दिया जा चुका है.

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